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एक वो बेटे हैं जिन्होंने 'मां' के लिए जान दे दी, एक ये जिसने अपनी जननी पर दर्ज करा दिए 15 केस
Tue, 19 Feb 2019 03:21 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 19 Feb 2019 03:21 PM IST
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निराश बैठा लड़का
- फोटो : demo pic
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'मां' के लिए उसके बेटों ने अपनी जान की परवाह नहीं की, और एक ये बेटा है जिसने अपनी ही जननी के खिलाफ 15 पुलिस केस दर्ज करा दिए, जिसमें कई आपराधिक मामले भी शामिल हैं। यह शर्मनाक मामला मामला चंडीगढ़ का है। 73 वर्षीय बुजुर्ग मां के खिलाफ केस दाखिल करने वाले व्यक्ति को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने जमकर फटकार लगाई।
हाईकोर्ट ने कहा कि अब यदि उसने अपनी मां को परेशान किया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए जाएंगे। साथ ही प्रॉपर्टी के मामले में मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश का पालन कर उसकी रिपोर्ट सौंपने के भी सेक्टर 39 थाने के एसएचओ को आदेश दिए हैं। वृद्धा ने अपने बेटे को बेदखल कर दिया था और इसके बाद मेंटेनेंस ऑफ पेरेंट्स एंड सीनियर सिटीजन एक्ट के तहत केस दाखिल किया था।
इस मामले में आदेश जारी किए गए थे कि ग्राउंड फ्लोर पर बेटे को तब तक ऑफिस चलाने की अनुमति होगी, जब तक उसके छोटे बेटे का विवाह नहीं हो जाता। लेकिन ऐसा नहीं हुआ बल्कि उसने फर्नीचर बेचना और अन्य स्थानों पर कब्जा करना तथा कमरे पर ताला लगाना शुरू कर दिया।
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हाईकोर्ट ने कहा कि अब यदि उसने अपनी मां को परेशान किया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए जाएंगे। साथ ही प्रॉपर्टी के मामले में मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश का पालन कर उसकी रिपोर्ट सौंपने के भी सेक्टर 39 थाने के एसएचओ को आदेश दिए हैं। वृद्धा ने अपने बेटे को बेदखल कर दिया था और इसके बाद मेंटेनेंस ऑफ पेरेंट्स एंड सीनियर सिटीजन एक्ट के तहत केस दाखिल किया था।
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इस मामले में आदेश जारी किए गए थे कि ग्राउंड फ्लोर पर बेटे को तब तक ऑफिस चलाने की अनुमति होगी, जब तक उसके छोटे बेटे का विवाह नहीं हो जाता। लेकिन ऐसा नहीं हुआ बल्कि उसने फर्नीचर बेचना और अन्य स्थानों पर कब्जा करना तथा कमरे पर ताला लगाना शुरू कर दिया।
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कुछ आपराधिक केस भी
साथ ही उसने अपनी मां पर 15 केस दर्ज करवा दिए, जिसमें कुछ आपराधिक भी हैं। उसने बिजली के भारी उपकरण चलाना शुरू कर दिया, ताकि मां पर भारी बिल की मार पड़ सके। डीएम ने आदेश जारी कर रास्ता साफ करवाने, कब्जे हटाने और रूम के सामने रखे सामान को हटाने के आदेश दिए थे।
इस आदेश के खिलाफ याची ने याचिका दाखिल की थी जिसे सिंगल बेंच ने खारिज कर दिया था। अब याचिका डिवीजन बेंच के सामने पहुंची तो हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को ही जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि यह याचिका एक ऐसे व्यक्ति की है, जिसके दिल में अपने अभिभावकों के लिए सम्मान नहीं है और उसके पास केवल संपत्ति और पैसे की भूख है।
यही कारण है कि अपनी विधवा 73 वर्षीय मां पर 15 केस दर्ज करवा दिए हैं। हाईकोर्ट ने अब सेक्टर 39 थाना एसएचओ को आदेश दिए हैं कि वह डीएम केआदेश का पालन करें और साथ ही याचिकाकर्ता को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि यदि आदेश का पालन करने के बीच में वह आया तो कानूनी कार्रवाई के लिए आदेश जारी कर दिया जाएगा।
इस आदेश के खिलाफ याची ने याचिका दाखिल की थी जिसे सिंगल बेंच ने खारिज कर दिया था। अब याचिका डिवीजन बेंच के सामने पहुंची तो हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को ही जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि यह याचिका एक ऐसे व्यक्ति की है, जिसके दिल में अपने अभिभावकों के लिए सम्मान नहीं है और उसके पास केवल संपत्ति और पैसे की भूख है।
यही कारण है कि अपनी विधवा 73 वर्षीय मां पर 15 केस दर्ज करवा दिए हैं। हाईकोर्ट ने अब सेक्टर 39 थाना एसएचओ को आदेश दिए हैं कि वह डीएम केआदेश का पालन करें और साथ ही याचिकाकर्ता को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि यदि आदेश का पालन करने के बीच में वह आया तो कानूनी कार्रवाई के लिए आदेश जारी कर दिया जाएगा।