किसानों के दिल्ली कूच से मुश्किलें बढ़ीं, हरियाणा बॉर्डर रहेंगे सील, 50 से ज्यादा किसान नेता हिरासत में
- किसान आंदोलन को लेकर हरियाणा सरकार और पुलिस सतर्क, तैनात होगा अतिरिक्त पुलिस बल
- गड़बड़ी की आशंका के चलते विभिन्न जिलों में हिरासत में लिए जा रहे किसान नेता, पुलिस के साथ नोकझोंक भी
- हरियाणा से दिल्ली में दाखिल होने के लिए चार प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर प्रदर्शनकारियों का मुख्य फोकस
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कृषि कानूनों के खिलाफ विभिन्न किसान संगठनों के दिल्ली कूच को लेकर हरियाणा सरकार और पुलिस की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। आंदोलन के दौरान गड़बड़ी की आशंका के चलते पुलिस और प्रशासन सतर्क हो गए। कई जिलों में किसान नेताओं पर दबिश दी जा रही है। मंगलवार शाम तक पुलिस ने 50 से ज्यादा किसान नेताओं को हिरासत में ले लिया है। इसके अलावा कई नेता भूमिगत हो गए हैं।
यह वे किसान नेता है, जिन्हें इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए हरियाणा के विभिन्न जिलों में किसान संगठनों ने मुख्य जिम्मेदारी सौंप रखी है। इन्हीं नेताओं को अपने-अपने इलाकों के किसानों को एकत्रित कर दिल्ली लेकर जाना है। उधर, किसान नेताओं पर दबिश के दौरान कई जिलों में किसानों के परिजनों की पुलिस के साथ विरोध स्वरूप नोकझोंक भी हुई।
उधर, विपक्ष के नेताओं ने भी किसानों की हिरासत को मुद्दा बनाकर प्रदेश सरकार को निशाने पर लिया है। दूसरी ओर, हरियाणा पुलिस का दावा है कि प्रदेश में किसी प्रकार की कोई अनहोनी न हो, इसके लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। इसी के चलते 25 नवंबर दोपहर बाद से पंजाब बॉर्डर भी सील करने की तैयारी चल रही है, क्योंकि प्रदेश पुलिस को आशंका है कि हरियाणा के साथ-साथ दिल्ली कूच के लिए पंजाब के किसान भी हरियाणा से ही आगे बढ़ेंगे।
ट्रकों-ट्रालियों में राशन लेकर पंजाब से निकल पड़े किसान
विभिन्न किसान संगठनों ने 26 और 27 नवंबर को दिल्ली कूच का का एलान किया हुआ है। किसान दिल्ली पहुंचकर अनिश्चितकालीन धरना देना चाहते हैं, ताकि कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बना सकें। इसी सोच के साथ पंजाब के विभिन्न इलाकों से तो किसान जत्थे ट्रकों व ट्रालियों में कई दिनों का राशन भरकर दिल्ली के लिए निकल भी पड़े हैं।
इन किसानों ने फिलहाल हरियाणा से सटे इलाकों में सड़कों पर ही डेरा जमा लिया है और 25 नवंबर को ये किसान आगे बढ़ेंगे। इसी के चलते हरियाणा पुलिस पंजाब के शंभू बॉर्डर समेत अन्य सीमाओं को भी सील करने की तैयारी कर रही है। पंजाब के किसानों को हरियाणा आने से रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया जा रहा है।
चार प्रमुख राजमार्गों पर रहेगी खास नजर
हरियाणा पुलिस को मिली सूचनाओं के अनुसार दिल्ली जाने के लिए बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों द्वारा विभिन्न बॉर्डर प्वाइंटस से होते हुए पंजाब से हरियाणा में प्रवेश करने की संभावना है। इसके अलावा, हरियाणा से दिल्ली जाने वाले प्रदर्शनकारियों का मुख्य फोकस चार प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग अंबाला से दिल्ली, हिसार से दिल्ली, रेवाड़ी से दिल्ली और पलवल से दिल्ली होंगे। इसलिए अंबाला जिला के शंभू बॉर्डर, भिवानी जिला के गांव मुढ़ाल चौक, करनाल जिला की घरौंडा अनाज मंडी, झज्जर जिला के बहादुरगढ़ में टिकरी बॉर्डर व सोनीपत जिला के राई में राजीव गांधी एजुकेशन सिटी में भी प्रदर्शनकारियों द्वारा एकत्रित होने का एक विशेष आह्वान किया गया है।
लग सकता है जाम, यात्रा करने से बचें
किसान आंदोलन के चलते प्रदेश के विभिन्न राजमार्गों पर ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित रहेगा। जबकि कई जगह जाम की भी संभावना है। हरियाणा पुलिस ने भी आशंका जताई है कि जिला पुलिस द्वारा पंचकूला, अंबाला, कैथल, जींद, फतेहाबाद और सिरसा जिलों में सड़कों के माध्यम से पंजाब से हरियाणा में प्रवेश करने वाले बॉर्डर प्वाइंटस पर 25, 26 और 27 नवंबर को यातायात को मोड़ा जा सकता है या सड़क को अवरुद्ध किया जा सकता है। उधर, हरियाणा पुलिस का कहना है कि इन दिनों लोग किसी भी असुविधा से बचने के लिए अपनी यात्रा की योजना उक्त दिनों के लिए पहले बना लें या उसमें संशोधन कर लें। ताकि वे संभावित जाम जैसी स्थिति से बच सकें।
पल-पल की जानकारी लेगी सरकार, बनेंगे कंट्रोल रूम
हरियाणा सरकार ने भी किसानों के इस दिल्ली कूच आंदोलन के मद्देनजर कमर कस ली है। इस आंदोलन की पल-पल की जानकारी सरकार तक पहुंचे, इसके लिए कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे और विशेष समन्वय समिति भी गठित होगी। हरियाणा सरकार ने हर प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए एहतियात के तौर पर सभी आवश्यक कदम उठाने का निर्णय लिया है।
इसी को लेकर मुख्य सचिव विजय वर्धन ने आंदोलन के दौरान कानून और व्यवस्था बनाए रखने के संबंध में प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों, अंबाला, सिरसा, फतेहाबाद, जींद, कैथल, कुरुक्षेत्र और पंचकूला के जिला उपायुक्तों एवं जिला पुलिस अधीक्षकों के साथ वर्चुअल बैठक की। इसमें राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं वित्तायुक्त संजीव कौशल समेत अन्य आला अफसर भी मौजूद रहे।