कृषि अध्यादेशों पर पंजाब में सियासत गरमाई, यहां पर पढ़ें- किसने क्या बोला
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विधायक राणा गुरजीत सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पंजाब के किसानों के अधिकारों के लिए हर लड़ाई लड़ेगी और इसके लिए वह कोई भी कुर्बानी के लिए तैयार हैं’। वह शुक्रवार को यहां जिला प्रशासकीय कांपलेक्स में डिप्टी कमिश्नर दीप्ति उप्पल और कृषि विभाग के अधिकारी, किसानों की उपस्थिति में पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के वर्चुअल किसान मेले की शुरुआत के बाद बातचीत कर रहे थे।
राणा गुरजीत ने कहा कि शायद केंद्र सरकार यह भूल गई है कि पंजाब के किसानों ने ही अपनी मेहनत से देश में अकाल पड़ने से रोका और देश को अनाज के मामले में आत्मनिर्भर बनाया। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों ने देश निवासियों का पेट भरने के लिए अपना पानी खत्म कर लिया, जमीन की उपजाऊ शक्ति खत्म कर दी और अब केंद्र की तरफ से उनकी देश सेवा का मूल्य किसानी, मजदूर, आढ़तियों और मंडी व्यवस्था से जुड़े लाखों लोगों को सड़कों पर लाकर दिया जा रहा है।
उन्होंने आशंका व्यक्त की कि इन कानूनों के लागू होने से बहुराष्ट्रीय कंपनियां सभी मंडियों पर कब्जा कर लेंगी और आम किसान का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। राणा गुरजीत सिंह ने किसानों को न्योता दिया कि वह भाजपा और अकाली दल की ओर से लागू किए इन कानून का विरोध करें।
होशियारपुर: ;शिअद पंजाबियों को और गुमराह नहीं कर सकता'
प्रदेश उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री पंजाब सुंदर शाम अरोड़ा ने शुक्रवार को कहा कि शिरोमणि अकाली दल ने केंद्र सरकार के कृषि अध्यादेशों की हिमायत कर पंजाब के किसानों से धोखा किया है। अब हरसिमरत कौर बादल की ओर से केंद्रीय मंत्री मंडल से इस्तीफा देना सिर्फ एक राजनीतिक स्टंट है। सोमवार को गांव व शहर स्तर पर केंद्र सरकार व खेती अध्यादेशों के विरोध में रोष प्रदर्शन किए जाएंगे।
जिला प्रशासकीय कांप्लेक्स में वर्चुअल किसान मेले में ऑनलाइन शिरकत करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए अरोड़ा ने कहा कि अपने आप को किसानी की रखवाली पार्टी कहलाने वाली शिरोमणि अकाली दल की लीडरशिप अब चारों तरफ से घिर चुकी है। उन्होंने कहा कि कृषि आर्डिनेंस के रोष के तौर पर केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा हरसिमरत कौर बादल ने अपने राजनीतिक हितों के लिए दिया है। पंजाब के लोग व किसान बहुत समझदार हो चुके हैं और अब अकाली दल लोगों को गुमराह नहीं कर सकता।
भाजपा से गठबंधन तोड़े शिअद: भाकियू कादियां
केंद्र सरकार के कृषि अध्यादेशों के विरोध में राज्य के कई किसान संगठनों ने 25 सितंबर को पंजाब बंद का एलान किया है। वहीं राज्य के किसान संगठन शिरोमणि अकाली दल से भाजपा के साथ गठबंधन तोड़ने की मांग कर रहे हैं। भाकियू कादियां के जिला प्रधान बुधराम बिश्नोई ने कहा कि खेती अध्यादेश लागू होने से देश का किसान तबाह हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि एमएसपी खत्म होने पर व्यापारी वर्ग मनमानी कीमत पर फसल की खरीद करेगा। किसानों को मजबूरी में फसल कम कीमत पर बेचनी होगी। हरसिमरत कौर बादल के इस्तीफे को नाटक बताते हुए बिश्रोई ने कहा कि अगर वे सही मायने में किसान हितैषी हैं तो भाजपा से गठबंधन को हमेशा के लिए खत्म करें। उन्होंने बताया कि 25 सितंबर को बड़ी संख्या में किसान चंडीगढ़ पहुंच कर कृषि अध्यादेशों के खिलाफ राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेंगे।
जालंधर: 'कृषि विधेयक 2020 किसानों के हित में'
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता वसीम राजा ने लोकसभा में पास हुए कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य सरलीकरण विधेयक 2020 को लेकर कहा कि इसके आ जाने के बाद किसानों के लिए एक नए युग की शुरुआत होगी। राजा ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष किसानों को गुमराह कर रहा हैं।
अध्यादेश किसानों के हितों की रक्षा के लिए लाए गए हैं। इस कानून की वजह से कृषि उपज कुशल पारदर्शिता और बिना किसी रुकावट के दूसरे राज्यों में एवं राज्य के भीतर व्यापार वाणिज्य को बढ़ावा देगा। इससे किसानों और व्यापारियों को बिक्री और खरीद के लिए पसंद की स्वतंत्रता होगी।
राजपुरा: 'खेती अध्यादेश किसानों के हित में'
भाजपा के प्रदेश महासचिव एवं मालवा जोन के इंचार्ज मालविंदर सिंह कंग ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार के खेती अध्यादेश किसानों के हित में हैं। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी गलत बयानबाजी कर प्रदेश के किसानों को गुमराह कर रही हैं। कंग राजपुरा में भाजपा नेता डॉ. अजय चौधरी के निवास पर पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
उन्होंने बताया अध्यादेश पास होने से अब किसान फसल को अपनी मर्जी से किसी भी प्रदेश में बिना किसी टैक्स के बेचकर आमदनी में बढ़ोतरी कर सकता है। इसके अलावा किसानों के अनाज की सरकारी खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य जारी रहेगा। इस संबंधी किसान भाइयों को जो भी गलतफहमी है, उन्हें जल्द दूर किया जाएगा। इस अवसर पर भाजपा जिला प्रधान विकास शर्मा, डॉ. अजय चौधरी और उनकी पत्नी चारु चौधरी, युवा मोर्चा के प्रदेश सचिव तरुण खुराना, गौरव गौतम मौजूद रहे।
कृषि प्रधान सूबे को बचाने लिए करेंगे किसानों का समर्थन: सोहल
आम आदमी पार्टी के नेता डॉ. कश्मीर सिंह सोहल ने कृषि अध्यादेश के विरोध में संघर्ष कर रहे किसानों-मजदूरों का समर्थन देने की घोषणा की है। डॉ. सोहल ने कहा कि किसान व मजदूर लगातार इस अध्यादेश का विरोध कर रहे हैं। इसके बावजूद लोकसभा से ये अध्यादेश पास हो गया है। इसे पास करवाने में कांग्रेस व अकाली दल ने सहयोग दिया है और यह दोनों पार्टियां मिलकर किसानी को खत्म करना चाहती है। आम आदमी पार्टी इस अध्यादेश को कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। इसके विरोध में किसानों का समर्थन करेगी।