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गो मांस बेचने के आरोपी को बाल सुधार गृह में मल खिलाने का आरोप, हाईकोर्ट ने मांगी स्टेटस रिपोर्ट

Sun, 03 Feb 2019 09:23 AM IST
खुशबू गोयल विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sun, 03 Feb 2019 09:23 AM IST
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Punjab and haryana high court notice to haryana government
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo

गोमांस और गाय की खाल बेचने के आरोपी पॉलिटेक्निक के छात्र को बाल सुधार गृह में मल खिलाने का आरोप और धर्म विशेष के नारे लगाने को मजबूर करने का मामला पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। हाईकोर्ट ने मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इसके साथ ही डीजीपी को इस मामले में खुद जांच की स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं।

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याचिका दाखिल करते हुए एडवोकेट मजलिज खान के माध्यम से याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि उसका बेटा पॉलिटेक्निक कॉलेज में पढ़ाई करता है। 29 दिसंबर 2018 को वह कॉलेज जाने से पहले याची की नूंह स्थित दुकान पर मौजूद था। उसे दुकान से पुलिस उठा कर ले गई और हरियाणा गो संवर्धन व गो संरक्षण एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर गोमांस और गाय की खाल बेचने का आरोप लगा दिया।
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 केस को जिला अदालत में लगाया गया। नाबालिग होने के चलते बेटे को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड भेज दिया गया। जब बाल सुधार गृह के अधिकारियों ने वारंट देखा तो वह भड़क गए और कहा कि तुम गाय काटते हो। बेटे ने अफसरों को बताया कि वह बेकसूर है, लेकिन उन्होंने उसे उस बैरक में डाल दिया, जहां पहले ही 16-17 लड़के बंद थे। 
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याची का आरोप है कि उन लड़कों ने कहा कि यह गाय काटता है और इसे ऐसा सबक सिखाओ की कभी न भूले। इसके बाद लड़कों ने उसके बेटे को बुरी तरह से पीटा। आरोप है कि पीटने के बाद उसे पेशाब पिलाया और फिर जबरन उसके मुंह में मल ठूंस दिया। याची ने कहा कि बाल सुधार गृह जैसे स्थान बच्चों की सुरक्षित हिरासत के लिए होते हैं। लेकिन हरियाणा में इन स्थानों पर क्रूरता दिख रही है।


 याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि बाल सुधार गृहों में मौजूद ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और इस मामले की जांच उच्च स्तरीय एसआईटी से करवाई जाए। हाईकोर्ट ने इस मामले में डीजीपी को खुद जांच से जुड़ी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए हैं। 

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