Punjab budget 2022: बजट से जगी उम्मीद, अमृतसर में सरफेस वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट में आएगी तेजी
प्रोजेक्ट के तहत नहरी पानी को साफ करने के बाद शहरवासियों को आपूर्ति किया जाएगा। सरकार ने यह फैसला गिरते भूजल स्तर को देखते हुए लिया था। पंजाब अर्बन गवर्नेंस एंड वाटर सप्लाई इंप्रूवमेंट प्रोग्राम के तहत जुलाई 2021 में इस परियोजना की शुरुआत की गई।
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पंजाब अर्बन गवर्नेंस एंड वाटर सप्लाई इंप्रूवमेंट प्रोग्राम के तहत अमृतसर को अपर-बारी दोआब नहर (यूबीडीसी) का पानी साफ कर 24 घंटे आपूर्ति दी जानी है। इसके तहत कैपिटल कॉस्ट 665.32 करोड़ से जुलाई 2021 में काम शुरू हुआ, जिसे जुलाई 2024 में पूरा किया जाना है। अब तक धीमी चाल से चल रहे पूरे प्रोजेक्ट का 10 फीसदी काम ही हुआ है। इस प्रोजेक्ट पर 70 फीसदी विश्व बैंक खर्च कर रहा है।
पंजाब की आप सरकार ने पहले बजट में इस प्रोजेक्ट में तेजी लाने की बात कही है। पंजाब की कैप्टन सरकार ने फरवरी 2020 में इस प्रोजेक्ट को पंजाब में लांच किया था लेकिन अमृतसर में यह काम जुलाई 2021 में शुरू किया जा सका। पंजाब सरकार प्रोजेक्ट पर काम विश्व बैंक की मदद से कर रही है तो विश्व बैंक की टीम समय-समय पर शहर का दौरा कर इसकी समीक्षा करती है।
क्या है प्रोजेक्ट
प्रोजेक्ट के तहत नहरी पानी को साफ करने के बाद शहरवासियों को आपूर्ति किया जाएगा। सरकार ने यह फैसला गिरते भूजल स्तर को देखते हुए लिया था। पंजाब अर्बन गवर्नेंस एंड वाटर सप्लाई इंप्रूवमेंट प्रोग्राम के तहत जुलाई 2021 में इस परियोजना की शुरुआत की गई। पंजाब सरकार विश्व बैंक के सहयोग से प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। कुल 665.32 करोड़ कैपिटल कास्ट से तैयार होने वाले इस प्रोजेक्ट में 70 फीसदी विश्व बैंक और 30 फीसदी पंजाब सरकार खर्च करेगी।
क्या-क्या किया जाना है
इस प्रोजेक्ट के तहत शहर में 112 किमी लंबी पाइपलाइन बिछाई जानी है। 440 एमएलटी का एक बड़ा टैंक बनाया जाना है, जिसमें नहरी पानी को साफ करने के बाद इकट्ठा किया जाना है। नगर निगम ने इसके लिए वल्ला में 40 एकड़ भूमि अधिग्रहित करने के बाद निर्माण काम शुरू कर दिया है। इसमें शहर के अलग-अलग हिस्सों में पानी की 51 बड़ी टंकियां बनाई जानी है। जिनमें एमएलटी टैंक से पानी पहुंचेगा। इनके जरिये ही शहर में बिछाई गई पाइपलाइनों के जरिये ही लोगों के घरों में पीने वाला नहरी पानी लोगों के घर तक पहुंचेगा।
सरफेस वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट वैसे तो जुलाई 2021 में अमृतसर में शुरू हुआ लेकिन इस पर जमीनी स्तर पर काम छह माह पहले ही शुरू किया जा सका। इससे पहले इस प्रोजेक्ट का डिजाइन तैयार करने में छह माह लग गए। इस प्रोजेक्ट में अब तक 10 फीसदी काम ही पूरा किया जा सका है। आने वाले दिनों में इसके निर्माण काम में तेजी आएगी और अगले एक साल तक इसका 60 फीसदी से ज्यादा काम पूरा कर लिया जाएगा। -लता चौहान, एक्स-ई-एन, नगर निगम अमृतसर।
स्मार्ट सिटी के लिए बजट में रखी राशि जारी होने के बाद समय पर पूरे होंगे लंबित प्रोजेक्ट
