Punjab News: दुर्घटना में जान गंवाने वाले जवानों के परिजनों को 25 लाख, दिव्यांग सैनिकों की सहायता राशि दोगुनी
अमृतसर पहुंचे सीएम भगवंत मान ने कहा कि 70 से 100 फीसदी घायल होने वाले जवानों को 20 लाख की जगह 40 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। वहीं 75 फीसदी तक घायल होने वाले सैनिकों को 10 के बजाय 20 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।
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कारगिल विजय दिवस पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रक्षा बलों में सेवा के दौरान किसी भी दुर्घटना (युद्ध संचालन के अलावा) में सैनिक की मृत्यु होने पर परिवार के लिए 25 लाख रुपये की एक्सग्रेशिया ग्रांट देने की घोषणा की है। पहले ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी। इसके साथ ही सरकार ने ड्यूटी के दौरान दिव्यांग हुए सैनिकों की सहायता राशि, प्रथम व द्वितीय विश्व युद्ध के गैर-पेंशनभोगी पूर्व सैनिकों की वित्तीय सहायता और वीर नारियों की पेंशन बढ़ाने का भी निर्णय लिया है। उन्होंने ये घोषणाएं बुधवार को कारगिल विजय दिवस के अवसर पर अमृतसर स्थित 'पंजाब स्टेट वॉर हीरोज मेमोरियल एंड म्यूजियम' में एक समारोह के बाद की। उन्होंने यहां कारगिल युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।
शहीदों के परिजनों को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री ने कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों के 56 परिवारों को सम्मानित किया। मान ने कहा कि पूरे देश को इन वीरों के महान बलिदान पर गर्व है। देश की सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सेना हर स्थिति में अपना कर्तव्य निभाती है। देशवासी इन नायकों की बहादुरी और निस्वार्थ देश सेवा के लिए हमेशा उनके ऋणी रहेंगे। सरकार ने कहा कि सत्ता में आने के बाद आप सरकार ने महान बलिदानियों के लिए श्रद्धांजलि के रूप में शहीदों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये देने का फैसला किया था।
वित्तीय सहायता व पेंशन में कितनी बढ़ोतरी
| श्रेणी | पहले | अब (रुपये में) |
| -76% से 100% दिव्यांग सैनिक | 20 लाख | 40 लाख |
| 51% से 75% दिव्यांग सैनिक | 10 लाख | 20 लाख |
| -25% से 50% दिव्यांग सैनिक | पांच लाख | 10 लाख |
| वीर नारियां (पूर्व सैनिकों की विधवाएं) | 6000 |
10000 |
सैनिकों के सम्मान में समर्पित की थी चैरिटी शो की राशि
मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान मैं एक कलाकार था। मैंने इन राष्ट्रीय नायकों के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए एक चैरिटी शो का आयोजन किया था। यह चैरिटी शो पटियाला में आयोजित किया गया था। इसमें कई अन्य कलाकारों ने भी हिस्सा लिया था। शो से एकत्र की गई सारी धनराशि सेना के वीरतापूर्ण कार्यों की सराहना के प्रतीक के रूप में सेना के अधिकारियों को सौंपी गई थी।
उन्होंने कहा कि यह रिकॉर्ड में है कि 90 प्रतिशत से अधिक महान देशभक्त, जिन्होंने अपने जीवन का बलिदान दिया या किसी न किसी रूप में अंग्रेजों के उत्पीड़न का शिकार हुए, वह पंजाबी थे। जब भी भारत को आंतरिक या बाहरी हमले की चुनौती का सामना करना पड़ा, पंजाबियों ने देश का नेतृत्व किया। मान ने कहा कि अमर ज्योति की लौ तेल से नहीं, बल्कि शहीदों के खून से जलती है। तेल से जलाया हुआ दीपक कुछ समय बाद रोशनी देना बंद कर सकता है लेकिन शहीदों के तेल से जलाया हुआ दीपक हमेशा चमकता व जलता है।