नशे पर वार: नशा मिला तो इलाके के एसएसपी, कमिश्नर नपेंगे, मुख्यमंत्री ने दिए नशे के बड़े मगरमच्छ पकड़ने के आदेश
बैठक में भगवंत मान ने कहा कि नशे के खिलाफ हम बड़ा युद्ध छेड़ रहे हैं...नशे के व्यापार पर फुल स्टॉप लगने तक हमे रुकेंगे नहीं। नशे के शिकार नौजवानों के पुनर्वास के लिए भी बड़े स्तर पर योजना बना रहे हैं।
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पंजाब में नशे पर नकेल कसने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरुवार को राज्य के सभी एसएसपी/पुलिस कमिश्नरों को ड्रग माफिया चला रहे बड़े मगरमच्छों को काबू करने के लिए साझा कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने इस काम में नशा विरोधी टास्क फोर्स (एसटीएफ) के साथ तालमेल करने को भी कहा।
पंजाब भवन में डिप्टी कमिश्नरों और जिला पुलिस प्रमुखों की उच्चस्तरीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने साफ किया कि यदि राज्य के किसी भी हिस्से से नशे की सप्लाई की कोई भी घटना उनके ध्यान में आती है तो इसके लिए सीधे तौर पर संबंधित एसएसपी या पुलिस कमिश्नर की जवाबदेही तय होगी। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति की तरफ से नशे की तस्करी संबंधी कोई शिकायत दर्ज करवाई जाती है तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाए। नशे के खात्मे के लिए किसी भी कीमत पर कोई ढील बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भगवंत मान ने बताया कि नशे से पीड़ित लोगों को उनकी रिहायश से 5 से 6 किलोमीटर के दायरे में इलाज के लिए सुविधाजनक ओओएटी क्लिनिकों की संख्या मौजूदा 208 से बढ़ाकर तुरंत 500 की जा रही है। उन्होंने नशे को त्याग चुके नौजवानों की सेवाएं लेने की जरूरत पर भी जोर दिया, जिसके अंतर्गत वह नशे के आदी लोगों के साथ नशा छोड़ने संबंधी अपने जीवन के तजुर्बों को साझा करेंगे जो उनको नशे से दूर रहने के लिए मददगार साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने डीजीपी को जांच प्रणाली मजबूत करने को कहा ताकि ड्रग तस्करी के दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सके। उन्होंने डीजीपी को ड्रग माफिया में शामिल लोगों की संपत्तियां जब्त करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। इस संबंधी ढीली रफ्तार पर चिंता जाहिर करते हुए मान ने डीजीपी को हर महीने जब्त की संपत्तियों की निजी तौर पर निगरानी करने और उन्हें अवगत करवाते रहने को कहा। नशे की रोकथाम के लिए मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमिश्नरों /जिला पुलिस मुखियों के अलावा एसडीएम और डीएसपीज को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में प्रभावित गांवों के निरंतर दौरे करने को कहा।
पकड़े गए नशे की कीमत सार्वजनिक न करें
नशा तस्करों से मिलीभगत वाले लोगों के प्रति कोई नरमी न बरतते हुए मुख्यमंत्री ने नशा तस्करों को संरक्षण देने वाले कसूरवार पुलिस अधिकारियों को सजा देने के लिए कारगर विधि तैयार करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने डीजीपी को बरामदगी के दौरान जब्त किए नशे की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रसारित न करने के लिए सभी जिला पुलिस मुखियों को दिशा-निर्देश जारी करने को कहा क्योंकि यह प्रक्रिया भोले-भाले लोगों को जल्दी पैसा कमाने के लिए आकर्षित करती है। हालांकि, उन्होंने कहा कि जब्त की गई मात्रा, बरामदगी वाली जगह और मुलजिमों के विवरणों संबंधी बाकी जानकारी सार्वजनिक की जा सकती है।
भड़काऊ गीतों के लिए होगी गायकों पर कार्रवाई
पंजाबी गायकों की तरफ से फैलाए जा रहे बंदूक सभ्याचार और गैंगस्टरवाद के रुझान की निंदा करते हुए भगवंत मान ने उनको अपने गीतों द्वारा समाज में हिंसा, नफरत और दुश्मनी को भड़काने से गुरेज करने की अपील की। उन्होंने गायकों को न्योता दिया कि वे ऐसे गीतों द्वारा समाज विरोधी गतिविधियों को तूल देने के बजाय पंजाब, पंजाबी और पंजाबियत के मूल्यों पर चलते हुए शांति और सद्भावना की जड़ों को और मजबूत करने के लिए योगदान डालें। भगवंत मान ने इन गायकों को कहा कि वे पंजाब की सांस्कृतिक विरासत को प्रफुल्लित करने के लिए रचनात्मक भूमिका निभाएं। यह हमारा फर्ज बनता है कि ऐसे गायकों को अपने गीतों द्वारा हिंसा फैलाने की इजाजत न दी जाए जो अक्सर नौजवानों खास कर जल्दी प्रभावित होने वाले बच्चों को बिगाड़ते हैं। हम पहले तो उनको ऐसे रुझान को आगे न बढ़ाने की अपील करते हैं, नहीं तो सरकार उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई करेगी।