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सामूहिक दुष्कर्मः सात दरिंदो की फांसी की सजा बरकरार, कोर्ट ने कहा-मौत से बड़ी सजा होती तो वो भी देते

Wed, 20 Mar 2019 12:19 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 20 Mar 2019 12:19 AM IST
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Punjab & Haryana HC Death Penalty to seven people
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo

दुष्कर्म कर युवती की हत्या करने वाले 7 लोगों को सुनाई गई मौत की सजा के आदेश के खिलाफ दाखिल अपील पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज करते हुए सातों को फांसी चढ़ाने के आदेश जारी किए हैं। अपने आदेश में कोर्ट ने कहा कि अगर इनको मौत से कम सजा हुई तो यह मृतका के साथ अन्याय होगा। ऐसे लोगों के लिए समाज में कोई जगह नहीं है।

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अगर मौत से बढ़कर कोई सजा सुनाई जा सकती तो हम उसको देते। हालांकि आरोपियों की संपत्ति बेच 50 लाख रुपये के जुर्माने की वसूली करना मृतका के परिजनों के साथ इंसाफ होगा। हाईकोर्ट के जस्टिस एबी चौधरी पर आधारित खंडपीठ ने इस मामले को दुर्लभ में अति दुर्लभ मानते हुए कहा कि आरोपियों के लिए हमारे पास रहम नहीं है।
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घटना फरवरी 2015 की है जब एक मनोरोगी युवती घर से गायब हो गई थी। युवती नेपाल की थी जिसे उसकी बहन इलाज के लिए लाई थी। तीन दिन बाद गांव के नागरिक को खेत मे शव मिला जिसे कुत्ते आधा खा चुके थे। पुलिस को सूचना दी गई तो उन्होंने शव का पोस्टमार्टम करवाया। उसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई। पुलिस ने जांच शुरू की तो पदम को गिरफ्तार किया गया। 

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Punjab & Haryana HC Death Penalty to seven people
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo

इसके अगले दिन सोमवीर ने दिल्ली में आत्महत्या कर ली। मामले की जांच और ट्रायल तेजी से चला और दिसंबर 2015 में सातों आरोपियों को दोषी मानते हुए जिला अदालत ने उन्हें मौत की सजा सुनाई। इसके साथ ही सभी पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। इस आदेश के खिलाफ सातों ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल कर दी। इस मामले में बहस के दौरान हरियाणा सरकार ने इस केस की तुलना दिल्ली के निर्भया दुष्कर्म से करते हुए जजमेंट की कॉपी हाईकोर्ट में पेश की। 

जुर्माना 50 हजार से बढ़ाकर 50 लाख किया
हाईकोर्ट ने सातों दोषियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए अपना फैसला मंगलवार को सुनाया। अपने फैसले में हाईकोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने मौत की जो सजा सुनाई है, उसे यदि हम बढ़ा सकते तो बढ़ा देते। लेकिन इससे बड़ी सजा नहीं है। लेकिन आरोपियों पर लगे जुर्माने को बढ़ाने का अधिकार हमारे पास है। 

Punjab & Haryana HC Death Penalty to seven people
सांकेतिक तस्वीर

हाईकोर्ट ने जुर्माना राशि को 50 हजार से बढ़ाकर 50 लाख करने के आदेश देते हुए डीसी रोहतक को आरोपियों की संपत्ति अटैच करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि इनकी संपत्ति बेच 50 लाख रुपये वसूले जाएं, जिसमें से 25 लाख हरियाणा सरकार को तथा 25 लाख पीड़िता की बहन को सौंपा जाए। जब पीड़िता की बहन आरोपियों की संपत्ति बिकते देखेगी तो शायद उसे कुछ सुकून और इंसाफ की अनुभूति मिल सके।

शरीर के नहीं, पर आत्मा के घाव मौत की सजा से भरेंगे
रोहतक सेशन कोर्ट ने आरोपियों को दोषी मान मौत की सजा सुनाते हुए कहा था कि हमारी सभ्यता आगे बढ़ गई है लेकिन हम दिमागी रूप से आज भी बहुत पीछे हैं। कोर्ट पीड़िता के शरीर के घाव तो नहीं भर सकती, लेकिन फैसले से उसकी आत्मा के घाव मिटाने का प्रयास किया गया है।

 भविष्य में भी ऐसे जुर्म के दोषियों से अदालत सख्ती से निपटेगी। यह घटना समाज के लिए शर्मनाक है। इन टिप्पणियों के साथ ही पवन, प्रमोद उर्फ पदम, सरवर उर्फ बिल्लू, मनबीर उर्फ मन्नी, सुनील उर्फ मिढ्ढा, सुनील उर्फ शीला और राजेश उर्फ घुचडू के लिए अदालत ने मौत की सजा तय कर दी।

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