प्रशांत किशोर बने पंजाब के मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार, मिला कैबिनेट मंत्री का दर्जा, एक रुपये होगा वेतन
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चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर अब पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के प्रधान सलाहकार के तौर पर काम करेंगे। इसके लिए वे केवल एक रुपया वेतन लेंगे। हालांकि उन्हें कैप्टन सरकार में कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिलेगा। इसके तहत निजी सचिव सहित कार्यालय व स्टाफ, सरकारी आवास, फोन, ट्रांसपोर्ट सुविधा, मेहमानवाजी के लिए प्रति माह 5000 रुपये तक खर्च की अनुमति और कैबिनेट मंत्री के समान स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
सोमवार दोपहर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्वीट कर यह जानकारी दी। उन्होंने लिखा- यह बताते हुए खुशी हो रही है कि प्रशांत किशोर प्रिंसिपल एडवाइजर के तौर पर मेरे साथ आ गए हैं। पंजाब के लोगों की भलाई के लिए एक साथ काम करने के लिए तत्पर हैं। वहीं, देर शाम राज्य सरकार ने इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी।
अधिसूचना के मुताबिक, प्रिंसिपल एडवाइजर के तौर पर प्रशांत का कार्यकाल पंजाब के मौजूदा मुख्यमंत्री के कार्यकाल के बराबर रहेगा। उन्हें सचिवालय प्रशासन एक निजी सचिव, एक पर्सनल सहायक, एक डाटा एंट्री ऑपरेटर, एक क्लर्क और दो चपरासी मुहैया कराएगा। उनके आने-जाने के लिए वाहन की सुविधा राज्य ट्रांसपोर्ट विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। उल्लेखनीय है कि पंजाब में वर्ष 2022 की पहली तिमाही में ही विधानसभा चुनाव होने हैं।
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Happy to share that @PrashantKishor has joined me as my Principal Advisor. Look forward to working together for the betterment of the people of Punjab!
— Capt.Amarinder Singh (@capt_amarinder) March 1, 2021
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प्रशांत किशोर को चुनावी रणनीतिकार के तौर पर जाना जाता है। इससे पहले प्रशांत किशोर ने वर्ष 2014 के आम चुनाव में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद के लिए अभियान की कमान संभाली थी। इसके अलावा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, आंध्र प्रदेश के सीएम जगनमोहन रेड्डी के लिए भी काम कर चुके हैं।
पश्चिम बंगाल में प्रशांत किशोर का इस बार दावा है कि भाजपा दहाई का आंकड़ा ही पार कर सकेगी। उन्होंने रविवार को ट्वीट कर कहा था कि राज्य के लोग चाहते हैं कि उनकी बेटी सत्ता में वापस आए और दो मई को चुनाव परिणामों की घोषणा होने के साथ उनके इस ट्वीट को निकाल कर लोग देख सकते हैं।
नरेंद्र मोदी को सीएम से पीएम बनाने तक साथ रहे प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर ने चुनाव रणनीतिकार के तौर पर अपने कैरियर की शुरुआत नरेंद्र मोदी के लिए चुनाव अभियान चलाकर की थी। उन्होंने 2012 में नरेंद्र मोदी को गुजरात का मुख्यमंत्री बनाने के लिए चुनाव अभियान की कमान संभाली। उस समय प्रशांत गुजरात के मुख्यमंत्री आवास में ही रहते थे। 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रशांत ने नरेंद्र मोदी के लिए फिर से चुनाव अभियान की कमान संभाली। माना जाता है कि उस चुनाव में भाजपा को मिले पूर्ण बहुमत के लिए प्रशांत किशोर की रणनीति की भूमिका प्रमुख थी। इसके बाद प्रशांत किशोर बिहार चुनाव में नीतीश और लालू के साथ महागठबंधन की सरकार बनवाने में भूमिका निभाई थी।
यूपी में कांग्रेस को नहीं जिता पाए थे प्रशांत
उत्तर प्रदेश में 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा था। उत्तर प्रदेश में देश की आजादी के बाद कांग्रेस का यह सबसे खराब प्रदर्शन था, जब उसे केवल सात सीटों पर जीत हासिल हुई थी। उस समय प्रशांत किशोर ही कांग्रेस के रणनीतिकार थे। हालांकि चुनाव नतीजे आने के बाद प्रशांत किशोर ने समाजवादी पार्टी को इस हार के लिए जिम्मेदार ठहराया था।
कांग्रेस उस चुनाव में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में उतरी थी। प्रशांत किशोर का कहना था कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने उत्तर प्रदेश में उन्हें खुलकर काम नहीं करने दिया, जिसके कारण हार का सामना करना पड़ा है।
2017 के चुनाव में कैप्टन को दिलाई थी शानदार जीत
पंजाब में 2017 के विधानसभा चुनाव में कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी की शानदार जीत में प्रशांत किशोर ने अहम भूमिका निभाई थी। प्रशांत ने उस समय राज्य में एक बड़ा प्रचार अभियान चलाया था, जिसकी बदौलत 10 साल सत्ता से बाहर रही कांग्रेस पार्टी को सत्ता में बहुमत के साथ वापसी का मौका मिला था। 2017 के दौरान प्रशांत ने कॉफी विद कैप्टन और कई अन्य अभियानों के जरिए कांग्रेस को एक मजबूत पार्टी के रूप में स्थापित कर दिया था। अब कैप्टन ने वैसी की जीत 2022 में हासिल करने के लिए प्रशांत किशोर की फिर से सेवाएं ली हैं।