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कैबिनेट बैठक: चुनाव से पहले पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, जानिए क्या?

Tue, 27 Sep 2016 01:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 27 Sep 2016 01:00 PM IST
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Punjab government's Big decision before elections
Punjab Cabinate - फोटो : File Photo
पंजाब कैबिनेट की अहम बैठक सोमवार को देर शाम हुई। इसमें आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए कई बड़े फैसले लिए गए। पंजाब पिछड़ा वर्ग आयोग की सिफारिश पर पंजाब सरकार ने गोसाईं, गोस्वामी, यादव, अहीर और रबारी समुदाय को पिछड़े वर्ग में शामिल कर लिया है। यह फैसला सोमवार को मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की अध्यक्षता में कैबिनेट की हुई बैठक में लिया गया। 
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सरकारी प्रवक्ता के अनुसार सरकार ने पिछड़े वर्ग में शामिल समुदाय की सूची को संशोधन करने की हरी झंडी दे दी, ताकि इन समुदायों को इसमें शामिल किया जा सके। एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में उप तहसील अहमदगढ़ (संगरूर) को अपग्रेड करते हुए तहसील का दर्जा दे दिया गया। तहसील कार्यालय अहमदगढ़ में ही होगा। इसके अलावा अजीतवाल और सामलसर को भी अपग्रेड कर सब तहसील का दर्जा दे दिया गया है। 
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कैबिनेट ने बैठक में लगाई मुहर, अहमदगढ़ को तहसील का दर्जा

Punjab government's Big decision before elections
पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल - फोटो : फाइल फोटो
कैबिनेट ने खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री आदेश प्रताप सिंह कैरों और वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा से युक्त कैबिनेट सब कमेटी की सिफारिशों को हरी झंडी दे दी, जिसमें विरासत खाद्य ऋण खाते के पटाक्षेप की बात कही गई। विवेचना के बाद सब कमेटी ने सिफारिश में कहा कि 20 सितंबर 2016 को स्टेट बैंक आफ इंडिया ने अपनी बैठक में कुछ शर्तों को पारित किया है, जिसके तहत ऋण ब्याज 9.26 से घटाकर 8.25 फीसदी करने का फैसला लिया गया।

कैबिनेट ने 40 लाख ब्लू कार्ड होल्डर की भगत पूरण सिंह स्वास्थ्य बीमा योजना को 31 अक्तूबर 2017 तक बढ़ा दिया है। यह योजना 31 अक्तूबर 2016 को समाप्त हो रही थी। वर्तमान में 24.72 लाख लोग इसका लाभ उठा रहे हैं। पर्याप्त चिकित्सा सुविधा मुहैया करवाने के लिए सरकार ने सिविल डिस्पेंसरी भोगपुर को प्राइमरी हेल्थ सेंटर का दर्ज दे दिया गया। 

गन्ना किसानों को राहत
प्राइवेट चीनी मिलों से गन्ना किसानों के बकाया 213 करोड़ रुपये की वसूली सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसानों को उनका बकाया मिल सके। चूंकि किसानों को भुगतान किया जाना है, इसलिए सरकार ने शेष 112  करोड़ रुपये स्टाप गैप व्यवस्था के तहत देने का फैसला लिया है।
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