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Chandigarh News: बिल्डर के घर फायरिंग केस में पांचों मुलाजिमों की कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस
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चंडीगढ़। सेक्टर-21 में बिल्डर अंकित सदाना के घर हुई फायरिंग की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका सवालों के घेरे में आती जा रही है। घटना के वक्त घर पर तैनात पांच पुलिस मुलाजिमों ने रात करीब दो बजे गोलियों की आवाज सुनने के बावजूद न तो तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी और न ही वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। यही नहीं, सुबह गेट और दीवार पर गोलियों के निशान और धमकी भरी पर्ची मिलने के बाद भी जानकारी को दबाए रखा गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अंकित सदाना के जागने के बाद ही उन्हें पूरी घटना की जानकारी दी गई। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए अब जांच का दायरा सुरक्षा में तैनात पांचों पंजाब पुलिस कर्मियों तक बढ़ा दिया गया है। पुलिस इस एंगल से जांच कर रही है कि शूटरों तक यह जानकारी आखिर पहुंची कैसे कि अंकित सदाना उस रात घर पर मौजूद थे। इसी कड़ी में पांचों मुलाजिमों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और उनके संपर्कों की गहन जांच की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, फायरिंग की घटना के अगले दिन अंकित सदाना के मोबाइल पर एक रिकॉर्डिंग आई, जिसमें उनसे 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। प्रारंभिक जांच में यह आवाज गुरुग्राम के कुख्यात गैंगस्टर कौशल चौधरी की बताई जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि अंकित सदाना का गुरुग्राम आना-जाना और वहां के संपर्क इस मामले से कैसे जुड़े हो सकते हैं।
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शूटरों तक सूचना कैसे पहुंची, बना बड़ा सवाल
पुलिस के अनुसार, घटना के समय घर में केवल परिवार के सदस्य और सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी ही मौजूद थे। ऐसे में यह सवाल अहम हो गया है कि शूटरों को उनकी मौजूदगी की सटीक जानकारी किसने दी। गेट पर दो और दीवार पर चार गोलियों के निशान मिले लेकिन मौके से कोई खाली खोल नहीं मिला। इससे आशंका जताई जा रही है कि हमलावर खोल अपने साथ ले गए।
पर्ची से बढ़ी जांच की दिशा, सीसीटीवी से नहीं मिला ठोस सुराग
घर के बाहर गेट के पास मिली पर्ची ने जांच को नई दिशा दी है। पर्ची पर पेन से मोहब्बत रंधावा और पवन शौकीन के नाम लिखे थे, जिन्हें बंबीहा गैंग से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस का मानना है कि पर्ची का मकसद दहशत फैलाना और अपनी पहचान जाहिर करना था। सूत्र बताते हैं कि बंबीहा गैंग और कौशल चौधरी गैंग के आपसी कनेक्शन भी जांच के दायरे में हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई लेकिन घनी धुंध और शून्य दृश्यता के कारण बाइक सवारों की पहचान नहीं हो सकी। वहीं, अंकित सदाना के घर के कैमरे घटना के समय खराब पड़े थे।
हाईलेवल बैठक में बनी आगे की रणनीति
मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी पुष्पेंद्र कुमार और एसएसपी कंवरदीप कौर ने सेक्टर-26 थाने में उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में थाना प्रभारी सरिता रॉय भी मौजूद रहीं। सूत्रों के अनुसार, जल्द ही पांचों पुलिसकर्मियों को पूछताछ के लिए तलब किया जा सकता है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, अंकित सदाना को करीब चार साल पहले भी गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से धमकी मिल चुकी है जिसके बाद उन्हें पुलिस सुरक्षा दी गई थी। अब फायरिंग और रंगदारी की मांग ने इस हाई-प्रोफाइल केस को और संवेदनशील बना दिया है।
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पुलिस सूत्रों के अनुसार, अंकित सदाना के जागने के बाद ही उन्हें पूरी घटना की जानकारी दी गई। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए अब जांच का दायरा सुरक्षा में तैनात पांचों पंजाब पुलिस कर्मियों तक बढ़ा दिया गया है। पुलिस इस एंगल से जांच कर रही है कि शूटरों तक यह जानकारी आखिर पहुंची कैसे कि अंकित सदाना उस रात घर पर मौजूद थे। इसी कड़ी में पांचों मुलाजिमों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और उनके संपर्कों की गहन जांच की जा रही है।
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सूत्रों के मुताबिक, फायरिंग की घटना के अगले दिन अंकित सदाना के मोबाइल पर एक रिकॉर्डिंग आई, जिसमें उनसे 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। प्रारंभिक जांच में यह आवाज गुरुग्राम के कुख्यात गैंगस्टर कौशल चौधरी की बताई जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि अंकित सदाना का गुरुग्राम आना-जाना और वहां के संपर्क इस मामले से कैसे जुड़े हो सकते हैं।
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शूटरों तक सूचना कैसे पहुंची, बना बड़ा सवाल
पुलिस के अनुसार, घटना के समय घर में केवल परिवार के सदस्य और सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी ही मौजूद थे। ऐसे में यह सवाल अहम हो गया है कि शूटरों को उनकी मौजूदगी की सटीक जानकारी किसने दी। गेट पर दो और दीवार पर चार गोलियों के निशान मिले लेकिन मौके से कोई खाली खोल नहीं मिला। इससे आशंका जताई जा रही है कि हमलावर खोल अपने साथ ले गए।
पर्ची से बढ़ी जांच की दिशा, सीसीटीवी से नहीं मिला ठोस सुराग
घर के बाहर गेट के पास मिली पर्ची ने जांच को नई दिशा दी है। पर्ची पर पेन से मोहब्बत रंधावा और पवन शौकीन के नाम लिखे थे, जिन्हें बंबीहा गैंग से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस का मानना है कि पर्ची का मकसद दहशत फैलाना और अपनी पहचान जाहिर करना था। सूत्र बताते हैं कि बंबीहा गैंग और कौशल चौधरी गैंग के आपसी कनेक्शन भी जांच के दायरे में हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई लेकिन घनी धुंध और शून्य दृश्यता के कारण बाइक सवारों की पहचान नहीं हो सकी। वहीं, अंकित सदाना के घर के कैमरे घटना के समय खराब पड़े थे।
हाईलेवल बैठक में बनी आगे की रणनीति
मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी पुष्पेंद्र कुमार और एसएसपी कंवरदीप कौर ने सेक्टर-26 थाने में उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में थाना प्रभारी सरिता रॉय भी मौजूद रहीं। सूत्रों के अनुसार, जल्द ही पांचों पुलिसकर्मियों को पूछताछ के लिए तलब किया जा सकता है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, अंकित सदाना को करीब चार साल पहले भी गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से धमकी मिल चुकी है जिसके बाद उन्हें पुलिस सुरक्षा दी गई थी। अब फायरिंग और रंगदारी की मांग ने इस हाई-प्रोफाइल केस को और संवेदनशील बना दिया है।