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ग्रुप डी: सामाजिक-आर्थिक आधार के पांच अंकों पर रोक... 13,536 पदों पर होनी है भर्ती; जानें पूरा मामला
Thu, 28 Dec 2023 11:31 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 28 Dec 2023 11:31 AM IST
सार
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने ग्रुप डी में सामाजिक-आर्थिक आधार के अंकों के लाभ पर रोक लगा दी है। हरियाणा में ग्रुप डी में 13,536 पदों पर भर्ती होनी है। सामाजिक-आर्थिक आधार पर अंकों को याचिका में एक प्रकार का आरक्षण बताया है।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा में ग्रुप-डी के 13,536 पदों पर की जा रही भर्ती में सामाजिक व आर्थिक आधार पर दिए जाने वाले 5 अंकों के लाभ पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही याचिका पर हरियाणा सरकार व अन्य प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
जस्टिस दीपक सिब्बल पर आधारित खंडपीठ में याचिका दाखिल करते हुए वरुण भारद्वाज ने एडवोकेट सार्थक गुप्ता के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि हरियाणा में ग्रुप-डी के 13536 पदों को भरने के लिए कर्मचारी चयन आयोग ने विज्ञापन निकाला था।
इस विज्ञापन के अनुसार, कुल 100 अंकों में से 95 अंक परीक्षा के जोड़े जाएंगे और 5 अंकों का लाभ सामाजिक व आर्थिक आधार पर दिया जाएगा। याची ने कहा कि ऐसा करना एक तरह से आरक्षण देने जैसा है और विभिन्न जातियों व वर्गों को पहले ही आरक्षण का लाभ दिया जा चुका है।
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इस प्रकार इन अंकों का लाभ देकर एक नया वर्ग तैयार करना संविधान के खिलाफ है। इसके साथ ही सामाजिक व आर्थिक आधार पर अंकों का लाभ देते हुए यह शर्त रखी गई है कि परिवार में किसी के पास सरकारी नौकरी नहीं होनी चाहिए। याची ने कहा कि व्यक्ति को खुद एक यूनिट समझकर किसी भी लाभ के लिए पात्र माना जाना चाहिए न की पूरे परिवार को।
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जस्टिस दीपक सिब्बल पर आधारित खंडपीठ में याचिका दाखिल करते हुए वरुण भारद्वाज ने एडवोकेट सार्थक गुप्ता के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि हरियाणा में ग्रुप-डी के 13536 पदों को भरने के लिए कर्मचारी चयन आयोग ने विज्ञापन निकाला था।
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इस विज्ञापन के अनुसार, कुल 100 अंकों में से 95 अंक परीक्षा के जोड़े जाएंगे और 5 अंकों का लाभ सामाजिक व आर्थिक आधार पर दिया जाएगा। याची ने कहा कि ऐसा करना एक तरह से आरक्षण देने जैसा है और विभिन्न जातियों व वर्गों को पहले ही आरक्षण का लाभ दिया जा चुका है।
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इस प्रकार इन अंकों का लाभ देकर एक नया वर्ग तैयार करना संविधान के खिलाफ है। इसके साथ ही सामाजिक व आर्थिक आधार पर अंकों का लाभ देते हुए यह शर्त रखी गई है कि परिवार में किसी के पास सरकारी नौकरी नहीं होनी चाहिए। याची ने कहा कि व्यक्ति को खुद एक यूनिट समझकर किसी भी लाभ के लिए पात्र माना जाना चाहिए न की पूरे परिवार को।
अर्पित गहलावत मामले का दिया उदाहरण
इसके साथ ही यह भी बताया गया कि सामाजिक व आर्थिक आधार पर अंकों का लाभ केवल हरियाणा के डोमिसाइल वालों तक के लिए सीमित किया गया है और ऐसा करके सरकार ने अन्य राज्यों के ऐसे आवेदकों को दौड़ से बाहर कर दिया जो इस वर्ग के तहत योग्य थे।
इसके साथ ही यह भी बताया गया कि सामाजिक व आर्थिक आधार पर अंकों का लाभ केवल हरियाणा के डोमिसाइल वालों तक के लिए सीमित किया गया है और ऐसा करके सरकार ने अन्य राज्यों के ऐसे आवेदकों को दौड़ से बाहर कर दिया जो इस वर्ग के तहत योग्य थे।
याची ने बताया कि अर्पित गहलावत मामले में हाईकोर्ट इन अंकों का लाभ देने पर पहले ही रोक लगा चुका है। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अब ग्रुप डी की भर्ती में इन अंकों का लाभ देने पर रोक लगा दी है।