हरियाणाः गुरमीत राम रहीम को हाईकोर्ट से झटका, पैरोल की मांग वाली याचिका हुई खारिज
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इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि दो साल पहले पंचकूला में क्या हुआ वह हम भूले नहीं है, इसलिए इतिहास की बात न ही की जाए तो अच्छा है। हाईकोर्ट के इस रुख के बाद पत्नी ने याचिका वापस लेने की इजाजत मांगी जिसे मंजूर करते हुए हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दिया।
Punjab and Haryana High Court has rejected parole plea of Dera Sacha Sauda chief & rape convict Gurmeet Ram Rahim Singh. The plea was filed by his wife. pic.twitter.com/Hu9hkaydRr
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) August 27, 2019
राम रहीम की पत्नी हरजीत कौर ने याचिका में बताया था कि राम रहीम की मां नसीब कौर गंभीर रूप से बीमार हैं। पिछले दिनों उन्हें हार्ट अटैक आया था, बावजूद इसके वह अपना इलाज नहीं करवा रही हैं। राम रहीम ने इससे पहले हरियाणा सरकार को पैरोल के लिए मांग पत्र दिया था जिसे अस्वीकार कर दिया गया था।
मंगलवार को जैसे ही केस की सुनवाई आरंभ हुई तो हाईकोर्ट ने पूछा कि राम रहीम की मां का बाहर क्यों इलाज करवाना चाह रहे हैं, जबकि डेरे के खुद के अस्पताल हैं। साथ ही जब पूरा परिवार मौजूद है तो अकेले राम रहीम के न होने से क्या फर्क पड़ता है। कोर्ट ने कहा कि सरकार और कोर्ट अपने अधिकार से पैरोल देते हैं और यह कैदी का अधिकार नहीं है।
साथ ही यह भी कहा कि जब राम रहीम खुद मौजूद है तो उसकी पत्नी कैसे पैरोल के लिए याचिका दाखिल कर सकती है। साथ ही यह भी कहा कि राम रहीम की मां की एंजियोग्राफी भी हो चुकी है, ऐसे में अब राम रहीम को पैरोल की जरूरत नहीं है। इतनी सख्ती के बाद याची ने याचिका वापस लेने की छूट मांगी जिस पर हाईकोर्ट ने याचिका को वापस लेने की छूट देते हुए याचिका को खारिज कर दी।