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प्राचीन कला केंद्र का जयंती समारोह 18 से, 450 कलाकार आएंगे
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 17 Mar 2016 10:11 AM IST
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प्राचीन कला केंद्र
- फोटो : फाइल फोटो
चंडीगढ़ स्थित प्राचीन कला केंद्र की ओर से सात दिवसीय 46वें नृत्य एवं संगीत सम्मेलन का आयोजन 18 मार्च से शुरू हो रहा है। यह जानकारी प्रेस कांफ्रेंस के दौरान प्राचीन कला केंद्र की रजिस्ट्रार शोभा कौसर ने दी। उन्होंने बताया कि सम्मेलन 24 मार्च तक चलेगा।
इसमें देश भर के करीब साढ़े चार सौ कलाकार भाग लेंगे। इस बार केन्द्र अपनी हीरक जयंती मना रहा है। इसलिए इस बार सम्मेलन को सात दिवसीय रूप दिया गया है। इस मौके पर दो महान संगीतज्ञ सौभाग्य वर्द्धन बादल और केशव तलगांवकर को सम्मानित करेगा।
अमान और अयान की युगलबंदी से होगा आगाज
सम्मेलन का आगाज़ युवा एवं प्रतिभाशाली कलाकार अमान अली एवं अयान अली की सरोद जुगलबंदी से होगा जो कि प्रसिद्ध सरोद वादक अमजद अली खां के सुपुत्र एवं शिष्य हैं। इस दिन की दूसरी प्रस्तुति में कत्थक नृत्यांगना महुआ शंकर अपने नृत्य से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी।
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इसके अलावा 19 मार्च को सानीय पटानकर की गायन एवं केडिया बंधु का सितार, सरोद में जुगलबंदी होगी। 20 मार्च को बड़े विलायत खां साहिब के सुपुत्र उस्ताद जवाद खां एवं मजहर खां गायन की प्रस्तुति देंगे और दूसरी प्रस्तुति शुभेंद्र सासकीया राव की सितार सैलो जुगलबंदी होगी।
21 मार्च को चेतन जोशी की बांसुरी वादन एवं शालू जिंदल कुचिपुड़ी नृत्य प्रस्तुत करेंगी। 22 मार्च को संदीपन समाजपती की गायन एवं ब्रजा मल्लिक एवं समूह की उडीसी नृत्य प्रस्तुत करेंगे।
23 मार्च कोलकाता के युवा कलाकार सौनक चटर्जी की गायन एवं पूर्णिमा अषोक के भरतनाट्यम नृत्य से सजेगा। 24 मार्च को अभय रूतम सोपोरी के संतूर एवं पूर्वा कौसर के कत्थक से सम्मेलन का समापन होगा।
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इसमें देश भर के करीब साढ़े चार सौ कलाकार भाग लेंगे। इस बार केन्द्र अपनी हीरक जयंती मना रहा है। इसलिए इस बार सम्मेलन को सात दिवसीय रूप दिया गया है। इस मौके पर दो महान संगीतज्ञ सौभाग्य वर्द्धन बादल और केशव तलगांवकर को सम्मानित करेगा।
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अमान और अयान की युगलबंदी से होगा आगाज
सम्मेलन का आगाज़ युवा एवं प्रतिभाशाली कलाकार अमान अली एवं अयान अली की सरोद जुगलबंदी से होगा जो कि प्रसिद्ध सरोद वादक अमजद अली खां के सुपुत्र एवं शिष्य हैं। इस दिन की दूसरी प्रस्तुति में कत्थक नृत्यांगना महुआ शंकर अपने नृत्य से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी।
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इसके अलावा 19 मार्च को सानीय पटानकर की गायन एवं केडिया बंधु का सितार, सरोद में जुगलबंदी होगी। 20 मार्च को बड़े विलायत खां साहिब के सुपुत्र उस्ताद जवाद खां एवं मजहर खां गायन की प्रस्तुति देंगे और दूसरी प्रस्तुति शुभेंद्र सासकीया राव की सितार सैलो जुगलबंदी होगी।
21 मार्च को चेतन जोशी की बांसुरी वादन एवं शालू जिंदल कुचिपुड़ी नृत्य प्रस्तुत करेंगी। 22 मार्च को संदीपन समाजपती की गायन एवं ब्रजा मल्लिक एवं समूह की उडीसी नृत्य प्रस्तुत करेंगे।
23 मार्च कोलकाता के युवा कलाकार सौनक चटर्जी की गायन एवं पूर्णिमा अषोक के भरतनाट्यम नृत्य से सजेगा। 24 मार्च को अभय रूतम सोपोरी के संतूर एवं पूर्वा कौसर के कत्थक से सम्मेलन का समापन होगा।