{"_id":"63634b7303e4db6c1b13f09f","slug":"punjab-government-will-have-to-take-noc-from-army-for-mining-in-area-of-five-kilometers-on-indo-pak-border","type":"story","status":"publish","title_hn":"Punjab: सीमा पर पांच किमी के क्षेत्र में खनन के लिए सेना से लेना होगा एनओसी, पंजाब के राजस्व को लगेगा झटका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Punjab: सीमा पर पांच किमी के क्षेत्र में खनन के लिए सेना से लेना होगा एनओसी, पंजाब के राजस्व को लगेगा झटका
Thu, 03 Nov 2022 10:32 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 03 Nov 2022 10:32 AM IST
सार
सेना ने पंजाब सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि बॉर्डर पर खनन गतिविधियों से सेना के रक्षा कार्य प्रभावित हो रहे हैं। लिहाजा बॉर्डर के पांच किलोमीटर क्षेत्र में खनन के खास मामलों में ही सेना के एनओसी के बाद ही अनुमति मिलेगी।
विज्ञापन
खनन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत-पाक सीमा पर पांच किलोमीटर के क्षेत्र में खनन के लिए अब सरकार को सेना से एनओसी लेना होगा। भारतीय सेना और बीएसएफ ने इस संबंधी पंजाब सरकार को पत्र लिखा है। पत्र के बाद पंजाब सरकार ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में हलफनामा दायर किया है। भारतीय सेना ने नए नियम को सरकार की खनन नीति की शर्तों में शामिल करने के लिए भी कहा है। पत्र के जरिये सेना ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर खनन गतिविधियों से रक्षा कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
विज्ञापन
सेना के इस निर्देश के बाद अगर यह नियम लागू होता है तो पंजाब सरकार के राजस्व को बड़ा झटका लगेगा। सरकार सीमांत जिलों में 16 खनन साइटों पर माइनिंग से जुड़ी गतिविधियां करवाती है। हालांकि हाईकोर्ट के आदेश के बाद 28 अगस्त से खनन पर प्रतिबंध लगाया गया है।
विज्ञापन
भारत-पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पांच किलोमीटर के दायरे में खनन के लिए पंजाब सरकार को भारतीय सेना से मंजूरी लेनी होगी। सेना ने इस बाबत सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि बॉर्डर पर खनन गतिविधियों से सेना के रक्षा कार्य प्रभावित हो रहे हैं। लिहाजा बॉर्डर के पांच किलोमीटर क्षेत्र में खनन के खास मामलों में ही सेना के एनओसी के बाद ही अनुमति मिलेगी।
विज्ञापन
पंजाब में अवैध खनन को लेकर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से लंबित मामले में पंजाब के प्रधान सचिव (जल संसाधन, खनन और भूविज्ञान विभाग) कृष्ण कुमार को पत्र भेजा गया था। पश्चिमी कमान की ओर से 19 अक्तूबर 2022 को जारी पत्र में इस बात का हवाला दिया गया है।
पश्चिमी कमान के कर्नल, जनरल स्टाफ (ऑपरेशंस) अनिंद्य चटर्जी की ओर से लिखे गए पत्र में कहा गया कि पंजाब में सीमा पर पांच किमी के भीतर कोई भी खनन गतिविधि केवल एनओसी हासिल करने के बाद ही की जा सकती है। यह एनओसी किसी ऐसे अधिकारी के जरिये जारी होनी चाहिए जो भारतीय सेना के ब्रिगेडियर या सीमा सुरक्षा विशेष बल के समकक्ष अधिकारियों का रैंक रखता हो।
सरकार ने हाईकोर्ट से छह खनन साइटों की मांगी अनुमति
वहीं, पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट से सीमा पर खनन को लेकर अनुरोध किया है। इसमें कहा गया है कि सीमा पर 16 खनन स्थलों में से छह में खनन करने की अनुमति दी जाए, ताकि राज्य में विकास कार्य बाधित न हों। 28 अगस्त से पंजाब में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर खनन गतिविधियों पर हाईकोर्ट का प्रतिबंध लगा हुआ है। पंजाब के तीन सीमांत जिलों पठानकोट (11 साइट), गुरदासपुर (3 साइट) और अमृतसर (2 साइट) में खनन होता है। वहीं, जल संसाधन, खनन और भूविज्ञान विभाग के प्रधान सचिव कृष्ण कुमार का कहना है कि हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट सौंपी गई है। सरकार ने छह साइटों पर खनन की अनुमति मांगी है।