Punjab Budget 2024: 2200 करोड़ से 1706 गांवों में पहुंचेगा स्वच्छ पेयजल, चार शहरों में चलाई जाएंगी ई-बसें
पंजाब सरकार गांवों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाएगी। योजना के तहत 1706 गांव को कवर किया जाएगा। इस पर 2200 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। इसी प्रकार चार शहरों जालंधर, अमृतसर, लुधियाना और पटियाला में ई-बसें चलाने का एलान बजट में किया गया है।
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पंजाब सरकार ने बजट में ग्रामीण क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल पहुंचाने और शहरी क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूती को प्राथमिकता दी है। गांवों में पानी की गुणवत्ता में सुधार लाने और खामियों को दूर करने के लिए 2200 करोड़ रुपये की राशि से 15 बड़ी बहु ग्राम जल आपूर्ति योजनाओं को इसी साल पूरा किया जाएगा और इससे प्रदेश के 1706 गांव कवर किए जाएंगे। इसी प्रकार, शहरी क्षेत्र में परिवहन को सुगम बनाने के लिए चार शहरों जालंधर, अमृतसर, लुधियाना और पटियाला में ई-बसें चलाई जाएंगी।
पंजाब सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), मौजूदा बुनियादी ढांचे की मजबूती और सतही जल आधारित योजना की स्थापना के लिए इस साल कुल 1549 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके तहत गांवों में स्वच्छता अभियान को बढ़ावा दिया जाएगा, साथ ही सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आईआईटी मद्रास एडसार्पशन तकनीक का इस्तेमाल करने के लिए आर्सेनिक और आयरन रिमूवल प्लांट (एआईआरपी) विभिन्न जिलों के 685 गांवों में लगाए गए हैं। साथ ही 170 सीमावर्ती गांवों में घरेलू प्यूरिफायर और सामुदायिक जल शोधन प्लांट वितरित किए और लगाए गए हैं। इस प्रोजेक्ट पर करीब 133 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
6289 करोड़ से होगा शहरी विकास, वंचितों को मिलेंगे पक्के मकान
पंजाब सरकार ने शहरी स्थानीय निकाय विभाग को 6289 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। बजट में आप सरकार ने वंचित परिवारों को पक्का मकान देने का वादा दोहराया है। 2023-24 में 225 करोड़ से 30 हजार घरों का निर्माण पूरा हो चुका है। शेष घरों को बनाने के लिए 510 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया है।
अमरूत (अटल नवीनीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन) योजना के लिए सरकार ने 394 करोड़ रुपये का बजट रखा है। इसके अलावा, स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, पंजाब म्युनिसिपल डेवलपमेंट फंड के लिए 538 करोड़ रुपये रखे हैं। शहरी क्षेत्र में बुनियादी ढांचा विकास कोष (यूडीआईएफ) के तहत सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने, शहरी पार्क, लैजर वैली और राष्ट्रीय आवास बैंक की सहायता से जल आपूर्ति में वृद्धि के लिए 322 करोड़ का प्रावधान किया है। जल संसाधन, जल आपूर्ति एवं स्वच्छता, शहरी स्थानीय सरकार और जन तक के कार्य पीआईडीबी द्वारा शुरू किए जाने वाले बुनियादी प्रोजेक्टों के लिए 900 करोड़ का अतिरिक्त राशि रखी गई है।
इससे पहले, 2023-24 साल में 148 यूएलबी में से 79 में पुराने कचरे का निष्तारण कार्य पूरा हो चुका है, 31 मार्च 2026 तक शेष 69 यूएलबी को हल किया जाएगा। शहरी स्थानीय क्षेत्रों में विकास के लिए 6289 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
2695 करोड़ से मजबूत होंगी सड़कें
सड़कों और पुलों के लिए 2695 करोड़ रुपये की राशि रखी गई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत इस साल 600 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जबकि 2023-24 के दौरान 400 करोड़ की लागत से 805 किलोमीटर सड़कों और चार पुलों का निर्माण हो चुका है। सीआरआईएफ योजना के तहत 40 करोड़ की लागत से 22 किलोमीटर सड़क को अपग्रेड किया है। राज्य योजना के तहत 199 करोड़ से 176 किलोमीटर सड़क को अपग्रेडेशन का कार्य पूरा किया जा चुका है।
श्री आनंदपुर साहिब में चार गावों के बीच 30 करोड़ से बनेंगे पुल
वित्त मंत्री ने सदन ने कहा कि आजादी के 75 साल बाद भी श्री आनंदपुर साहिब के कई गांवों में आज भी कनेक्टिविटी नहीं है। आप सरकार इन गांवों में आवागमन को सुगम बनाने के लिए 30 करोड़ रुपये से पुलों का निर्माण कराएगी। इन गांवों में खेड़ा कल्मोट, भल्लाड़ी एवं बेला ध्यानी और अजौली के बीच पुल बनाए जाने हैं।