Punjab Government decision: पंजाब में अवैध कॉलोनियों में प्लॉट व मकानों की रजिस्ट्री पर प्रतिबंध
पंजाब सरकार ने अपने आदेश में दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई का संकेत भी दिया। सरकार ने कहा कि अवैध/अनधिकृत कॉलोनियों का इस तरह बढ़ना सरकारी तंत्र की निष्क्रियता और लापरवाही के बिना नहीं हो सकता।
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पंजाब सरकार ने राज्य में सभी तरह की अनधिकृत कॉलोनियों में काटे गए प्लॉट और बनाए गए मकानों की खरीद बिक्री संबंधी रजिस्ट्रेशन (रजिस्ट्री) पर प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार के राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से बुधवार को अनधिकृत कॉलोनियों के प्लॉट और मकानों की रजिस्ट्री पर रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया। आदेश में कहा गया है कि पंजाब अनधिकृत और अवैध कॉलोनियों की गंभीर समस्या का सामना कर रहा है, जो कि राज्य भर में कुकुरमुत्ते की तरह उभर आई है और जिसका परिणाम बेतरतीब शहरीकरण के रूप में सामने आ रहा है।
इन अवैध और अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को बिजली, सड़क, पेयजल, सीवरेज व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल पातीं। इस धोखाधड़ी का एक काला सच यह भी है कि अपने पूरे जीवन की कमाई खर्च कर इन कॉलोनियों में प्लॉट या मकान खरीदने वाले लोगों को संबंधित प्लॉट या मकान का अधिकृत कब्जा भी नहीं मिल पाता। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि अवैध कॉलोनाइजर ऐसी जमीनों पर कॉलोनियां काटकर बेच देते हैं जिनका उपयोग गलियां, पार्क और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए किया जाना था। आदेश में पंजीकरण अधिनियम की विभिन्न धाराओं का भी हवाला दिया गया है, जिसमें कहा गया है कि ऐसी संपत्तियों का पंजीकरण नहीं किया जा सकता है।
दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई के संकेत
इस आदेश में दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई का संकेत देते हुए यह भी कहा गया है कि ‘अवैध/अनधिकृत कॉलोनियों का इस तरह बढ़ना सरकारी तंत्र की निष्क्रियता और लापरवाही के बिना नहीं हो सकता। राजस्व विभाग, स्थानीय सरकार विभाग, आवास और शहरी विकास विभाग का कोई भी अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों के बढ़ने के बारे में अनभिज्ञता का बहाना नहीं बना सकता है।’