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दोगुनी पार्किंग फीस का विरोध: मेयर बोले-पंजाब-हरियाणा डंपिंग ग्राउंड के लिए जमीन दें, हम फ्री पार्किंग देंगे

Fri, 28 Jul 2023 03:00 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 28 Jul 2023 03:00 PM IST
सार

मेयर अनूप गुप्ता का कहना है कि उनका फैसला सही है। उनका कहना है कि चंडीगढ़ के लोग जब अन्य राज्यों में जाते हैं तो एंट्री व अन्य कई तरह के टैक्स देते हैं। पंजाब-हरियाणा के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह दोनों राज्यों के लिए पार्किंग फ्री कर देंगे अगर वह डंपिंग ग्राउंड के लिए हमें जमीन देंगे।

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Protest over double fees imposed on outstation vehicles in Chandigarh
चंडीगढ़ पार्किंग - फोटो : amar ujala

विस्तार

चंडीगढ़ में पार्किंग के नए प्रस्ताव से हलचल मची हुई है। बाहरी गाड़ियों पर लगाई गई दोगुनी फीस को लेकर विरोध जारी है। लोग नगर निगम और मेयर अनूप गुप्ता पर भेदभाव का आरोप लगा रहे है। वहीं लोगों को लगने लगा है कि नए रेट लागू हो गए हैं। इस वजह से सेक्टर-22सी की मार्केट में फ्री पार्किंग को लेकर विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ा कि पुलिस बुलानी पड़ी।
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मंगलवार को नगर निगम सदन की बैठक में पार्किंग का प्रस्ताव पास होने के बाद से हर जगह दोपहिया वाहनों की पार्किंग मुफ्त होने की बात फैल गई। ज्यादातर लोग यह नहीं समझ पाए कि अभी सिर्फ प्रस्ताव पास हुआ है। इसे धरातल पर उतरने में अभी समय लगेगा। इस वजह से सेक्टर-22सी की पार्किंग में हंगामा हो गया। एक दोपहिया वाहन चालक ने पार्किंग फीस देने से मना कर दिया और कहा कि पार्किंग मुफ्त हो चुकी है, जिस पर पार्किंग कर्मचारियों से उनकी बहस हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस बुलानी पड़ी। बाद में व्यक्ति को किसी तरह समझाया गया। इसी तरह कुछ अन्य पार्किंग में भी लोग कर्मचारियों से बहस करते नजर आए। 
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मेयर अनूप गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि कार चालकों के लिए पहले 15 मिनट मुफ्त कर दिए हैं। वह 15 मिनट में अपने काम को निपटा लें या पिक एंड ड्रॉप कर सकते हैं। कि इससे पहले 10 मिनट मुफ्त करने की बात कही गई थी।

मेयर और निगम को सोशल मीडिया पर झेलना पड़ रहा विरोध
ट्राइसिटी से बाहर की गाड़ियों को दोगुनी पार्किंग फीस देने के प्रस्ताव का काफी विरोध हो रहा है। शहर के लोग भी दो भागों में बंट गए हैं। कुछ लोगों का कहना है कि यह प्रस्ताव बिल्कुल सही है। चंडीगढ़ की कई एसोसिएशन व संस्थाएं मेयर से मिलकर उन्हें इस प्रस्ताव के लिए धन्यवाद दे रही हैं। दूसरी तरफ, कुछ लोगों का तर्क है कि चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा की राजधानी है। ऐसे में वहां के लोगों के साथ सौतेला व्यवहार कैसे किया जा सकता है। 

सोशल मीडिया पर भी नगर निगम और अनूप गुप्ता को काफी विरोध झेलना पड़ रहा है। कई तरह के तर्क दिए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और दिल्ली के कई लोग चंडीगढ़ में रहकर नौकरी करते हैं। ऐसे में उनके साथ बहुत ज्यादा ज्यादती होगी। प्रस्ताव पर पंजाब और हरियाणा के नेता भी तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और इसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं।


पंजाब-हरियाणा नहीं देते चंडीगढ़ के लोगों को रियायतः मेयर
इस पूरे मामले पर मेयर अनूप गुप्ता का कहना है कि उनका फैसला सही है। उनका कहना है कि चंडीगढ़ के लोग जब अन्य राज्यों में जाते हैं तो एंट्री व अन्य कई तरह के टैक्स देते हैं। पंजाब-हरियाणा के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह दोनों राज्यों के लिए पार्किंग फ्री कर देंगे अगर वह डंपिंग ग्राउंड के लिए हमें जमीन देंगे। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ राजधानी है लेकिन पंजाब और हरियाणा शहर के लोगों को कोई रियायत नहीं देते हैं। वहां की नौकरियों में डोमिसाइल मांगा जाता है, जिसकी वजह से चंडीगढ़ के लोग आवेदन नहीं कर पाते। क्या ये गलत नहीं है।

दोपहिया वाहनों की पार्किंग मुफ्त के फैसले को लागू होने में अभी लगेगा समय
पार्किंग के मामले को लेकर शहर में असमंजस की स्थिति है। बहुत से लोगों को लगने लगा है कि तत्काल प्रभाव से ही दोपहिया वाहनों की पार्किंग मुफ्त हो गई है जबकि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। अभी तो सिर्फ नगर निगम से प्रस्ताव पास हुआ है। अब निगम की तरफ से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट जारी किया जाएगा। कमेटी बनेगी जो इन्हें देखेगी। रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल तैयार किया जाएगा, जिस पर काम चल रहा है। उसके बाद प्री-बिड बैठक में कंपनियों से सुझाव लिए जा सकते हैं। उसके बाद टेंडर होगा। किसी कंपनी को काम आवंटित किया जाएगा। उसके बाद जाकर यह दाम लागू होंगे। माना जा रहा है कि इस पूरी प्रक्रिया में दो से तीन महीने लग सकते हैं।
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