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कोरोना काल में नाप-तौल विंग से बढ़ी पंजाब की 27 प्रतिशत आय, मंत्री ने बताया लेखा जोखा
Mon, 04 Jan 2021 05:13 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 04 Jan 2021 05:13 PM IST
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चंडीगढ़ में पत्रकारों से बात करते पंजाब के मंत्री भारत भूषण आशु।
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब के खाद्य एवं सिविल सप्लाई विभाग ने कोरोना काल में पिछले सालों के मुकाबले रिकार्ड वृद्धि दर्ज की है। विभाग की नाप-तौल विंग के जरिए आय में 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। विंग के प्रयासों को देखते हुए अब विभाग इसे टच-फ्री करने जा रहा है ताकि विभागीय कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाया जा सके। यह जानकारी पंजाब के खाद्य एवं सिविल सप्लाई मंत्री भारत भूषण आशु ने चंडीगढ़ में दी।
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चंडीगढ़ स्थित आवास में भूषण ने अपने विभाग का लेखा-जोखा रखा। उन्होंने बताया कि विभाग की आय नाप-तौल विंग के द्वारा बढ़ाने का फैसला किया गया था। विभाग के इस विंग की तरफ से अब तक पिछले साल की अपेक्षा इस साल 27 प्रतिशत अधिक आय वृद्धि दर्ज की गई है। विभाग की तरफ से आय में यह वृद्धि कोरोना के दौरान पैदा हुए हालातों में दर्ज की गई है। अब विंग की तरफ से सभी कार्य पारदर्शी करने के लिए टचफ्री बनाने के लिए यत्न शुरू कर दिए गए हैं।
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उन्होंने बताया कि नाप-तौल विंग की तरफ से लीगल मैट्रोलॉजी एक्ट 2009 और लीगल मैट्रोलॉजी (पैकेज्ड कोमोडटी) रूल्ज, 2011 संबंधी सभी सेवाएं ऑनलाइन मुहैया करवाई जा रही हैं। 2021 के लिए विभाग के एजंडे को तय करते हुए आशु ने कहा कि इस साल राष्ट्रीय खाद्य अधिनियम के लाभार्थियों को आगामी वितरण सीजन के दौरान मिलने वाले राशन की मात्रा के बारे में अवगत करवाने के लिए कस्टमाइज्ड एसएमएस भेजने की सेवा शुरू करने का प्रस्ताव है जिससे संबंधित परिवार अपनी मर्जी के डिपो से समय पर राशन हासिल कर सके।
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कैबिनेट मंत्री ने बताया कि आगामी रबी सीजन के दौरान 132 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य निश्चित किया गया है। इसी तरह विभाग स्टैंडर्डाइजेशन टेस्टिंग और क्वालिटी सर्टिफिकेशन के लिए 350 उपकरण खरीदेगा जो राज्य के सेवा केंद्रों में स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा 300 टैबलेट्स भी खरीदे जा रहे हैं जो राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में लगाए जाएंगे जिससे प्रत्येक नवजात बच्चे का आधार कार्ड एनरोलमैंट किया जा सके।
कोरोना काल के बीच सरकार की ओर से 202.78 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हुई। खरीद सीजन 2020-21 के दौरान राज्य में 2136 अतिरिक्त खरीद केंद्र स्थापित किए गए थे, जिसके चलते राज्य में कुल खरीद केंद्रों की संख्या बढ़कर 4006 हो गई थी। रबी सीजन के दौरान 127.11 लाख मीट्रिक टन गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद की गई, जिससे 10 लाख से अधिक किसानों को लाभ पहुंचा।
9.5 लाख परिवारों को मुफ्त राशन
स्टेट स्पांसर्ड राशन कार्ड स्कीम के अधीन सरकार की तरफ से 237200 परिवारों के (4 सदस्य आधारित परिवार) के 9,48,801 लाभार्थी परिवारों को राशन मुहैया करवाया जाएगा और यह स्कीम शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि इस स्कीम का लाभ उन लाभार्थियों को मिलेगा जो किसी कारण राष्ट्रीय खाद्य अधिनियम, 2013 अधीन लाभार्थी नहीं बन सके थे। स्टेट स्पांसर्ड राशन कार्ड स्कीम पर पंजाब सरकार साल के 120 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
भरे जाएंगे खाली पड़े पद
आशु ने बताया कि पंजाब सरकार की तरफ से सरकारी राशन डिपुओं के खाली पड़े 7219 पदों को भरने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है जिनमें से 6232 पद ग्रामीण और 987 पद शहरी क्षेत्र से सम्बन्धित हैं। पारदर्शिता और कुशलता को यकीनी बनाने के मद्देनजर राशन डिपुओं के लाइसेंस आरसीएमएस (राशन कार्ड मैनेजमेंट सिस्टम) पोर्टल के द्वारा ऑनलाइन जारी किए जाएंगे।