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Punjab: पंजाब को जेएंडके की तर्ज पर चाहिए विशेष औद्योगिक पैकेज, वित्त आयोग से माल भाड़ा सब्सिडी की मांग

Wed, 24 Jul 2024 09:31 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 24 Jul 2024 09:31 AM IST
सार

अमृतसर पहुंचीं वित्त आयोग की टीम से अटारी-वाघा सीमा पर व्यापारिक प्रतिबंधों के कारण हुए आर्थिक नुकसान को कम करने के लिए एकमुश्त मुआवजे की मांग के साथ-साथ सीमा के फिर से खुलने तक वार्षिक मुआवजे की मांग भी की गई।

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Punjab demanded special industrial package from Finance Commission on lines of Jammu and Kashmir
अमृतसर में वित्त आयोग की बैठक - फोटो : संवाद

विस्तार

पंजाब ने जम्मू-कश्मीर के तर्ज पर वित्त आयोग से विशेष औद्योगिक पैकेज की मांग की है ताकि सूबे से बाहरी राज्यों में पूंजी के पलायन को रोका जा सके।

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16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया के समक्ष अपना मामला प्रस्तुत करते हुए मंगलवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव (उद्योग एवं वाणिज्य) तेजवीर सिंह ने पंजाब के अनुकूल औद्योगिक माहौल का हवाला देते हुए औद्योगिक क्षेत्र में तेजी से विकास सुनिश्चित करने के लिए आयोग से आवश्यक सहयोग की मांग पर जोर दिया।
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अटारी-वाघा सीमा पर व्यापारिक प्रतिबंधों के कारण हुए आर्थिक नुकसान को कम करने के लिए एकमुश्त मुआवजे की मांग के साथ-साथ सीमा के फिर से खुलने तक वार्षिक मुआवजे की मांग भी की गई। इसके अलावा कृषि उत्पादों और बासमती चावल के निर्यात को बढ़ाने के लिए एक समर्पित विशेष आर्थिक निर्यात क्षेत्र की भी मांग की गई।
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इस मौके पर पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, एनआरआई मामलों के मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल, बिजली मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ और परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर की ओर से अरविंद पनगढ़िया का सम्मान भी किया गया।


औद्योगिक क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए विशेष रूप से सीमावर्ती जिलों में लॉजिस्टिक्स की उच्च लागत को पूरा करने के लिए माल भाड़ा सब्सिडी की मांग की गई। इसी तरह कृषि क्षेत्र में फसल विविधता, प्रतिस्पर्धा और रोजगार के अवसरों को प्रोत्साहित करने के लिए एक उत्पादन-लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना, औद्योगिक विकास, प्रतिस्पर्धा और आधुनिकीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए दीर्घकालिक ऋण और परिचालन पूंजी पर सब्सिडी वाली ब्याज दरों का प्रस्ताव रखा गया। सीमावर्ती उद्योग को समर्थन देने के लिए पहाड़ी राज्यों की तर्ज पर विशेष कर लाभ की भी मांग की गई।

इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों के उद्योगपतियों ने आयोग को राज्य की एमएसएमई को प्रोत्साहित करने के लिए रियायतें प्रदान करने की आवश्यकता से अवगत कराया।

अमृतसर में आयोग के दौरे पर बैठक में इन लोगों से हुई चर्चा

सीईओ इन्वेस्ट पंजाब और निदेशक उद्योग और वाणिज्य डीपीएस खरबंदा, सीआईआई पंजाब के चेयरमैन अभिषेक गुप्ता, पीएचडीसीसीआई पंजाब के क्षेत्रीय चेयरमैन आरएस सचदेवा, चेयरमैन मेसर्स पीएचडीसीसीआई पंजाब करण गिलहोत्रा, फेडरेशन ऑफ इंडिया एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन के अध्यक्ष और विक्टर टूल्स एंड फॉरगिंग्ज जालंधर के निदेशक अश्विनी कुमार विक्टर, स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन जालंधर के महासचिव, मेसर्स सावी इंटरनेशनल जालंधर मुकिल वर्मा, प्रिंटिंग और प्रोसेसिंग एसोसिएशन अमृतसर के अध्यक्ष कृष्ण शर्मा, पंजाब राइस मिलर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन अमृतसर के अध्यक्ष अशोक कुमार सेठी आदि शामिल थे।

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