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अवैध हथियारों पर हरियाणा डीजीपी क्राइम की दलीलों से हाईकोर्ट संतुष्ट नहीं, उच्चाधिकारियों को निर्देश
Fri, 06 Sep 2019 11:05 AM IST
खुशबू गोयल
विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 06 Sep 2019 11:05 AM IST
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हरियाणा में अवैध हथियारों को लेकर हरियाणा के डीजीपी क्राइम के हलफनामे को देखकर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि इन पर रोक लगाने में हरियाणा पुलिस नाकाम रही है। हलफनामे में दी गई दलीलें कोर्ट को संतुष्ट करने के लिए काफी नहीं है। अगली सुनवाई पर उच्चाधिकारी इस पर अपना पक्ष रखें। मामला रोहतक के सांपला का है, जहां कुछ बदमाशों ने शराब के ठेके पर हमला कर दिया था।
इस घटना में दो लोग बुरी तरह घायल हो गए थे और बाद में एक की मौत भी हो गई थी। इस मामले में हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार से पूछा था कि हमले में किस हथियार का प्रयोग किया गया था। इस पर बताया गया कि बदमाशों के पास देसी कट्टे थे जिनसे उन्होंने हमला किया था। कोर्ट ने हैरानी जताते हुए कहा कि राज्य में रोज इस तरह की घटनाएं घट रही हैं, लेकिन पुलिस ऐसे मामलों को लेकर गंभीर नही हैं।
कोर्ट ने कहा तीन हथियार बरामद हुए, लेकिन यह जानने का प्रयास तक नहीं किया गया कि आखिर यह आए कहां से। राज्य में इस प्रकार के अवैध हथियारों की उपलब्धता आसान होने और इनको रोकने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी हाईकोर्ट ने मांगी थी। डीजीपी क्राइम के हलफनामे पर हाईकोर्ट ने अब असंतुष्टि जताते हुए उच्चाधिकारियों को पक्ष रखने को कहा है।
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इस घटना में दो लोग बुरी तरह घायल हो गए थे और बाद में एक की मौत भी हो गई थी। इस मामले में हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार से पूछा था कि हमले में किस हथियार का प्रयोग किया गया था। इस पर बताया गया कि बदमाशों के पास देसी कट्टे थे जिनसे उन्होंने हमला किया था। कोर्ट ने हैरानी जताते हुए कहा कि राज्य में रोज इस तरह की घटनाएं घट रही हैं, लेकिन पुलिस ऐसे मामलों को लेकर गंभीर नही हैं।
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कोर्ट ने कहा तीन हथियार बरामद हुए, लेकिन यह जानने का प्रयास तक नहीं किया गया कि आखिर यह आए कहां से। राज्य में इस प्रकार के अवैध हथियारों की उपलब्धता आसान होने और इनको रोकने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी हाईकोर्ट ने मांगी थी। डीजीपी क्राइम के हलफनामे पर हाईकोर्ट ने अब असंतुष्टि जताते हुए उच्चाधिकारियों को पक्ष रखने को कहा है।
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सिर्फ एक माह की विशेष ड्राइव में पकड़े 250 हथियार
डीजीपी ने हलफनामे में बताया कि 20 मार्च 2019 से 20 अप्रैल 2019 के बीच विशेष ड्राइव चलाई गई। इस दौरान कुल 253 पिस्तौल, 449 कारतूस और 16 चाकू बरामद किए गए। हाईकोर्ट ने इस पर कहा कि केवल एक माह तक ही इसे क्यों सीमित रखा गया। ऐसी ड्राइव तो रेगुलर चलनी चाहिए।
अवैध हथियारों के मामले में स्थिति चिंताजनक
हर साल करीब ढ़ाई हजार अवैध हथियार पुलिस जब्त कर रही है। ऐसे में मौजूद हथियारों की संख्या कहीं अधिक होगी। आंकड़ों के मुताबिक 2016 में पुलिस ने 2220 हथियार व 3480 कारतूस, 2017 में 2349 हथियार व 3140 कारतूस, 2018 में 2488 हथियार व 16880 कारतूस तथा जुलाई 2019 तक 1546 हथियार व 2126 कारतूस जब्त किए गए। साढ़े तीन साल में कुल 8603 हथियार व 25626 कारतूस बरामद हुए जो चिंता का विषय है।
अवैध हथियारों के मामले में स्थिति चिंताजनक
हर साल करीब ढ़ाई हजार अवैध हथियार पुलिस जब्त कर रही है। ऐसे में मौजूद हथियारों की संख्या कहीं अधिक होगी। आंकड़ों के मुताबिक 2016 में पुलिस ने 2220 हथियार व 3480 कारतूस, 2017 में 2349 हथियार व 3140 कारतूस, 2018 में 2488 हथियार व 16880 कारतूस तथा जुलाई 2019 तक 1546 हथियार व 2126 कारतूस जब्त किए गए। साढ़े तीन साल में कुल 8603 हथियार व 25626 कारतूस बरामद हुए जो चिंता का विषय है।