{"_id":"63ce6bacb2530b0e644b7315","slug":"political-parties-started-to-prepare-for-by-election-in-jalandhar-congress-aam-aadmi-party-bsp-bjp-akali-dal-2023-01-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jalandhar By-Poll: जालंधर में उपचुनाव के लिए पार्टियों में मंथन शुरू, कांग्रेस के सामने गढ़ बचाने की चुनौती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jalandhar By-Poll: जालंधर में उपचुनाव के लिए पार्टियों में मंथन शुरू, कांग्रेस के सामने गढ़ बचाने की चुनौती
Tue, 24 Jan 2023 10:31 AM IST
निवेदिता वर्मा
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 24 Jan 2023 10:31 AM IST
सार
संगरूर उपचुनाव में हार के बाद सीएम मान के लिए जालंधर के चुनाव एक बड़ी परीक्षा होगी।
आम आदमी पार्टी की तरफ से इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि अप्रैल में लोकसभा उपचुनाव हो सकते हैं। हाल ही में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता संदीप पाठक ने दिल्ली में एक मीटिंग कर इस पर मंथन किया है।
विज्ञापन
जालंधर उपचुनाव
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत जोड़ो यात्रा के दौरान जालंधर के विधायक चौधरी संतोख सिंह के निधन के बाद उपचुनाव को लेकर चर्चा शुरू हो चुकी है। इस बार जालंधर का उपचुनाव काफी दिलचस्प होगा क्योंकि सीएम भगवंत मान के लिए यह चुनाव एक चुनौती के रूप में होगा वहीं जालंधर में कांग्रेस को अपनी सीट बचाकर रखने के लिए ताकत झोंकनी होगी। संगरूर उपचुनाव में हार के बाद सीएम मान के लिए जालंधर के चुनाव एक बड़ी परीक्षा होगी।
विज्ञापन
आम आदमी पार्टी की तरफ से इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि अप्रैल में लोकसभा उपचुनाव हो सकते हैं। हाल ही में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता संदीप पाठक ने दिल्ली में एक मीटिंग कर इस पर मंथन किया है। पार्टी की तरफ से विचार किया जा रहा है कि मौजूदा विधायक शीतल अंगुराल को मैदान में उतारा जाए तो रविदासिया समाज का बहुसंख्यक वोट मिल सकता है। जालंधर में 42 फीसदी वोट दलित समाज का है, जिसमें बहुसंख्यक वोट रविदासिया समाज के हैं। जालंधर में नौ में से चार विधानसभा हलके दलितों के लिए आरक्षित हैं। इन चारों सीटों पर जीत हार का फैसला रविदासिया समाज का वोट करता है।
विज्ञापन
डेरा सच्चखंड बल्लां जालंधर में होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में है। कांग्रेस की तरफ से चौधरी संतोख सिंह की पत्नी डॉ. कर्मजीत कौर चौधरी मैदान में उतर सकती हैं। अगर वह मैदान में आती हैं तो बाकी पार्टियों के लिए काफी परेशानी हो सकती है क्योंकि जालंधर में पहली बार कांग्रेस किसी महिला को टिकट देगी, ऐसे में महिलाओं का 50 फीसदी वोट बाकी पार्टियों का गणित खराब कर सकता है। कांग्रेस की तरफ से आदमपुर से विधायक सुखविंदर कोटली पर भी दांव खेला जा सकता है, जो बसपा का वोट बैंक तोड़ने में चाणक्य माने जाते हैं। उनके साथ संत समाज भी है और दलित लीडरशिप का उभरता चेहरा है। कोटली पहले बसपा में थे और पिछले लोकसभा चुनावों में जालंधर में बसपा को दो लाख वोट पड़े। कांग्रेस का एक धड़ा यह भी तैयारी कर रहा है कि बसपा के दो लाख वोट को कैसे कांग्रेस की तरफ लाना है, इसमें कोटली का गणित काम आ सकता है। पिछले लोकसभा चुनाव चौधरी संतोख सिंह 18 हजार मतों के अंतर से ही जीते थे।
विज्ञापन
आप ने अपनी यह रणनीति भी बनानी शुरू कर दी है कि विधायक शीतल अंगुराल की पत्नी नीतू अंगुराल को टिकट दिया जाए। ऐसे में महिलाओं का आपस में मुकाबला होने पर सीट फंस सकती है। नीतू अंगुराल पति के विधायक बनने के बाद से ही लगातार अपने पति का कार्यालय संभाल रही हैं। आप की तरफ से अपना सर्वे करवाने की तैयारी की जा रही है। आप में चार अन्य लोगों के नाम भी पार्टी हाईकमान के पास गए हैं, जिनमें एक रिटायर एसएसपी भी हैं।
वहीं भाजपा की तरफ से यह सीट चुनौती से भरी होगी क्योंकि अगले साल लोकसभा चुनाव हैं और अगर यह सीट हार जाती है तो इसका प्रभाव अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों पर पड़ सकता है। ऐसे में भाजपा की तरफ से दमदार चेहरे को मैदान में उतारा जा सकता है। पार्टी की तरफ से मिशनरी नेता की पीठ थपथपाई जा रही है, जिस पर आरएसएस का पूरा हाथ है।
वहीं अकाली दल की तरफ से पार्टी के उस नेता की तलाश की जा रही है जो उनकी डूबती नैया को पार लगा सके। इसके लिए दलितों के नेता पवन टीनू को मैदान में उतारा जा सकता है। टीनू आदमपुर से विधायक रह चुके हैं और जालंधर में लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं। तमाम पार्टियां रविदासिया समाज पर ही दांव खेलने की तैयारी कर रही हैं। पिछली बार 2019 में जालंधर में लोकसभा चुनाव लोकसभा अकाली दल की टिकट पर चरणजीत सिंह अटवाल ने लड़ा था और चौधरी संतोख सिंह के हाथों हार गए थे। हार के बाद चरणजीत सिंह अटवाल जालंधर में दोबारा सक्रिय नहीं रहे।