Punjab News: पंजाब में 12710 कच्चे शिक्षकों की नौकरी पक्की, दो से चार गुना तक बढ़ा वेतन, हर वर्ष 5% बढ़ोतरी
शिक्षामंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि यह दिन ऐतिहासिक है। सरकार अपनी एक और गारंटी पूरा करेगी। रेगुलर होने वाले शिक्षकों में शिक्षा प्रोवाइडर, आईईईजीएस, एसटीआर, एआईई, और स्पेशल इंक्लूसिव शिक्षक शामिल होंगे।
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पंजाब के स्कूलों में 10 से 15 वर्षों से पढ़ा रहे 12710 अस्थायी अध्यापकों को रेगुलर कर पंजाब सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। पक्के हुए इन शिक्षकों के वेतन में दो से चार गुना तक की बढ़ोतरी हो गई है। हर साल वेतन में पांच प्रतिशत की वृद्धि होगी। इन्हें नियमित मुलाजिमों की तर्ज पर कई लाभ मिलेंगे। महिला शिक्षकों को मातृत्व अवकाश और अन्य छुट्टियां भी पेड होंगी। इनका विशेष कैडर होगा।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में हुए एक कार्यक्रम में नियुक्ति पत्र बांटे। समागम में शिक्षकों के परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अध्यापकों से कहा कि सरकार ने उनके भविष्य की सारी चिंता दूर कर दी है। अब उन्हें पंजाब का भविष्य संवारना है। उन्होंने अध्यापकों से अपील की है कि जहां भी उनकी ड्यूटी लगाई जाती है, वहां जाकर नौकरी ज्वाइन करें। अभी तबादले के लिए अर्जी न लगाएं।
टैगोर थिएटर में आयोजित समागम में मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उन्होंने सत्ता संभाली थी, उस दिन से ही अस्थायी अध्यापकों को नियमित करने के प्रोजेक्ट पर लग गए थे। इसमें कई स्तर पर दिक्कतें थीं लेकिन सरकार ने सारी दिक्कतों को दूर कर कर्मचारियों को नियमित करने की दिशा में काम किया। मान ने कहा कि जब वह सुनते थे कि अध्यापक पांच से सात हजार में काम कर रहे हैं तो उन्हें बड़ा दुख होता था। वह सोचते थे कि जब अध्यापकों का खुद का भविष्य ही सुरक्षित नहीं है तो वह बच्चों का भविष्य कैसे संवारेंगे।
एक शिक्षक का बेटा होने के नाते वह शिक्षकों की समस्याओं को अच्छी तरह जानते हैं। शिक्षकों के सामने आने वाली सभी समस्याओं को हल करना उनका कर्तव्य है। उन्होंने एक जरूरतमंद लड़की का किस्सा साझा किया, जो मेहनत-मजूदरी कर ऊंचे मुकाम पर पहुंची है। उन्होंने कहा कि पुरानी सरकारें शिक्षकों को नियमित करने के नाम पर राजनीति ही करती रहीं लेकिन असल में उनके लिए कुछ नहीं किया। शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने सभी अध्यापकों को बधाई दी।
जनगणना में शिक्षकों की ड्यूटी नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य में जनगणना के लिए 66000 शिक्षकों की मांग की थी, जिसे उन्होंने साफ तौर पर अस्वीकार कर दिया और केंद्र सरकार से इस उद्देश्य के लिए बेरोजगार युवाओं की भर्ती करने को कहा। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं को सरकारी कामकाज की जानकारी हासिल करने के साथ-साथ अपने कौशल विकास में भी मदद मिलेगी। शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पढ़ाने का ही काम करेंगे, इसके अलावा अब उनसे कोई काम नहीं लिया जाएगा।
भावुक हो गए शिक्षक
कई वर्षों अस्थायी तौर पर नौकरी कर रहे शिक्षकों को जब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नियुक्ति पत्र सौंपे तो कई शिक्षक भावुक हो गए। कई महिला शिक्षकों की आंखों में आंसू आ गए। एक महिला शिक्षक ने रोते हुए मुख्यमंत्री को गले लगा लिया।
कितना वेतन मिलेगा
| श्रेणी | पुराना वेतन | नया वेतन |
| एसोसिएट टीचर | 9500 | 20500 |
| ईटीटी व एनटीटी | 10250 | 22000 |
| बीए, एमए, बीएड | 5500 | 15000 |
| शिक्षा वॉलंटियर | 3500 | 15000 |
| ईजीएस, ईआईई व एसटीआर | 6000 | 18,000 |