फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   PU not calling Research Scholar, not allowing hostel students to go

रिसर्च स्कॉलर को नहीं बुला रहा पीयू, हॉस्टल के छात्रों को जाने नहीं दे रहा

Tue, 30 Jun 2020 07:30 PM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 30 Jun 2020 07:30 PM IST
विज्ञापन
PU not calling Research Scholar, not allowing hostel students to go
चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय पर शिक्षकों ने सवाल खड़े किए हैं। रिसर्च स्कॉलर को आने की अनुमति नहीं दी जा रही है जबकि हॉस्टल के छात्रों को रोके हुए हैं। इन छात्रों को विभागों में जाने तक की अनुमति नहीं है। ऐसे में रोकने का कोई मकसद समझ में नहीं आ रहा है। शिक्षकों ने कहा कि पिछड़ रहे रिसर्च को देखते हुए पीयू प्रशासन रिसर्च स्कॉलर को आने की अनुमति दें। वे खुद जागरूक हैं, अपनी सुरक्षा कोरोना से कर लेंगे। साथ ही रिसर्च स्कॉलर्स की संख्या भी अधिक नहीं है।
विज्ञापन

पीयू में लगभग 500 रिसर्च स्कॉलर हैं। इनका रिसर्च लॉकडाउन के बाद से लगातार प्रभावित होता जा रहा है। न यह सर्वे कर पा रहे हैं और न गाइड से मिल पा रहे हैं। इस कारण वे तनाव में हैं। कुछ शिक्षकों ने सवाल खड़े करते हुए कहा कि हॉस्टलों में लगभग 150 छात्र रुके हुए हैं। दो मेस इनके खाने की व्यवस्था में लगी हैं। पूरा स्टाफ कार्य कर रहा है पर विद्यार्थियों को विभागों में जाने नहीं दिया जा रहा है तो ऐसे में इन्हें घर भेज देना चाहिए। जब पढ़ाई शुरू होगी, तब सभी को बुलाया जाए।
विज्ञापन

रिसर्च स्कॉलर को शिक्षकों से सोशल डिस्टेंसिंग रखकर मिलने की दी जाए अनुमति
रिसर्च स्कॉलर का कार्य अधिक महत्वपूर्ण है। ऐसे में उन्हें शिक्षकों से सोशल डिस्टेंसिंग के आधार पर मिलने दिया जाए। चाहे तो पीयू विभागवार रोस्टर बना दे। एक-एक दिन कुछ विभागों के रिसर्च स्कॉलर को गाइड से मिलने दिया जाए लेकिन पीयू इस पर काम ही नहीं कर रहा है। उन्होंने मांग की कि पीयू जल्द इस पर सोचे अन्यथा इसका असर रैंकिंग आदि पर भी पड़ सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed