पंजाब बजट सेशन: बोलने की मांग को लेकर विपक्ष का वाकआउट

ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 12 Mar 2016 05:51 PM IST
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पंजाब कांग्रेस का विरोध
पंजाब कांग्रेस का विरोध - फोटो : amar ujala

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पंजाब विधानसभा के बजट सत्र में शुक्रवार को भी काफी हंगामा हुआ। राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान बहस चल रही थी। विरसा सिंह वल्टोहा बोल रहे थे, अकाली दल ने उनका समय और बढ़ा दिया। विपक्ष ने बोलने का समय मांगा पर स्पीकर ने कहा कि सत्ताधारी सदस्य के बाद उन्हें समय दिया जाएगा। कांग्रेसी नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए और वाकआउट कर दिया।
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कांग्रेस की ओर से सुखजिंदर रंधावा ने सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि 1966 के बाद से सबसे ज्यादा समय सरकार शिअद की रही है। इस दौरान चार गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री भी रहे हैं, लेकिन ये आरोप लगाते हैं कि कांग्रेस ने बर्बाद किया। श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के आरोपी अभी तक नहीं पकड़े गए, फायरिंग के दोषी पुलिसकर्मियों के नाम तक नहीं एफआईआर में दर्ज किए गए। पंजाब अन्नदाता है, पर किसानों की हालत खराब होती जा रही है और बादल परिवार की संपत्ति बढ़ती जा रही है।
पंजाब कैबिनेट की मीटिंग होती है तो लगता है कोई फेमिली डिनर है। ऑर्बिट की बस से युवती की मौत हुई तो एक्स ग्रेशिया ग्रांट सरकार ने दी। इस पर डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने कहा कि ग्रांट कंपनी ने दी थी। रंधावा ने बादल परिवार के केसों से बरी होने का मुद्दा उठाया तो सत्ताधारियों ने कड़ा जवाब दिया। सुखबीर ने कहा कि सरकारी कोठी तक की पैमाइश की गई, सारे केस झूठे बनाए गए थे। रंधावा ने कहा कि जो अफसर पीछे हटे, उन पर कार्रवाई की जाए। फिर अकाली दल की ओर से विरसा सिंह वल्टोहा ने बोलना शुरू किया।
उन्होंने कहा कि खडूर साहिब चुनाव में जीत विधानसभा चुनाव का फतवा है। कांग्रेस ने ऐन मौके पर बायकॉट किया क्योंकि हार नजर आ रही थी। इस बीच कांग्रेसियों ने खड़े होकर बोलने को समय मांगा। वहीं, अकाली दल ने कह दिया कि उनकी ओर से वल्टोहा बोलना जारी रखेंगे। कांग्रेसियों ने वेल में आकर नारेबाजी शुरू कर दी और कुछ मिनट बाद सदन से बाहर चले गए। इससे पहले भाजपा के केडी भंडारी ने जेएनयू विवाद में शीर्ष कांग्रेसी नेता केजाने का मुद्दा उठाया तो विपक्ष ने तीखे तेवर दिखाए। एक साथ कई कांग्रेसियों ने खडे़ होकर विरोध जताया और उन्हें राज्यपाल के अभिभाषण पर बोलने को कहा। जगीर कौर ने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और राज्यपाल को धन्यवाद दिया।

मैं सीमांत इलाके से हूं, तभी बोलने नहीं देते
विरसा सिंह वल्टोहा ने कांग्रेसियों पर व्यंग्य कसे तो ठहाकेगूंज उठे। उन्होंने कहा कि सीएलपी लीडर चन्नी पास ही से आते हैं, लेकिन वह सीमांत इलाके से हैं, इसीलिए कांग्रेसी उन्हें बोलने नहीं देते। फिर उन्होंने कहा कि हंसराज हंस के साथ जो कांग्रेस ने किया है, उसके लिए तो हमदर्दी का प्रस्ताव लाना चाहिए। गौरतलब है कि कांग्रेस ने हंस के बजाय ऐन मौके पर शमशेर दूलो को राज्यसभा का टिकट दे दिया है।

कार्यवाही देखने पहुंचे शकील
प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी शकील अहमद और सह-प्रभारी हरीश चौधरी शुक्रवार को विधानसभा की कार्यवाही देखने पहुंचे। सीएलपी लीडर चरनजीत सिंह चन्नी ने खड़े होकर सदन को इसकी जानकारी दी। साथ ही उनका स्वागत किए जान की मांग की। इस पर बिक्रम मजीठिया ने कहा कि हम शकील अहमद का स्वागत करते हैं। साथ ही उनसे अपील करते हैं कि कम से कम छह महीने तक चन्नी की सीट बनी रहे।
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