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पीजीआई कर्मी रोक के बावजूद हड़ताल करें तो जेल में डालो: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

Tue, 23 Jun 2020 10:47 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 23 Jun 2020 10:47 PM IST
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High Court said, If the PGI workers strike despite the ban, put them in jail
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : फाइल फोटो

हड़ताल पर रोक के आदेश के बावजूद पीजीआई मिनिस्ट्रियल और सेक्रेट्रिएट कर्मचारी यूनियनों के हड़ताल को लेकर दाखिल अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कर्मचारी यूनियनों को जमकर फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि रोक के बावजूद यूनियन हड़ताल करती हैं तो पुलिस उन्हें जेल में डाल दे।

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इससे पहले गत वर्ष पीजीआई सफाई कर्मचारी कॉन्ट्रेक्ट वर्कर की हड़ताल पर रोक लगा दी थी। तत्कालीन चीफ जस्टिस कृष्ण मुरारी पर आधारित बेंच ने चंडीगढ़ के डीजीपी और एसएसपी को आदेश दिया था कि वे यह सुनिश्चित करें की कोई भी पीजीआई के कामकाज को प्रभावित न कर पाए।पीजीआई सफाई कर्मचारी कॉन्ट्रेक्ट वर्कर यूनियन ने 26 और 27 अगस्त और फिर बाद में छह और सात सितंबर को अपनी सामान कार्य सामान वेतन की मांग को लेकर हड़ताल का एलान किया था। जिसमे हॉस्पिटल अटेंडेंट और सैनेटरी अटेंडेंट के तौर पर काम कर रहे कर्मचारी शामिल थे। 
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पीजीआई की ओर से बताया गया कि अब कर्मचारियों की ओर से नई यूनियन बना ली गई है और उन्होंने चंडीगढ़ के डीसी से अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल पर जाने की अनुमति मांगी है। पीजीआई ने कहा कि ऐसा करना है कोर्ट द्वारा जारी आदेश की अवमानना है ऐसे में इनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। 

हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ के डीसी को आदेश दिए हैं कि वह सुनिश्चित करें कि पीजीआई के कामकाज में कोई बाधा ना हो। इसको लेकर हाईकोर्ट द्वारा जारी आदेश का किसी भी तरह से उल्लंघन न हो। साथ ही तल्ख टिप्पणी की है कि यदि आदेश का उल्लंघन होता है तो उस स्थिति में उल्लंघन करने वालों को सीधा जेल में डाल दिया जाए।

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