Punjab Cabinet: दस साल की सर्विस पूरी कर चुके 14239 टीचर होंगे रेगुलर, 1880 पदों पर भर्ती होंगे डाॅक्टर व नर्स
चिट फंड धोखाधड़ी के लिए कड़ी सजा का प्रावधान हुआ है। हादसे रोकने के लावारिस पशुओं बारे नई नीति बनेगी। उम्रकैदियों की समयपूर्व रिहाई के प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई। 19 व 20 जून के विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा।
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मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में शनिवार को मानसा में हुई पंजाब मंत्रिमंडल की बैठक में पांच अहम फैसले लिए गए। मंत्रिमंडल ने सूबे में 14239 शिक्षकों को पक्का करने का फैसला किया है। अस्पतालों व आम आदमी क्लीनिकों में डॉक्टरों व नर्सों की कमी को पूरा करने के लिए 1880 पदों पर भर्ती को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इनमें 485 एमबीबीएस डॉक्टर शामिल हैं। इसके साथ ही, लोगों से धोखाधड़ी करने वाले चिट फंड कंपनियों के प्रबंधकों को 10 साल की कड़ी सजा का प्रावधान करने और हादसों का कारण बन रहे लावारिस पशुओं की रोकथाम के लिए नई नीति बनाने का भी फैसला किया। कैबिनेट के अन्य फैसलों में उम्रकैदियों के रिहाई, पंचायतों और नगर निगमों के वित्त कमीशन लागू करना शामिल है।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री मान ने बताया कि शिक्षा विभाग में 14239 टीचरों को नियमित करने का फैसला ले लिया गया है। इनमें 7092 टीचर 10 साल या इससे अधिक समय से नौकरी में हैं, जबकि 6437 ऐसे टीचरों को भी पक्का किया जाएगा, जिनकी सर्विस में ब्रेक के कारण कार्यकाल के 10 साल पूरे नहीं हो सके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे टीचरों के सर्विस ब्रेक को भी सरकार ने उनके सर्विस काल में ही गिनने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि नियमित किए जाने वाले टीचरों के वेतनमान, पेड लीव, मैटरनिटी लीव और सालाना इंक्रीमेंट तय करने का मामला विधानसभा सत्र में लाया जाएगा।
चिट फंड कंपनियों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान
मुख्यमंत्री मान ने बताया कि पंजाब के लोगों को चिट फंड कंपनियों की धोखाधड़ी से बचाने के लिए सरकार ने ऐसी कंपनियों के दोषी मालिकों व प्रबंधकों के लिए 10 साल की कड़ी सजा का प्रावधान किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने इस संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री ने पर्ल ग्रुप का खासतौर पर जिक्र किया, जिसने पंजाब के हजारों लोगों से धोखाधड़ी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिट फंड कंपनियों के धोखाधड़ी करने वाले प्रबंधकों व जिम्मेदार लोगों को कठोर सजा दिलाने के लिए विधानसभा में प्रस्ताव लाया जाएगा।
पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र 19 व 20 को
पंजाब कैबिनेट ने 19 व 20 जून को राज्य विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री मान ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस सत्र के दौरान कैबिनेट द्वारा मंजूर किए गए प्रस्तावों को पेश किया जाएगा और सदन में चर्चा के बाद इन्हें मंजूरी दिलाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस दो दिवसीय विशेष सत्र के बाद, सरकार विधानसभा का मानसून सत्र भी बुलाएगी। इसके लिए बाद में फैसला लिया जाएगा। दो दिवसीय सत्र में पेश किए जाने वाले अन्य प्रस्तावों के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पंजाब के आरडीएफ, एमडीएफ, एनएचएम की बकाया राशि, बार-बार आग्रह के बाद भी जारी नहीं की जा रही। इससे पंजाब को काफी नुकसान हो रहा है। विशेष सत्र के दौरान इस संबंध में सदन में प्रस्ताव लाया जाएगा।