राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वे पर सवाल: पंजाब के शिक्षा मंत्री बोले- यह फर्जी आंकड़े, जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग
पंजाब के शिक्षामंत्री ने कहा कि विभाग की अलग अलग बैठकों में हिस्सा लेने पर उन्हें पता चला है कि अभी तक स्कूलों के शिक्षकों पर बेसलाइन असेसमेंट के साथ खिलवाड़ करने का दबाव डाला जाता रहा है।
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राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वे पर पंजाब के शिक्षा मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने एक नेता के रूप में सर्वे के आंकड़ों को फर्जी बताते हुए कहा है कि जमीनी हकीकत बिल्कुल इसके उलट है। उन्होंने कहा कि वह राष्ट्रीय सर्वेक्षण में पंजाब के पहले स्थान पर रहने के लिए शिक्षक और छात्र बधाई के पात्र हैं, लेकिन सर्वे के कुछ आंकड़ों पर शिक्षा मंत्री के रूप में उन्हें आपत्ति है।
नई सरकार में शिक्षा विभाग संभालने के बाद के अनुभव साझा करते हुए हेयर ने कहा कि अभी तक पंजाब में अच्छी शिक्षा के बजाय, संख्या बढ़ाने के खेल में ज्यादा काम किया है। विभाग की अलग अलग बैठकों में हिस्सा लेने पर उन्हें पता चला है कि अभी तक स्कूलों के शिक्षकों पर बेसलाइन असेसमेंट के साथ खिलवाड़ करने का दबाव डाला जाता रहा है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि स्कूलों के निरीक्षण के दौरान कुछ ऐसे छात्र मिले जो सिर्फ किताब की एक पंक्ति पढ़ सकते हैं, लेकिन उन्हें 60 प्रतिशत से ज्यादा अंक मिले हैं। हालांकि अभी सरकार के पास स्कूलों की जमीनी हकीकत को लेकर कोई प्रमाणिक रिपोर्ट नहीं है, लेकिन जल्द ही जल्द ही वास्तविकता का पता चल जाएगा। मीत हेयर ने कहा है कि यह कहना ठीक नहीं होगा कि राज्य के स्कूलों को सुधारने में शिक्षक प्रयास नहीं कर रहे हैं। कुछ स्कूलों में शिक्षक अपने स्तर पर संचालन कर रहे हैं। यहां तक कि वह स्कूल परिसर की खुद ही सफाई कर रहे हैं। कुछ हमारे पास स्कूलों के अच्छे उदाहरण भी हैं, लेकिन इसके बाद भी शिक्षा के क्षेत्र में बड़े स्तर पर सुधार की आवश्यकता है।
सर्वे में सिर्फ 3656 स्कूलों का मूल्यांकन
पंजाब में लगभग 19500 स्कूल हैं। हाल ही में जारी हुए राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वे में पंजाब के सिर्फ 3656 स्कूलों का ही मूल्यांकन किया गया। सर्वे की यह प्रक्रिया भी कई सवाल खड़े कर रही है। डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम देव सिंह ने ईटीटी शिक्षकों के 29,941 पदों में से कम से कम 15,000 पद खाली हैं। ऐसे में सर्वे के आंकड़ों पर सवाल उठना लाजिमी है।
नहीं की गई कोई भर्ती
पंजाब के मिडिल और हाई स्कूलों में भी हालात बेहद खराब हैं। पिछली सरकार द्वारा शुरू की गई प्री-प्राइमरी कक्षाओं के लिए कोई विशेष भर्ती नहीं की गई थी। ऐसे में बड़े स्तर पर पंजाब में शिक्षा के सुधार के लिए कई बड़े अहम फैसलों का लिया जाना बेहद जरूरी है।