लुधियाना जेलकांडः घायलों का हाल जानने पहुंचे जेल मंत्री का घेराव, गाड़ी के आगे प्रदर्शन
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जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा घायल कैदियों का हाल जानने के लिए शुक्रवार को सिविल अस्पताल पहुंचे। वहां मृतक अजीत सिंह और घायल कैदियों के परिजनों ने उनका घेराव कर दिया। सभी लोग जेल मंत्री की गाड़ी के आगे ही बैठ गए। उन्होंने जेल मंत्री और पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
पुलिस जेल मंत्री की सुरक्षा करने और प्रदर्शनकारियों को पीछे करने में जुटी रही। इसी दौरान मृतक अजीत सिंह के परिजन जेल मंत्री के पास प्रदर्शन करने पहुंच गए। उन्होंने सआश्वासन दिया कि सभी को पूरा इंसाफ दिया जाएगा।
जेल मंत्री सुखजिंदर रंधावा का पहले गुरुवार की देर शाम को सेंट्रल जेल और सिविल अस्पताल का दौरा करने का प्लान था लेकिन किसी कारण वह नहीं आ सके तो शुक्रवार की सुबह वे सेंट्रल जेल पहुंचे। वहां मौजूद अधिकारियों के साथ उन्होंने मीटिंग की और सारे घटनाक्रम की जानकारी ली। मीटिंग के बाद रंधावा अधिकारियों के साथ जेल का दौरा करने गए और इसके बाद सिविल अस्पताल में भर्ती कैदियों का हाल जानने पहुंचे।
वहां उन्होंने कैदियों का हाल जानने के बाद डॉक्टर से बात की। जेल मंत्री ने कैदियों से भी बात की और उनकी बात सुनने के बाद नीचे आ ही रहे थे कि घायल कैदियों के परिजनों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और उनकी गाड़ी का घेराव किया। पुलिस ने मुश्किल से जेल मंत्री की गाड़ी को सिविल अस्पताल से निकलवाया और राहत की सांस ली।
विधायक बैंस और समर्थकों की पुलिस से बहस
मृतक कैदी अजीत सिंह और घायल कैदियों के परिजनों से मुलाकात करने के लिए लोक इंसाफ पार्टी के प्रमुख और विधायक सिमरजीत सिंह बैंस सिविल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने परिवार से मुलाकात की।
उन्होंने सिविल अस्पताल पहुंचे जेल मंत्री से भी मुलाकात कर बात की और परिवार के लिए इंसाफ की मांग की। विधायक बैंस पुलिस मुलाजिमों के साथ ही उलझ पड़े जब पुलिस मुलाजिमों ने उन्हें व उनके समर्थकों को सिविल अस्पताल में आने से रोका।
नहीं हो सका कैदी अजीत के शव का पोस्टमार्टम
सिविल अस्पताल की मार्चरी में रखे अजीत सिंह के शव का शुक्रवार को पोस्टमार्टम होना था। मजिस्ट्रेट ने परिवार वालों के बयान दर्जकर करने के बाद पोस्टमार्टम की तैयारी कर ली थी। जब दस्तखत करने की बारी आई तो परिवार वाले पोस्टमार्टम न कराने पर अड़ गए।
उन्होंने कहा कि पहले गोली चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उसके बाद ही अजीत के शव का पोस्टमार्टम होगा। परिवार वालों ने अपने बयान लेकर फाड़ दिए और अड़े रहे कि वह तब तक पोस्टमार्टम नहीं कराएंगे जब तक उन्हें इंसाफ नहीं मिलेगा।