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Chandigarh News: पीएसईबी के डेलीवेज कर्मचारियों ने गेट रैली कर जताया रोष
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कर्मचारियों ने नई नीति वापस लेने, वर्ष 2022 की नीति लागू करने और डेलीवेज कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) के डेलीवेज कर्मचारियों ने वीरवार को गेट रैली की। यह रैली बोर्ड प्रबंधन की नई नीति के विरोध में सीटू के झंडे तले हुई। कर्मचारियों ने नई नीति वापस लेने, वर्ष 2022 की नीति लागू करने और डेलीवेज कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि नई नीति उनके हितों के खिलाफ है। यह पिछले 15 से 20 वर्षों से काम कर रहे कर्मचारियों को परेशान कर रही है। कर्मचारियों ने नई नीति को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी है। मामले की अगली सुनवाई 27 अक्तूबर को होनी है। कर्मचारियों के अनुसार, अदालत ने तब तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई न करने के आदेश दिए हैं। इसके बावजूद प्रबंधन पर आदेशों की अनदेखी का आरोप है। यूनियन के प्रधान राजकुमार ने बताया कि 24 सितंबर से 30 सितंबर तक करीब 160 डेलीवेज कर्मचारियों की हाजिरी नहीं लगाई गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कर्मचारियों को उनकी सीटों पर बैठने से रोका गया।
दूरदराज ड्यूटी और सेवानिवृत्ति की शर्तें
डेलीवेज कर्मचारी यूनियन की महिला कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि नीति का विरोध करने के बाद उनकी ड्यूटी पंजाब के दूरदराज क्षेत्रों में लगा दी गई। एक कर्मचारी नरेंद्र कौर को करीब 100 किलोमीटर दूर भेजा गया। उन्होंने महिला सुरक्षा नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया। कर्मचारियों ने कहा कि नई नीति में 50 वर्ष की उम्र में सेवानिवृत्ति जैसी शर्तें हैं, जिससे उनकी नौकरी पर संकट है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) के डेलीवेज कर्मचारियों ने वीरवार को गेट रैली की। यह रैली बोर्ड प्रबंधन की नई नीति के विरोध में सीटू के झंडे तले हुई। कर्मचारियों ने नई नीति वापस लेने, वर्ष 2022 की नीति लागू करने और डेलीवेज कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि नई नीति उनके हितों के खिलाफ है। यह पिछले 15 से 20 वर्षों से काम कर रहे कर्मचारियों को परेशान कर रही है। कर्मचारियों ने नई नीति को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी है। मामले की अगली सुनवाई 27 अक्तूबर को होनी है। कर्मचारियों के अनुसार, अदालत ने तब तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई न करने के आदेश दिए हैं। इसके बावजूद प्रबंधन पर आदेशों की अनदेखी का आरोप है। यूनियन के प्रधान राजकुमार ने बताया कि 24 सितंबर से 30 सितंबर तक करीब 160 डेलीवेज कर्मचारियों की हाजिरी नहीं लगाई गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कर्मचारियों को उनकी सीटों पर बैठने से रोका गया।
दूरदराज ड्यूटी और सेवानिवृत्ति की शर्तें
डेलीवेज कर्मचारी यूनियन की महिला कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि नीति का विरोध करने के बाद उनकी ड्यूटी पंजाब के दूरदराज क्षेत्रों में लगा दी गई। एक कर्मचारी नरेंद्र कौर को करीब 100 किलोमीटर दूर भेजा गया। उन्होंने महिला सुरक्षा नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया। कर्मचारियों ने कहा कि नई नीति में 50 वर्ष की उम्र में सेवानिवृत्ति जैसी शर्तें हैं, जिससे उनकी नौकरी पर संकट है।
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