{"_id":"5feaf2758ebc3e3ba47b58be","slug":"punjab-137-people-of-pakistan-returned-to-their-homeland-via-attari-border","type":"story","status":"publish","title_hn":"लॉकडाउन के कारण भारत में फंसे थे 137 पाकिस्तानी, अटारी बॉर्डर के रास्ते लौटे वतन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लॉकडाउन के कारण भारत में फंसे थे 137 पाकिस्तानी, अटारी बॉर्डर के रास्ते लौटे वतन
Tue, 29 Dec 2020 02:41 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 29 Dec 2020 02:41 PM IST
विज्ञापन
भारत में फंसे 137 पाकिस्तानी अपने वतन रवाना हो गए।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लॉकडाउन से पहले भारत में आए 137 पाकिस्तानी मंगलवार को अपने वतन लौट गए। वाघा-अटारी बॉर्डर, अमृतसर के प्रोटोकॉल अधिकारी एएसआई अरुणपाल सिंह ने यह जानकारी दी। इस दौरान एक पाकिस्तानी नागरिक ने कहा कि हम भारत और पाकिस्तान सरकार के बहुत शुक्रगुजार हैं जिन्होंने हमें कोविड-19 के समय में भी बॉर्डर क्रॉस करने का मौका दिया।
इससे पहले सितंबर में अटारी सीमा के जरिए 354 भारतीय छात्र पढ़ाई के लिए पाकिस्तान गए थे। ये सभी छात्र पाकिस्तान के अलग-अलग विश्वविद्यालय और कॉलेजों में पढ़ाई करते हैं। लॉकडाउन में देश के अलग-अलग शहरों में फंसे पाकिस्तानी मूल के 74 नागरिक भी अटारी-वाघा सीमा के रास्ते वतन लौट गए। पाकिस्तान में 10 सिंतबर से कॉलेज और विश्वविद्यालयों को खोलने की घोषणा की गई है। इस दौरान अभिभावक अपने बच्चों को छोड़ने अटारी सड़क सीमा पर पहुंचे।
विज्ञापन
पाकिस्तान जाने वाले विद्यार्थियों में लड़कियों की संख्या अधिक थी। केंद्र सरकार ने इन्हें दो दिन पहले ही पाकिस्तान जाने की मंजूरी दी है। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की एक छात्रा माहिरा खान ने कहा कि घर छोड़कर जाना अच्छा तो नहीं लगता लेकिन पढ़ाई के कारण पाकिस्तान जाना पड़ रहा है।
अक्तूबर में छह माह से भारत में फंसे पेशावर और इस्लामाबाद के विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले लगभग 315 कश्मीरी छात्र पाकिस्तान गए थे। इनमें से अधिकतर छात्र पाकिस्तान में विभिन्न मेडिकल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में एमबीबीएस कर रहे हैं। साथ ही 100 से अधिक पाकिस्तानी नागरिक भी वतन लौट गए।
विज्ञापन
A total of 137 people who had come to India before lockdown went back to Pakistan today: ASI Arunpal Singh, Protocol Officer at Wagah-Attari Border, Amritsar in Punjab. pic.twitter.com/E2pis5RS7B
— ANI (@ANI) December 29, 2020विज्ञापन
इससे पहले सितंबर में अटारी सीमा के जरिए 354 भारतीय छात्र पढ़ाई के लिए पाकिस्तान गए थे। ये सभी छात्र पाकिस्तान के अलग-अलग विश्वविद्यालय और कॉलेजों में पढ़ाई करते हैं। लॉकडाउन में देश के अलग-अलग शहरों में फंसे पाकिस्तानी मूल के 74 नागरिक भी अटारी-वाघा सीमा के रास्ते वतन लौट गए। पाकिस्तान में 10 सिंतबर से कॉलेज और विश्वविद्यालयों को खोलने की घोषणा की गई है। इस दौरान अभिभावक अपने बच्चों को छोड़ने अटारी सड़क सीमा पर पहुंचे।
विज्ञापन
पाकिस्तान जाने वाले विद्यार्थियों में लड़कियों की संख्या अधिक थी। केंद्र सरकार ने इन्हें दो दिन पहले ही पाकिस्तान जाने की मंजूरी दी है। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की एक छात्रा माहिरा खान ने कहा कि घर छोड़कर जाना अच्छा तो नहीं लगता लेकिन पढ़ाई के कारण पाकिस्तान जाना पड़ रहा है।
अक्तूबर में छह माह से भारत में फंसे पेशावर और इस्लामाबाद के विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले लगभग 315 कश्मीरी छात्र पाकिस्तान गए थे। इनमें से अधिकतर छात्र पाकिस्तान में विभिन्न मेडिकल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में एमबीबीएस कर रहे हैं। साथ ही 100 से अधिक पाकिस्तानी नागरिक भी वतन लौट गए।