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हाईकोर्ट की टिप्पणी: छोटी-छोटी गलतियों से जुड़ी याचिकाएं सुनेंगे तो कोई भर्ती कभी पूरी नहीं होगी
Sat, 01 Jan 2022 03:59 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 01 Jan 2022 03:59 PM IST
सार
याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि यह मामला एचसीएस ज्यूडिशियल का है जो प्रथम श्रेणी अधिकारी की नौकरी है। इस मामले में न्यायालय से किसी मदद की उम्मीद रखना ठीक नहीं है।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एचसीएस ज्यूडिशियल के लिए आवेदन करते हुए आरक्षित वर्ग के स्थान पर सामान्य वर्ग पर क्लिक करने वाले आवेदक की श्रेणी बदलने से जुड़ी याचिका को सिरे से खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसी याचिकाएं सुनेंगे तो कोई भर्ती कभी पूरी नहीं होगी।
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याचिका दाखिल करते हुए याची ने हाईकोर्ट को बताया कि वह अनुसूचित जाति से संबंध रखता है और एचसीएस ज्यूडिशिल के लिए आवेदन करते हुए गलती से उसने सामान्य श्रेणी पर क्लिक कर दिया। याची ने कहा कि यह एक मानवीय भूल थी, ऐसे में इसमें सुधार के लिए आदेश दिया जाए। याची ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग बनाम सरला व अन्य के मामले का हवाला देते हुए कहा कि उस मामले में हाईकोर्ट ने आवेदन में गलती को मानवीय भूल को करार देते हुए आवेदकों के पक्ष में फैसला सुनाया था।
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हाईकोर्ट ने कहा कि इस तरह के मामले में यदि सुनवाई होने लगी तो कोई भर्ती कभी पूरी नहीं होगी। न्यायालय ने कहा कि उस मामले में आंगनबाड़ी वर्कर पद के लिए आवेदन किया गया था और वह भी एक गांव की महिला द्वारा। उस मामले में कंप्यूटर सेंटर से आवेदन किया गया था। यह मामला एचसीएस ज्यूडिशियल का है जो प्रथम श्रेणी अधिकारी की नौकरी है। इस मामले में न्यायालय से किसी मदद की उम्मीद रखना ठीक नहीं है।
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