{"_id":"599d621f4f1c1b9f128b45c2","slug":"punjab-formar-cm-harcharan-singh-brar-daughter-filed-petition-in-highcourt-for-foreign-dog","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पूर्व CM की बेटी विदेशी कुत्ता पालना चाहती है, हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्व CM की बेटी विदेशी कुत्ता पालना चाहती है, हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 23 Aug 2017 04:43 PM IST
विज्ञापन
विदेशी कुत्ता
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व मुख्यमंत्री की बेटी विदेश से कुत्ता लाकर पालना चाहती है, लेकिन पाबंदी के चलते संभव नहीं हो रहा। इसलिए उसने अब हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री हरचरण सिंह बराड़ की बेटी ने विदेशी कुत्तों के आयात पर डाइरेक्टर जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड्स द्वारा गत वर्ष 24 अप्रैल को नोटिफिकेशन के माध्यम से लगाई गई पाबंदी को चुनौती दी है।
याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को 30 सितंबर तक जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं। पंजाब के पूर्व मुख्य मंत्री हरचरण सिंह बराड़ की चंडीगढ़ निवासी बेटी बबली बराड़ ने एडवोकेट नवकिरण सिंह के माध्यम से दायर याचिका में बताया है कि, उनका कुत्तों से बेहद लगाव है। उनके पास पहले ही चार पालतू कुत्ते हैं और वे अब विदेशों से शुद्ध नस्ल के कुत्ते लाना चाहती हैं। कुत्ता लाने के लिए लाइसेंस की आवश्यकता होती है और याची ने बाकायदा इसके लिए आवेदन किया था।
विज्ञापन
याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को 30 सितंबर तक जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं। पंजाब के पूर्व मुख्य मंत्री हरचरण सिंह बराड़ की चंडीगढ़ निवासी बेटी बबली बराड़ ने एडवोकेट नवकिरण सिंह के माध्यम से दायर याचिका में बताया है कि, उनका कुत्तों से बेहद लगाव है। उनके पास पहले ही चार पालतू कुत्ते हैं और वे अब विदेशों से शुद्ध नस्ल के कुत्ते लाना चाहती हैं। कुत्ता लाने के लिए लाइसेंस की आवश्यकता होती है और याची ने बाकायदा इसके लिए आवेदन किया था।
विज्ञापन
24 अप्रैल के नोटिफिकेशन का हवाला देते हुए खारिज किया लाइसेंस
court
- फोटो : demo pic
याचिकाकर्ता ने बताया कि 9 दिसंबर 2015 को उन्हें लाइसेंस जारी भी किया गया था। इस लाइसेंस की अवधि 18 महीने की थी। याची द्वारा विदेशी शुद्ध नस्ल के कुत्ते को लाने के लिए आवेदन किया गया था जिसे डाइरेक्टर जनरल ऑफ़ फॉरेन ट्रेड्स द्वारा की गत वर्ष 24 अप्रैल को नोटिफिकेशन का हवाला देते हुए खारिज कर दिया गया। हाईकोर्ट को याचिकाकर्ता ने बताया कि, वह न तो विदेशी कुत्तों का व्यवसाय करती है और ना ही विदेशी कुत्तों की ब्रीडिंग का व्यवसाय।
वह विदेश से शुद्ध नस्ल के एक कुत्ते के बच्चे को पालने के लिए लाना चाहती थी। याचिकाकर्ता के अनुसार इस नोटिफिकेशन में पालतू कुत्तों को विदेशों से आयात करने पर कोई पाबन्दी नाही है। सिर्फ व्यवसाय के लिए विदेशी कुत्तों के आयात पर पाबन्दी लगाई है। बावजूद इसके उन्हें पालतू कुत्ते के आयात की इजाजत नहीं दी गई। जबकि इसी दौरान एक अन्य व्यक्ति को इसकी इजाजत दे दी गई।
वह विदेश से शुद्ध नस्ल के एक कुत्ते के बच्चे को पालने के लिए लाना चाहती थी। याचिकाकर्ता के अनुसार इस नोटिफिकेशन में पालतू कुत्तों को विदेशों से आयात करने पर कोई पाबन्दी नाही है। सिर्फ व्यवसाय के लिए विदेशी कुत्तों के आयात पर पाबन्दी लगाई है। बावजूद इसके उन्हें पालतू कुत्ते के आयात की इजाजत नहीं दी गई। जबकि इसी दौरान एक अन्य व्यक्ति को इसकी इजाजत दे दी गई।