मोहाली: हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को दिया आदेश, 500 करोड़ से बने विश्व स्तरीय बस स्टैंड को चालू रखने में कसर न छोड़ें
मोहाली बस स्टैंड 500 करोड़ की लागत से तैयार हुआ था और इसका उद्घाटन 2016 में किया गया था। कुछ समय तक तो यहां से बसें चलीं, लेकिन फिर यहां बसों ने रुकना बंद कर दिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मोहाली में 500 करोड़ की लागत से बने विश्व स्तरीय बस स्टैंड के चालू न होने को लेकर दाखिल जनहित याचिका का पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने निपटारा कर दिया। हाईकोर्ट में पंजाब सरकार ने कहा कि इसे शुरू कर दिया गया है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि इसे चालू रखने में कोई कमी न छोड़ी जाए। यदि कोई कमी पेश आती है तो याची सरकार के समक्ष मांगपत्र रख सकता है।
याचिका दाखिल करते हुए मोहाली निवासी राम कुमार ने एडवोकेट मुनीष भारद्वाज के माध्यम से हाईकोर्ट के समक्ष मोहाली के नए बस स्टैंड का मुद्दा रखा था। याची ने बताया था कि यह बस स्टैंड 500 करोड़ की लागत से तैयार हुआ था और इसका उद्घाटन 2016 में किया गया था। कुछ समय तक तो यहां से बसें चलीं, लेकिन फिर यहां बसों ने रुकना बंद कर दिया। प्राइवेट बस ऑपरेटर्स इस बस स्टैंड का इस्तेमाल नहीं करते, वे फेज 6 में बसें खड़ी कर देते हैं। याची ने कहा कि लोगों के टैक्स के पैसे से बने बस स्टैंड को खंडहर न होने दिया जाए, इसे ऑपरेशनल बनाया जाए।
अप्रैल 2019 के बाद कोरोना के कारण नहीं हो सकी सुनवाई
इस पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए अप्रैल 2019 को पंजाब सरकार, ट्रांसपोर्ट विभाग, डीसी, एसएसपी सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए थे। कोरोना के कारण लंबे समय तक इस याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी थी। नोटिस जारी होने के बाद बाद मंगलवार को दूसरी बार याचिका सुनवाई के लिए पहुंची थी। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से जवाब मांगा तो बताया गया कि इस बस स्टैंड को शुरू कर दिया गया है। याची ने कहा कि अब भी पूरी तरह से यह कार्य नहीं कर रहा है। इस पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को आदेश दिया कि वह इसे पूरी तरह से चालू करे। यदि कोई कमी यहां मौजूद हो तो याची सरकार को मांगपत्र सौंपे।