{"_id":"58cc2c834f1c1b2e5a32ac24","slug":"punjab-congress-government-manpreet-singh-basal-akali-government","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मनप्रीत बोले, बादल सरकार के कामकाज का हिसाब-किताब लेगी कांग्रेस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मनप्रीत बोले, बादल सरकार के कामकाज का हिसाब-किताब लेगी कांग्रेस
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 18 Mar 2017 09:28 AM IST
विज्ञापन
पंजाब के मंत्री मनप्रीत सिंह बादल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सूबे के नए वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने कहा कि उनकी सरकार शिअद-भाजपा सरकार के बीते तीन साल के कार्यकाल पर श्वेत पत्र लाएगी। साथ ही सरकार बिजली विभाग के हिसाब-किताब का भी थर्ड पार्टी से आडिट कराएगी।
सचिवालय में शुक्रवार को अपना कार्यभार संभालने के साथ ही वित्त मंत्री प्रदेश में चढ़े कर्ज से चिंतित दिखे। उन्होंने कहा कि अकालियों ने सूबे के खजाने को इतनी बुरी तरह लूटा है कि देश में अंग्रेजों ने भी ऐसी लूट नहीं मचाई होगी।
\
पत्रकारों से बातचीत करते हुए मनप्रीत ने शिअद सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पता नहीं उनमें किस किस्म की भूख थी कि सारे सरकारी विभागों के लिए बेहिसाब लोन लिए गए और पैसा संगत दर्शन पर लगा दिया गया। वित्त मंत्री ने कहा कि उनका लक्ष्य अगले डेढ़ साल में सारी बिगड़ी स्थिति को सुधारने का है।
विज्ञापन
पंजाब पर पौने दो लाख करोड़ की देनदारी
मौजूदा वित्तीय हालत की जानकारी देते हुए मनप्रीत ने बताया कि अगर फूड ग्रेन और अन्य घाटों को जोड़ दिया जाए तो इस समय प्रदेश पर करीब पौने दो लाख करोड़ रुपये की देनदारी है। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार 9 फीसदी की महंगी ब्याज दर पर लोन लेती रही, जिसके लिए अब कांग्रेस सरकार केंद्र से साथ बातचीत कर 7.2 फीसदी की दर से बांड आदि खरीदने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच फूड अकाउंट में 31000 करोड़ रुपये का हिसाब मेल नहीं खा रहा है, उस विवाद को भी सुलझाने की कोशिश की जाएगी।
विज्ञापन
सचिवालय में शुक्रवार को अपना कार्यभार संभालने के साथ ही वित्त मंत्री प्रदेश में चढ़े कर्ज से चिंतित दिखे। उन्होंने कहा कि अकालियों ने सूबे के खजाने को इतनी बुरी तरह लूटा है कि देश में अंग्रेजों ने भी ऐसी लूट नहीं मचाई होगी।
विज्ञापन
\
पत्रकारों से बातचीत करते हुए मनप्रीत ने शिअद सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पता नहीं उनमें किस किस्म की भूख थी कि सारे सरकारी विभागों के लिए बेहिसाब लोन लिए गए और पैसा संगत दर्शन पर लगा दिया गया। वित्त मंत्री ने कहा कि उनका लक्ष्य अगले डेढ़ साल में सारी बिगड़ी स्थिति को सुधारने का है।
विज्ञापन
पंजाब पर पौने दो लाख करोड़ की देनदारी
मौजूदा वित्तीय हालत की जानकारी देते हुए मनप्रीत ने बताया कि अगर फूड ग्रेन और अन्य घाटों को जोड़ दिया जाए तो इस समय प्रदेश पर करीब पौने दो लाख करोड़ रुपये की देनदारी है। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार 9 फीसदी की महंगी ब्याज दर पर लोन लेती रही, जिसके लिए अब कांग्रेस सरकार केंद्र से साथ बातचीत कर 7.2 फीसदी की दर से बांड आदि खरीदने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच फूड अकाउंट में 31000 करोड़ रुपये का हिसाब मेल नहीं खा रहा है, उस विवाद को भी सुलझाने की कोशिश की जाएगी।
छोटी गाड़ियों से काम चलाएंगे
मनप्रीत बादल
- फोटो : File Photo
छोटी गाड़ियों से काम चलाएंगे
मनप्रीत ने कहा कि पंजाब का बजट करीब 65000 करोड़ का है, जिसमें वीआईपी कल्चर पर करीब 300 करोड़ रुपये खर्च होते हैं, जो बहुत बड़ी रकम नहीं कही जा सकती। फिर भी कोशिश रहेगी कि बड़ी गाड़ियों के बजाए छोटी से काम चलाया जाए।
किसानों को बिजली माफी जारी रहेगी
वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश के किसानों के लिए बिजली सब्सिडी के रूप में 6200-6500 करोड़ रुपये सब्सिडी दी जा रही है और कांग्रेस सरकार भी इसे जारी रखेगी।
8000 करोड़ का राजस्व घाटा
वित्त मंत्री ने कहा कि वे सभी विभागों के अधिकारियों से मिल रहे हैं और उनसे पूरा हिसाब-किताब पूछा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस समय प्रदेश का राजस्व घाटा 8000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।
मनप्रीत ने कहा कि पंजाब का बजट करीब 65000 करोड़ का है, जिसमें वीआईपी कल्चर पर करीब 300 करोड़ रुपये खर्च होते हैं, जो बहुत बड़ी रकम नहीं कही जा सकती। फिर भी कोशिश रहेगी कि बड़ी गाड़ियों के बजाए छोटी से काम चलाया जाए।
किसानों को बिजली माफी जारी रहेगी
वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश के किसानों के लिए बिजली सब्सिडी के रूप में 6200-6500 करोड़ रुपये सब्सिडी दी जा रही है और कांग्रेस सरकार भी इसे जारी रखेगी।
8000 करोड़ का राजस्व घाटा
वित्त मंत्री ने कहा कि वे सभी विभागों के अधिकारियों से मिल रहे हैं और उनसे पूरा हिसाब-किताब पूछा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस समय प्रदेश का राजस्व घाटा 8000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।