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शराब ठेकों को बचाने के लिए स्टेट हाइवे का दर्जा खत्म करने की तैयारी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 16 Feb 2017 09:12 AM IST
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- फोटो : Demo Pic
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शराब के ठेके बंद होने से बचाने के लिए यूटी प्रशासन नियम बदलने की तैयारी में है। 2005 में जिन वी-1, वी-2 और वी-3 सड़कों को प्रशासन ने नगर निगम को न देकर अपने पास रखने के लिए स्टेट हाइवे का दर्जा देने की अधिसूचना जारी की थी। अब इसी अधिसूचना को रद्द करने पर मंथन हो रहा है। एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट की सूचना के बाद इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट इस पर कानूनी राय ले रहा है। अगले कुछ दिनों में अधिसूचना रद्द कर इन सड़कों से स्टेट हाइवे का स्टेट्स हटा कर इन्हें शहर के मुख्य मार्ग घोषित किया जा सकता है।
प्रशासन के कुछ अधिकारी ही अब अपनी अधिसूचना पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि खुले तौर पर कोई भी बोलने से बच रहा है। इसका ठीकरा उस समय के अधिकारियों पर फोड़ा जा रहा है।
चंडीगढ़ यूटी न कि स्टेट, ऐसे में दर्जा नहीं देना चाहिए था
अधिकारियों का मानना है कि चंडीगढ़ यूटी है न की स्टेट। ऐसे में यहां की सड़कों को स्टेट हाइवे का दर्जा दिया ही नहीं जा सकता। मुख्य तौर पर दो जिलों को जोड़ने वाली सड़क को स्टेट हाइवे का दर्जा दिया जाता है। वहीं चंडीगढ़ अपने आप में ही एक जिले की तरह है। इसकी सड़कें शहर के मुख्य मार्ग हो सकती हैं न की स्टेट हाइवे। 31 मार्च को पुरानी एक्साइज पॉलिसी खत्म हो जाएगी। 1 अप्रैल से नई पॉलिसी लागू होनी है। ठेके भी दोबारा से अलॉट किए जाने हैं। पॉलिसी बनाने से पहले प्रशासन यह मसला सुलझाने में जुटा है।
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प्रशासन के कुछ अधिकारी ही अब अपनी अधिसूचना पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि खुले तौर पर कोई भी बोलने से बच रहा है। इसका ठीकरा उस समय के अधिकारियों पर फोड़ा जा रहा है।
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चंडीगढ़ यूटी न कि स्टेट, ऐसे में दर्जा नहीं देना चाहिए था
अधिकारियों का मानना है कि चंडीगढ़ यूटी है न की स्टेट। ऐसे में यहां की सड़कों को स्टेट हाइवे का दर्जा दिया ही नहीं जा सकता। मुख्य तौर पर दो जिलों को जोड़ने वाली सड़क को स्टेट हाइवे का दर्जा दिया जाता है। वहीं चंडीगढ़ अपने आप में ही एक जिले की तरह है। इसकी सड़कें शहर के मुख्य मार्ग हो सकती हैं न की स्टेट हाइवे। 31 मार्च को पुरानी एक्साइज पॉलिसी खत्म हो जाएगी। 1 अप्रैल से नई पॉलिसी लागू होनी है। ठेके भी दोबारा से अलॉट किए जाने हैं। पॉलिसी बनाने से पहले प्रशासन यह मसला सुलझाने में जुटा है।
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हाइवे के 500 मीटर के दायरे में ठेका नहीं हो सकता
मुख्य मार्गों पर हैं 80 ठेके
वी-1, वी-2 और वी-3 केटेगरी में शहर के सभी मुख्य मार्ग आ जाते हैं। जिनमें मध्य मार्ग, दक्षिण मार्ग, जनपथ, उद्यान पथ, विद्या पथ, उद्योग पथ, विज्ञान पथ और विकास मार्ग के साथ पूर्वी मार्ग भी आ जाता है। कुल 100 शराब के ठेकों में से 80 से अधिक इन्हीं मुख्य मार्गों पर हैं। हालांकि पिकाडली चौक तक दक्षिण मार्ग नेशनल हाइवे में आता है।
हाइवे के 500 मीटर के दायरे में ठेका नहीं हो सकता
सुप्रीम कोर्ट ने जो आदेश जारी किए हैं, उसमें नेशनल और स्टेट हाइवे से 500 मीटर के दायरे में शराब का ठेका नहीं हो सकता। ऐसे में प्रशासन के पास दो ही रास्ते बचते हैं या तो शराब के ठेकों को इन मार्गों से हटाकर कहीं और शिफ्ट किया जाए या फिर स्टेट हाइवे स्टेट्स की अधिसूचना को रद्द किया जाए। 500 मीटर में चंडीगढ़ का करीब आधा सेक्टर कवर हो जाता है। जिस कारण इन्हें सेक्टर में भी शिफ्ट नहीं किया जा सकता। केवल गांव का ही विकल्प बचता है, लेकिन गांव भी केवल 13 ही चंडीगढ़ के दायरे में आते हैं। उनमें से भी कई में पहले से ठेका है।
नई एक्साइज पॉलिसी से पहले सब फाइनल कर लेंगे
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को ध्यान में रखकर उस पर काम किया जा रहा है। नई एक्साइज पॉलिसी से पहले सब फाइनल कर लिया जाएगा।
अजीत बालाजी जोशी, डीसी कम एक्साइज एंड टेक्सेशन कमिश्नर, चंडीगढ़।
वी-1, वी-2 और वी-3 केटेगरी में शहर के सभी मुख्य मार्ग आ जाते हैं। जिनमें मध्य मार्ग, दक्षिण मार्ग, जनपथ, उद्यान पथ, विद्या पथ, उद्योग पथ, विज्ञान पथ और विकास मार्ग के साथ पूर्वी मार्ग भी आ जाता है। कुल 100 शराब के ठेकों में से 80 से अधिक इन्हीं मुख्य मार्गों पर हैं। हालांकि पिकाडली चौक तक दक्षिण मार्ग नेशनल हाइवे में आता है।
हाइवे के 500 मीटर के दायरे में ठेका नहीं हो सकता
सुप्रीम कोर्ट ने जो आदेश जारी किए हैं, उसमें नेशनल और स्टेट हाइवे से 500 मीटर के दायरे में शराब का ठेका नहीं हो सकता। ऐसे में प्रशासन के पास दो ही रास्ते बचते हैं या तो शराब के ठेकों को इन मार्गों से हटाकर कहीं और शिफ्ट किया जाए या फिर स्टेट हाइवे स्टेट्स की अधिसूचना को रद्द किया जाए। 500 मीटर में चंडीगढ़ का करीब आधा सेक्टर कवर हो जाता है। जिस कारण इन्हें सेक्टर में भी शिफ्ट नहीं किया जा सकता। केवल गांव का ही विकल्प बचता है, लेकिन गांव भी केवल 13 ही चंडीगढ़ के दायरे में आते हैं। उनमें से भी कई में पहले से ठेका है।
नई एक्साइज पॉलिसी से पहले सब फाइनल कर लेंगे
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को ध्यान में रखकर उस पर काम किया जा रहा है। नई एक्साइज पॉलिसी से पहले सब फाइनल कर लिया जाएगा।
अजीत बालाजी जोशी, डीसी कम एक्साइज एंड टेक्सेशन कमिश्नर, चंडीगढ़।