पंजाब सरकार ने अपने बजट में राज्य की चार स्मार्ट सिटी अमृतसर, लुधियाना, जालंधर और सुल्तानपुर लोधी के प्रोजेक्टों के लिए 1131 करोड़ रुपये की राशि रखी है। केंद्र सरकार की ओर से शुरू किए गए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्टों के लिए यहां विकास कार्यों व आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर मुहैया करवाने के लिए राशि रखी जाती है वहीं उतनी ही राशि राज्य सरकार को भी देनी पड़ती है। केंद्र सरकार की ओर से चारों शहरों में चल रहे प्रोजेक्टों पर अपने हिस्से की राशि का काफी हिस्सा रिलीज कर दिया गया है जबकि राज्य सरकार का कुछ हिस्सा देना अभी बाकी थी। इसको मुख्य रखकर राज्य सरकार ने चारों स्मार्ट सिटी प्रोजेक्टों में बड़ी राशि रखी है।अमृतसर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट जनवरी 2018 में शुरू हुआ था। इसमें विभिन्न तरह के विकास प्रोजेक्टों के साथ-साथ, सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट भी थे। इनमें काफी प्रोजेक्टों पर अभी काम चल रहा है। कुछ प्रोजेक्टों पर काम खत्म हो चुका है। केंद्र सरकार की योजना के अनुसार अमृतसर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अलग-अलग कार्यों को मुकम्मल करवाकर केंद्र सरकार इस सिटी के रह गए अन्य कार्यों के लिए व इन शहर की मेंटेनेंस के लिए वर्ष 2023 में इसे नगर निगम अमृतसर के हवाले कर देगी।
स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्टों के लिए यहां आधी राशि केंद्र सरकार देती है वहीं आधी राशि राज्य सरकार की ओर से दी जाती है। राज्य सरकार ने अपने हिस्से का बजट इसके लिए रखा है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत अभी नहरी पानी को शहरवासियों के उपयोग के लिए लाने, रिट्रीट करने व इसकी सप्लाई को लेकर प्रोजेक्ट भी चल रहा है। इसमें वर्ल्ड बैंक भी आर्थिक मदद कर रहा है।
अमृतसर के हाल बाजार स्थित कैंरो मार्केट में मल्टी स्टोरी कार पार्किंग का निर्माण करना, गुरुद्वारा शहीदा साहिब के पास मल्टी स्टोरी प्लाजा का निर्माण किए जाने के काम अभी भी लंबित हैं। वहीं कैटेगिरी दो फेस के काफी पार्कों के सौंदर्यीकरण का काम भी अभी चल रहा है। अलग-अलग कामों के लिए कुछ मशीनरी आनी अभी बाकी है। शहर की सफाई व्यवस्था को सार्थक ढंग से लागू किए जाने व सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का काम भी अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। स्ट्रीट वेंडर जोन का काम भी अभी अधर में है।
अमृतसर शहर में स्मार्ट सिटी योजना में अलग-अलग क्षेत्रों में साइकिल राइडिंग ट्रैक बनाए गए हैं। फेस एक के सभी पार्कों का सौंदर्यीकरण कर दिया गया है। प्रत्येक पार्क में ओपन जिम स्थापित किए गए हैं। इनमें 11 व इससे अधिक तरह की अलग-अलग मशीनें लगाई गई हैं। शहर के 12 गेट के बाहरी दीवार का सौंदर्यीकरण किया गया वहीं रिंग रोड़ का विस्तार व नव निर्माण के कार्य चल रहे हैं। अमृतसर के हेरिटेज को संभालने के काम भी अभी चल रहे हैं। बहुत सारे इलाकों में पब्लिक शौचालय स्थापित किए जा चुके हैं। शहर के कूड़ा करकट को उठाने व इसकी मैनेजमेंट का काम भी पूरी तरह पूरा नहीं हो पाया है। शहर में एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने का काम लगभग खत्म हो चुका है। रेन वार्टर रिचार्जिंग सिस्टम भी स्थापित किए जा रहे हैं।
अमृतसर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के मैनेजर पवन शर्मा कहते हैं कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अलग-अलग कामों में जितनी राशि केंद्र सरकार की ओर से जारी की जाती है उतनी ही राशि राज्य सरकार की ओर से जारी की जानी होती है। इसलिए राज्य सरकार ने भी अपने हिस्से की राशि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्टों के लिए बजट में रखी है। उन्होंने कहा कि पैसे की कमी के कारण जिन कामों की गति धीमी थी अब वह तेज हो जाएगी और समय पर सभी प्रोजेक्ट पूरे हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में अमृतसर के स्मार्ट सिटी का सारा प्रोजेक्ट अमृतसर नगर निगम को हैंडओवर किया जा रहा है।