फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab: CM announced to abolish the condition of NOC for land registration

Punjab: लोगों को बड़ी राहत, CM ने जमीन की रजिस्ट्री के लिए NOC की शर्त खत्म करने का किया एलान

Tue, 06 Feb 2024 05:14 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Tue, 06 Feb 2024 05:14 PM IST
सार

सीएम मान ने कहा कि राज्य सरकार की तरफ से जमीन के रजिस्ट्रेशन के लिए एनओसी की शर्त खत्म होने के फैसले के लागू होने से लोगों को इस समस्या से राहत मिल जाएगी।

विज्ञापन
Punjab: CM announced to abolish the condition of NOC for land registration
पंजाब के सीएम भगवंत मान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब में किसी भी किस्म की जमीन-जायदाद की रजिस्ट्रेशन के लिए ‘अनापत्ति प्रमाणपत्र’ (एनओसी) की शर्त को खत्म करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि यह फैसला जनहित में लिया गया है। कानूनी प्रक्रिया को पहले ही जांच लिया गया है। इसके बारे में विवरण जल्द ही साझा किया जाएगा।

विज्ञापन


सीएम मान ने कहा कि यह फैसला आम लोगों से सलाह के बाद लिया गया। इससे लोगों को बड़ा लाभ पहुंचेगा। मौजूदा समय में एनओसी न मिलने की सूरत में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लोग जमीन की खरीद-बिक्री नहीं कर पा रहे हैं। एनओसी की बाध्यता के कारण एनआरआई को सबसे ज्यादा समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

विज्ञापन

पहले एनओसी हटाने का फैसला जा चुका है हाईकोर्ट

पंजाब सरकार ने 2019 में बिना एनओसी सूबे में अवैध कॉलोनियों में सेल डीड की अनुमति संबंधी अधिसूचना जारी की थी। इसे पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। इस मामले में हाईकोर्ट ने टिप्पणी की थी कि अगर ऐसी अनुमति दी गई तो पंजाब अवैध कॉलोनियों से भर जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

गौरतलब है कि पंजाब में 2014 और 2019 में तत्कालीन सरकारों ने अवैध कॉलोनियों में रजिस्ट्री के लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम लागू की थी। हालांकि इस स्कीम के तहत भी एनओसी की अनिवार्यता समाप्त नहीं की गई थी लेकिन अवैध कालोनियों के लोगों की ओर से सहयोग न देने पर 12 दिसंबर 2019 को रजिस्ट्री के लिए एनओसी की अनिवार्यता खत्म कर दी थी। पंजाब में इस समय 14000 अवैध कॉलोनियां हैं, जिन्हें नियमित करने के उद्देश्य से एनओसी के बगैर रजिस्ट्री करने की प्रक्रिया लागू की गई थी।

अभी यह है रजिस्ट्री की प्रक्रिया

मौजूदा समय में संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए विक्रेता और खरीदार डीड राइटर के पास संपत्ति के कागजात- जमीन का खसरा नंबर, सौदे की शर्तें, गवाहों की जानकारी, संबंधित क्षेत्र का कलेक्टर रेट, जमीन के खरीदार और विक्रेता की जानकारी सहित अन्य बिंदुओं को दर्ज कराते हैं। दस्तावेजों की जांच के बाद प्रॉपर्टी डील के हिसाब से फीस तय होती है। इसके बाद फीस के अनुसार स्टांप पेपर ऑनलाइन खरीदे जाते हैं। फीस जमा करवाने के बाद पटवारखाने में तहसीलदार के पास जाने से पहले नंबरदार सभी दस्तावेजों की तस्दीक करता है। 

तहसीलदार के सामने विक्रेता और खरीदार पहुंचते हैं। दोनों पक्ष की फोटो के बाद दस्तावेज पर साइन करते हैं। तहसीलदार की मुहर लगते ही रजिस्ट्री हो जाती है और इसके बाद अंत में एक हस्तांतरण होता है, जो राजस्व रिकॉर्ड में संपत्ति को नए मालिक के नाम पर दर्ज कर देता है। बीते एक महीने से सरकार की वेबसाइट में व्यवधान के चलते एनओसी लेने के लिए सैकड़ों लोग दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed