सत्ता में आते ही कैसे पलटी मार गए नेताजी? देखें वीडियो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोशल मीडिया पर हरियाणा के शिक्षा मंत्री का एक वीडियो और पत्र वायरल हुआ है। इसमें उन्होंने गेस्ट टीचर को पक्का करने का वादा किया था। हालांकि अब सत्ता में आते ही अब उन गेस्ट टीचरों को निकालने की तैयारी की जा रही है।
शिक्षा मंत्री के रवैये से नाराज पानीपत खंड के गेस्ट टीचरों ने शुक्रवार को राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल स्थित बीईओ कार्यालय पर प्रदर्शन किया। ब्लॉक कार्यकारिणी ने कहा कि भाजपा ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव अभियान में सरकार आने पर पहली कलम से गेस्ट टीचरों को पक्का करने की बात कही थी।
प्रदेश के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा सार्वजनिक मंचों पर इन बातों को दोहरा चुके हैं, लेकिन सरकार ने इसके उलट किया है और प्रदेश के 4025 गेस्ट टीचरों को हटाने की तैयारी कर ली है।
जिले के स्कूलों में 782 गेस्ट टीचर हैं। जेबीटी 382, मास्टर 250, सीएंडवी 60 और लेक्चरर 90 हैं। शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए 20 दिसंबर 2005 को लगाया था। इसमें गेस्ट टीचर को लगाने की पॉवर स्कूल प्रिंसिपल को थी।
कक्षाओं व परीक्षाओं का बहिष्कार
सरकारी स्कूलों में कार्यरत गेस्ट टीचरों ने कक्षाओं व परीक्षाओं का बहिष्कार कर दिया है और उन्होंने सरप्लस गेस्ट टीचरों को हटाने के फैसले को वापस लेकर सभी गेस्ट टीचर को स्थायी नियुक्ति देने की मांग की है। गेस्ट टीचरों ने पूरे जिले में खंड स्तर पर खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बाहर धरना देकर प्रदर्शन किया।
जिले के सरकारी स्कूलों में तैनात अतिथि अध्यापकों ने शुक्रवार को परीक्षाओं और दूसरी जिम्मेदारियों का बहिष्कार किया और हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ के बैनर पूरे के पांचों खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। गेस्ट टीचरों ने सरकार की अनदेखी व शिक्षा विभाग के फैसले पर रोष व्यक्त किया और शिक्षा विभाग के 4025 गेस्ट टीचरों को हटाने के फैसले को वापस लेने की मांग की।
परीक्षा के साथ वार्डबंदी भी प्रभावित
गेस्ट टीचरों ने शुक्रवार को सरकार के फैसले के विरोध में परीक्षाओं समेत दूसरे कार्यों का बहिष्कार कर दिया। इसमें बोर्ड की परीक्षा संचालन, स्कूल स्तर की नौवीं कक्षाओं की परीक्षा के साथ पंचायती चुनाव को लेकर वार्डबंदी का भी बहिष्कार कर दिया। ऐसे में शिक्षा अधिकारियों ने पूरा दिन की मशक्कत के बाद परीक्षा को नियंत्रित किया।
यहां देखें वीडियो-