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Hindi News ›   Chandigarh ›   Sukhpal Khaira Arrested: Punjab Congress MLA Sukhpal Khaira Arrested by Jalalabad Police in Ndps Case

Sukhpal Khaira Arrest: आठ साल पुराने केस में विधायक सुखपाल खैरा गिरफ्तार, कांग्रेस बोली- कार्रवाई गलत

Thu, 28 Sep 2023 03:09 PM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 28 Sep 2023 03:09 PM IST
सार

Sukhpal Singh Khaira Arrested: पंजाब के भुलथ से कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खेहरा को गुरुवार सुबह जलालाबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जलालाबाद पुलिस खैरा को लेकर उनके चंडीगढ़ स्थित निवास स्थान पर पहुंची है। पुलिस ने बताया कि उनके खिलाफ एक पुराना एनडीपीएस एक्ट का केस था, इस पर कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया गया है। 

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Sukhpal Khaira Arrested: Punjab Congress MLA Sukhpal Khaira Arrested by Jalalabad Police in Ndps Case
सुखपाल खैरा गिरफ्तार - फोटो : ANI

विस्तार

पंजाब पुलिस ने ड्रग तस्करी से जुड़े करीब आठ साल पुराने (2015) मामले में गुरुवार सुबह भुलत्थ से कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा को गिरफ्तार कर लिया। जलालाबाद पुलिस ने खैरा को चंडीगढ़ के सेक्टर-5 स्थित उनकी रिहाइश से दबोचा। इस दौरान खैरा ने गिरफ्तार करने आई पुलिस से अरेस्ट वारंट और केस के बारे में सारी जानकारी मांगी।

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वहीं, जब तक पुलिस उनको लेकर नहीं गई, तब तक सारी कार्रवाई फेसबुक पर लाइव कर दी। जब पुलिस उन्हें लेकर जा रही थी कि तो खैरा ने इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया। साथ ही पंजाब सरकार और पुलिस के खिलाफ नारे लगाए। खैरा के पक्ष में समूची कांग्रेस पार्टी भी उतर आई है। कांग्रेस ने इस मामले को गंभीरता से विभिन्न फ्रंट पर उठाने की तैयारी की है। 
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कांग्रेस का कहना है कि राज्य में कानून का नहीं जंगल का राज है। वहीं आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता मलविंदर सिंह कंग ने कहा कि एसआईटी के पास पुख्ता सबूत हैं जिसके आधार पर कार्रवाई हुई है।
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एसपी मंजीत सिंह और डीएसपी एआर शर्मा के नेतृत्व में सुबह 6:30 बजे पुलिस चंडीगढ़ स्थित खैरा के घर पहुंची। पुलिस वाले कोई जबरदस्ती न कर पाएं इसके चलते खैरा सोशल मीडिया पर लाइव हुए, जहां वह पुलिस वालों से सवाल जवाब करते नजर आए। पुलिस का कहना था कि उन्हें एक पुराने एनडीपीएस मामले में एक डीआईजी रैंक के अधिकारी और दो एसएसपी के नेतृत्व वाली एसआईटी द्वारा की गई जांच की सिफारिश पर गिरफ्तार किया जा रहा है। 

वहीं, खैरा ने दावा किया कि मामला पहले ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द कर दिया गया था, ऐसे में उनकी गिरफ्तारी गलत है। वह लगातार सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, उसके चलते उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। वह ऐसी कार्रवाई से से डरने वाले नहीं हैं। इस मामले के खिलाफ अपनी जंग लड़ेंगे।

ऐसे चला था सारा मामला

गत अकाली-भाजपा सरकार के समय में जलालाबाद पुलिस थाने में साल 2015 में एफआईआर नंबर-35 दर्ज की गई थी। यह ड्रग तस्करी से जुड़ा मामला था। आप प्रवक्ता मलविंदर सिंह कंग ने बताया मामले में मार्केट कमेटी ढिलवां के पूर्व चेयरमैन गुरदेव सिंह सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया था। 

आरोपी गुरदेव सिंह और मनजीत सिंह खैरा के करीबी थे। वह सुखपाल खैरा के चुनाव को मैनेज करते थे। साल 2017 में ईडी ने एक चार्जशीट पेश की। इसमें खैरा पर मनी लॉन्ड्रिंग केस दर्ज किया था। इसमें उनकी गिरफ्तारी भी हुई थी क्योंकि उनकी आय आमदनी से अधिक थी। इस मामले में जब अन्य लोगों को सजा हो गई तो सुखपाल खैरा सुप्रीम कोर्ट चले गए थे। 

2022 में सुप्रीम कोर्ट ने सुखपाल खैरा को राहत तो दी थी लेकिन कोर्ट ने अपने आदेश में साफ लिखा था कि पंजाब पुलिस इस मामले की दोबारा जांच कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर ही पंजाब पुलिस की एसआईटी ने इस मामले की दोबारा जांच शुरू की है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आर्डर की कॉपी भी पढ़कर सुनाई। दूसरी तरफ सुखपाल खैरा के बेटे मेहताब ने कहा कि वह इस मामले में कानूनी जंग लड़ेंगे।

खैरा आप की टिकट पर पहुंचे थे विधानसभा

सुखपाल खैरा कांग्रेस से विधायक हैं। सुखपाल खैरा भुलत्थ सीट से तीन बार के विधायक हैं। दिसंबर 2014 में खैरा ने कांग्रेस से अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी। इसके साथ ही उन्होंने आम आदमी पार्टी के साथ जाने का भी एलान कर दिया था। वे आप संयोजक अरविंद केजरीवाल से भी मिले थे। बाद में उन्होंने आप की आधिकारिक रूप से सदस्यता भी ले ली थी। 2017 में वह आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव जीते। 

सुखपाल जुलाई 2017 से जुलाई 2018 के दौरान पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता थे। हालांकि, आप के साथ उनका सफर ज्यादा नहीं चला और 2018 में उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए आप से निलंबित कर दिया गया। जनवरी 2019 में खैरा ने आप को अलविदा कह दिया और पंजाब एकता पार्टी के नाम से खुद की पार्टी बना ली। जून 2021 में कांग्रेस में वापसी की। सुखपाल सुखपाल खैरा दो अन्य विधायकों के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए। इसके बाद ईडी ने उनहें गिरफ्तार किया। जैसे ही गत विधानसभा चुनाव का एलान हुआ तो उन्होंने जेल से दस्तावेज भरे थे। इसके बाद वह चुनाव जीते थे।


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