फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab and Haryana high court statement on Health Insurance Policy of Senior Citizens

वरिष्ठ नागरिकों की स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी वापस लेने पर क्यों न लगा दी जाए रोक: हाईकोर्ट

Wed, 12 Aug 2020 04:18 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 12 Aug 2020 04:18 PM IST
विज्ञापन
Punjab and Haryana high court statement on Health Insurance Policy of Senior Citizens
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : amar ujala

वरिष्ठ नागरिकों का स्वास्थ्य बीमा वापस लेने के विभिन्न कंपनियों के निर्णय को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने बीमा कंपनियों को जमकर फटकार लगाई। उच्च न्यायालय ने कंपनियों को आखिरी मौका देते हुए कहा कि यदि अगली सुनवाई पर जवाब दाखिल नहीं किया गया तो वरिष्ठ नागरिकों का बीमा समाप्त करने के निर्णय पर स्थाई तौर पर रोक लगा दी जाएगी।

विज्ञापन


याचिका दाखिल करते हुए विभिन्न वरिष्ठ नागरिकों की ओर से उच्च न्यायालय को बताया गया कि उन लोगों ने एक या दो दशक से स्वास्थ्य बीमा से जुड़ी पॉलिसी विभिन्न कंपनियों से ली थी। जब उनकी आयु बहुत अधिक हो गई और उन्होंने क्लेम का लगातार दावा करना आरंभ किया तो बीमा कंपनियों ने उनकी पॉलिसी को समाप्त करने के नोटिस भेज दिए। 
विज्ञापन


याचिकाकर्ताओं ने बताया कि यह नोटिस भेजने के बाद अब उनकी स्थिति बेहद खराब हो गई है। इस आयु में वे इस प्रकार का खर्चा कैसे उठा सकते हैं, जबकि उनके पास आय का कोई स्रोत नहीं है। जब याचिकाकर्ता एक से दो दशक तक बीमा के प्रीमियम का भुगतान करते रहे हैं तो कैसे  कंपनी अपना करार तोड़ सकती है। उच्च न्यायालय ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए सभी याचिकाकर्ताओं की स्वास्थ्य बीमा योजना को समाप्त करने के आदेश पर रोक लगा दी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके साथ ही न्यायालय ने बीमा कंपनियों को नोटिस जारी कर इस बारे में जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं। अपने आदेश में यह स्पष्ट कर दिया कि यदि अगली सुनवाई तक बीमा कंपनियों ने जवाब दाखिल नहीं किया तो ऐसे निर्देश जारी कर दिए जाएंगे कि किसी भी वरिष्ठ नागरिक का स्वास्थ्य बीमा समाप्त नहीं किया जा सकेगा।


याचिकाकर्ता तीन हफ्ते में जमा कराएं प्रीमियम
इसके साथ ही न्यायालय ने आदेश दिए हैं कि जिन याचिकाकर्ताओं ने बीमा कंपनियों के नोटिस के कारण अपनी पॉलिसी का प्रीमियम नहीं जमा कराया है, वे 3 सप्ताह के अंदर जमा कराएं। जिन भी याचिकाकर्ताओं ने प्रीमियम जमा करवा दिया है उनकी पॉलिसी को बीमा कंपनियां किसी भी स्थिति में अमान्य नहीं करेंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed