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Chandigarh: मेयर चुनाव विवाद पर हंगामा जारी, युवा कांग्रेस ने पीठासीन अधिकारी के खिलाफ किया प्रदर्शन
Tue, 06 Feb 2024 01:40 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 06 Feb 2024 01:40 PM IST
सार
चंडीगढ़ मेयर चुनाव मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को रिटर्निंग अधिकारी अनिल मसीह को कड़ी फटकार लगाई थी। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि यह स्पष्ट है कि रिटर्निंग अधिकारी ने मतपत्रों को नष्ट किया है। कोर्ट ने सवाल पूछा कि क्या इसी तरह से चुनाव का आयोजन होता है? इस अधिकारी पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए।
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मेयर चुनाव के पीठासीन अधिकारी के खिलाफ प्रदर्शन करते यूथ कांग्रेसी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चंडीगढ़ मेयर चुनाव पर उठा विवाद शांत नहीं हो रहा। मंगलवार को सेक्टर 35 के कांग्रेस भवन के सामने युवा कांग्रेस की ओर से मेयर चुनाव में हुई धांधली के विरोध में प्रदर्शन किया गया। पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह के फोटो पर कालिख पोती गई और जूते का हार डाला गया। इस दौरान खूब नारेबाजी हुई।
चंडीगढ़ मेयर चुनाव मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को रिटर्निंग अधिकारी अनिल मसीह को कड़ी फटकार लगाई थी। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि इस अधिकारी पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए। क्या यह रिटर्निंग अधिकारी का व्यवहार है?
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सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल के माध्यम से मतपत्र, वीडियोग्राफी और अन्य सामग्री समेत चुनाव प्रक्रिया के पूरे रिकॉर्ड को संरक्षित करने का आदेश दिया। वहीं अगली सुनवाई तक चंडीगढ़ निगम की आगामी बैठक को टालने का निर्देश भी दिया।
30 जनवरी को हाईकोर्ट के आदेश पर चंडीगढ़ मेयर चुनाव हुआ था। इसमें भाजपा प्रत्याशी मनोज सोनकर ने चार मतों से जीत दर्ज की थी। भाजपा के पास कुल 14 पार्षद थे। वहीं एक मत सांसद किरण खेर का था। भाजपा प्रत्याशी को कुल 16 वोट मिले थे। वहीं कांग्रेस-आप प्रत्याशी को 12 मत मिले थे। जबकि गठबंधन के पास कुल 20 मत थे। चुनाव के दौरान आठ मतों को अमान्य करार दिया गया था। इस वजह से मेयर चुनाव में भाजपा प्रत्याशी ने जीत दर्ज की थी।
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चंडीगढ़ मेयर चुनाव मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को रिटर्निंग अधिकारी अनिल मसीह को कड़ी फटकार लगाई थी। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि इस अधिकारी पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए। क्या यह रिटर्निंग अधिकारी का व्यवहार है?
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सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल के माध्यम से मतपत्र, वीडियोग्राफी और अन्य सामग्री समेत चुनाव प्रक्रिया के पूरे रिकॉर्ड को संरक्षित करने का आदेश दिया। वहीं अगली सुनवाई तक चंडीगढ़ निगम की आगामी बैठक को टालने का निर्देश भी दिया।
30 जनवरी को हाईकोर्ट के आदेश पर चंडीगढ़ मेयर चुनाव हुआ था। इसमें भाजपा प्रत्याशी मनोज सोनकर ने चार मतों से जीत दर्ज की थी। भाजपा के पास कुल 14 पार्षद थे। वहीं एक मत सांसद किरण खेर का था। भाजपा प्रत्याशी को कुल 16 वोट मिले थे। वहीं कांग्रेस-आप प्रत्याशी को 12 मत मिले थे। जबकि गठबंधन के पास कुल 20 मत थे। चुनाव के दौरान आठ मतों को अमान्य करार दिया गया था। इस वजह से मेयर चुनाव में भाजपा प्रत्याशी ने जीत दर्ज की थी।