पंजाब में सख्ती: पुलिस विभाग को रंधावा के निर्देश, दूसरे राज्यों से पंजाब में चावल के अवैध आयात को रोकें
पुलिस विभाग को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि दूसरे राज्यों से चावल और धान के अवैध आयात को पंजाब में प्रवेश न करने दिया जाए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
धान के सीजन की शुरुआत के साथ ही पंजाब के उप मुख्यमंत्री व गृहमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने दूसरे राज्यों से पंजाब की मंडियों में बिक्री के लिए अवैध तरीके से लाए जा रहे धान और चावल का प्रवेश रोकने के लिए पुलिस विभाग को सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं।
यह भी पढ़ें - पंजाब: सिद्धू बोले- मेरे पास कोई पद हो या न हो, हमेशा दूंगा राहुल और प्रियंका गांधी का साथ
रंधावा ने शनिवार को सभी जिला पुलिस प्रमुखों से कहा कि पंजाब के साथ लगते राज्यों से पंजाब आने वाले चावल और धान को रोकने के लिए सभी मुख्य सड़कों और लिंक सड़कों पर दिन-रात नाकेबंदी कर वाहनों की चेकिंग की जाए। साथ ही रंधावा ने प्रमुख सचिव (गृह) और डीजीपी को भी पत्र जारी कर कहा कि दूसरे राज्यों से आ रहे चावल व धान को रोकने के लिए जिलों में आवश्यक अतिरिक्त पुलिस स्टाफ शनिवार शाम तक तैनात कर दिया जाए।
रंधावा ने सभी एसएसपीज को भी सचेत करते हुए कहा कि खासतौर पर दूसरे राज्यों से लगते पंजाब के 11 जिलों फाजिल्का, श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, मानसा, संगरूर, पटियाला, एसएएस नगर, रोपड़, होशियारपुर, गुरदासपुर व पठानकोट के पुलिस प्रमुख यकीनी बनाएं कि किसी भी रास्ते पर कोई भी वाहन ऐसा गैरकानूनी काम न कर सके।
दूसरे राज्यों से धान की आड़ में परमल किस्म लाने पर एफआईआर दर्ज
आशु ने बताया कि विभाग को सूचना मिली थी कि तरनतारन के हरीके कस्बे में रत्ता गुद्दा अनाज मंडी में दूसरे राज्यों से लाया गया परमल धान उतारा जा रहा है। इस पर कार्रवाई करते हुए प्रताप कमीशन एजेंट के मालिक प्रताप सिंह और ट्रक चालक के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। आशु ने कहा कि धान के चालू खरीद सीजन के दौरान देश के दूसरे राज्यों से धान या चावल लाने पर पूर्ण पाबंदी रहेगी।
आशु ने कहा कि खरीफ सीजन 2020-21 के दौरान ऐसे कुछ केस सामने आए थे, जिनमें आढ़तियों या राइस शैलर मालिकों की ओर से अन्य राज्यों से सस्ते भाव पर खरीदा धान पंजाब में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए लाया गया था। इसके अलावा पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के तहत बांटे जाने वाले चावल को पंजाब लाकर धान की जाली बिलिंग की गई थी, इसलिए राज्य सरकार ने इस खरीफ सीजन 2021-22 के दौरान दूसरे राज्यों से खरीदा धान या चावल पंजाब में लाकर बेचने और धान या चावल की जाली बिलिंग रोकने के लिए मुहिम शुरू कर दी है।