पंजाब बोर्ड की परीक्षा में मजदूर की बेटी ने कर दिया कमाल, पढ़ें सफलता की शानदार कहानी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से कक्षा 10 के घोषित परिणाम में सरकारी स्कूल खमाणों की छात्रा जसलीन कौर ने 99.38 फीसदी अंक के साथ जिले में पहला तथा पंजाब में दूसरा स्थान हासिल किया है।
जैसे ही जसलीन कौर के पंजाब में दूसरा रैंक हासिल करने की खबर डीईओ परमजीत कौर सिद्धू को मिली तो उन्होंने खणाणों स्कूल में जाकर जसलीन का मुंह मीठा करवा स्कूल स्टाफ और अभिभावकों को बधाई दी। जिले में बोर्ड की परीक्षा में 6445 बच्चों ने परीक्षा दी थी जिनमें से 5782 बच्चे पास घोषित किए गए तथा परिणाम 89.71 फीसदी रहा।
मजदूर की बेटी सोनी कौर ने हासिल किया तीसरा स्थान
मजदूर की बेटी और सरकारी मॉडल स्कूल ढोलेवाल की छात्रा सोनी कौर ने 99.08 प्रतिशत अंक हासिल कर पंजाब भर में तीसरा स्थान हासिल किया है। सोनी ने बताया कि वह रोजाना 7 से 8 घंटे पढ़ाई करती थी। देर रात पढ़ाई करना और सुबह जल्दी उठकर फिर पढ़ना। सोनी ने बताया कि वह जज बनना चाहती है। जज बनकर वह समाज से भ्रष्टाचार खत्म करना और कानून को सही तरीके से लागू करना चाहती है।
गैसपुरा की रहने वाली सोनी ने बताया कि उनके पिता मजदूरी करते हैं। जबकि माता रजिंदर कौर गृहिणी है। मुश्किल से घर का गुजारा चलता है। लेकिन फिर भी पिता किसी न किसी तरह से हमें पढ़ा रहे है। सोनी को पेंटिंग का शौक है। आठवीं कक्षा तक स्कूल स्तर पर मुकाबलों में भाग लिया है।
सोनी के पिता बलविंदर सिंह ने बताया कि उसकी तीन बेटियां और दो बेटे हैं। बेटियां इसी स्कूल में पढ़ती है। बड़ी बेटी गुरप्रीत कौर बारहवीं में है, रानी कौर आठवीं में है। बाकी दो बेटे स्वर्ण और जोरा प्राइवेट स्कूल में छोटी कक्षा में है।
जीया नंदा ने प्रदेश में हासिल किया तीसरा स्थान
दसवीं की मैरिट में नवांशहर जिले में एक बार फिर लड़कियों ने बाजी मारी। नवांशहर के राहों रोड स्थित डॉ. आसानंद आर्य माडल सीसे स्कूल में पढ़ने वाली जीया नंदा ने 650 में से 644 अंक लेकर प्रदेश में तीसरा और जिले में पहला स्थान हासिल किया। जिले में कुल 9 बच्चों ने मैरिट में स्थान बनाया है।
जीया नंदा रोजाना स्कूल के अलावा घर पर 6 घंटे पढ़ाई करती थी और लक्ष्य को हासिल करने के लिए उसने मोबाइल और टीवी से दूरी बनाए रखी। जीया आगे चल कर मेडिकल लाइन में भविष्य बनाना चाहती है। कचहरी परिसर में टाइपिस्ट का काम करने वाले पंकज नंदा और मां अनामिका नंदा ने जीया की उपलब्धि को स्कूल स्टाफ की मेहनत का नतीजा बताया।