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Haryana News: हिस्सेदारों को बताए बिना बेचे फ्लैट, माहिरा बिल्डवेल लिमिटेड को हाईकोर्ट का नोटिस

Wed, 13 Sep 2023 12:53 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 13 Sep 2023 12:53 AM IST
सार

डेवलपर कंपनी ने याचिकाकर्ताओं के 35 प्रतिशत फ्लैट याचिकाकर्ताओं को बिना कोई सूचना दिए बेच दिए और अग्रिम राशि भी प्राप्त कर ली। साथ ही यह भी बताया गया कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से जाली दस्तावेज/जाली हस्ताक्षर जमा करके किफायती समूह आवास स्थापित का लाइसेंस प्राप्त किया था।

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Punjab and Haryana High Court issued notice to Mahira Buildwell Limited
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हाउसिंग प्रोजेक्ट में निवेशक की अनुमति के बिना उसके 35 प्रतिशत हिस्से को बेचने और उसकी राशि प्राप्त करने के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार, समालखा से कांग्रेस विधायक धर्म सिंह छौक्कर, उनके दो बेटों और छौक्कर परिवार के स्वामित्व वाली कंपनी माहिरा बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

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गुरुग्राम के गांव धनवापुर निवासी अनिल कुमार व अन्य ने हाईकोर्ट को बताया है कि याचिकाकर्ता किसान हैं और वे 10.443 एकड़ भूमि के मालिक हैं। यह क्षेत्र गुरुग्राम के सेक्टर-104 के अंतर्गत आता है। छौक्कर और उनकी कंपनी ने याचिकाकर्ताओं से यह कहते हुए संपर्क किया था कि वे बिल्डर हैं और उन्होंने गुरुग्राम और एनसीआर क्षेत्र में कई रियल एस्टेट परियोजनाओं का निर्माण किया है और बाजार में उनका अच्छा नाम है। 
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उन्होंने याचिकाकर्ताओं को भूमि पर एक किफायती आवास परियोजना के विकास के लिए एक सहयोग समझौते के लिए आमंत्रित किया। याचिकाकर्ता उनके प्रस्ताव से आकर्षित हो गए और 28 दिसंबर, 2020 को एक सहयोग समझौता किया। इस समझौते के अनुसार योजना में हिस्सा 65:35 था। समझौते के समय याचिकाकर्ताओं को 11 करोड़ रुपये दिए गए और जमीन का कब्जा कंपनी को सौंप दिया गया। परियोजना में 1450 फ्लैट और वाणिज्यिक स्थान शामिल हैं। परियोजना का 35 प्रतिशत स्वामित्व भूमि मालिकों के पास और 65 प्रतिशत डेवलपर के पास था।
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डेवलपर कंपनी ने याचिकाकर्ताओं के 35 प्रतिशत फ्लैट याचिकाकर्ताओं को बिना कोई सूचना दिए बेच दिए और अग्रिम राशि भी प्राप्त कर ली। साथ ही यह भी बताया गया कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से जाली दस्तावेज/जाली हस्ताक्षर जमा करके किफायती समूह आवास स्थापित का लाइसेंस प्राप्त किया था। 


याची ने कहा कि छौक्कर पर गुरुग्राम के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले दर्ज हैं। स्थानीय पुलिस उनके साथ मिली हुई है और कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। ऐसे में याची ने हाईकोर्ट से अपील की है कि छौक्कर के खिलाफ दर्ज एफआईआर की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया जाए। राज्य में कई एफआईआर दर्ज होने के बावजूद धर्म सिंह छौक्कर और उनके बेटों के खिलाफ हरियाणा सरकार की निष्क्रियता से वह व्यथित हैं क्योंकि इस मामले में सरकार कुछ नहीं कर रही। याचिका में मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।

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