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'भारत आखिर कब तक बनेगा गरीबी मुक्त देश', सवाल के जवाब में क्या बोले पीएम मोदी, पढ़ें...
Mon, 04 Feb 2019 02:52 PM IST
दुष्यंत शर्मा
राजेश शांडिल्य, अमर उजाला, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
राजेश शांडिल्य, अमर उजाला, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 04 Feb 2019 02:52 PM IST
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pm modi
- फोटो : social media
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उच्च शिक्षण संस्थानों में शोध और अन्वेषण के लिए 3300 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की श्रीनगर से डिजिटल लांचिंग के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच छात्रों से डिजिटल संवाद भी किया। जब डिजिटल संवाद के तहत सवाल पूछा गया कि भारत आखिर कब तक गरीबी मुक्त देश बनेगा। इसके जवाब में पीएम नरेंद्र मोदी ने बेहद दिलचस्प जवाब दिया।
संवाद करने वालों में देश के पांच छात्रों में से एक कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के छात्र गौरव भी शामिल रहे। गौरव ने पीएम से पूछा कि प्रधानमंत्री जी, देश में गरीबी देखकर दुख होता है। आखिर कब मिटेगी देश से गरीबी? गौरव के सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगर देशवासी ठान लें तो हम जल्द गरीबी से मुक्त हो सकते हैं।
इसके लिए हमें अपने प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित तरीके से प्रयोग करने की आवश्यकता है। आज भारत दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ रही अर्थव्यवस्थाओं में एक है। विश्व में भारत इकलौता ऐसा देश है, जिसमें तेज गति के साथ गरीबी कम हो रही है। इसका सबसे अधिक फायदा दलित, वंचितों के साथ-साथ मुस्लिम आबादी को हुआ है।
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पीएम ने कहा कि देश तय कर ले तो हम हर समस्या से निकल सकते हैं। गरीबी से लड़ना रेवड़ी बांटना नहीं, बल्कि लोगों को सशक्त करना है। उन्हें अहसास कराना होता है कि वे इससे बाहर निकल सकते हैं।
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संवाद करने वालों में देश के पांच छात्रों में से एक कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के छात्र गौरव भी शामिल रहे। गौरव ने पीएम से पूछा कि प्रधानमंत्री जी, देश में गरीबी देखकर दुख होता है। आखिर कब मिटेगी देश से गरीबी? गौरव के सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगर देशवासी ठान लें तो हम जल्द गरीबी से मुक्त हो सकते हैं।
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इसके लिए हमें अपने प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित तरीके से प्रयोग करने की आवश्यकता है। आज भारत दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ रही अर्थव्यवस्थाओं में एक है। विश्व में भारत इकलौता ऐसा देश है, जिसमें तेज गति के साथ गरीबी कम हो रही है। इसका सबसे अधिक फायदा दलित, वंचितों के साथ-साथ मुस्लिम आबादी को हुआ है।
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पीएम ने कहा कि देश तय कर ले तो हम हर समस्या से निकल सकते हैं। गरीबी से लड़ना रेवड़ी बांटना नहीं, बल्कि लोगों को सशक्त करना है। उन्हें अहसास कराना होता है कि वे इससे बाहर निकल सकते हैं।
पीएम मोदी ने ये सब दलील भी दीं...
पीएम मोदी ने कहा कि देश में लोगों को आवास, शिक्षा की सुविधा प्रदान की जा रही है। लोगों को स्वास्थ्य के लिए आयुष्मान भारत से जोड़ा गया है। बड़ी तेजी से गरीबी घटती जा रही है। हमें आशा है कि देश जल्द गरीबी मुक्त होगा। पीएम ने कहा कि सभी लोगों के बैंक में खाते हैं। देश के कुल 25 करोड़ परिवारों में से करीब चार करोड़ परिवार ऐसे थे जिन तक बिजली नहीं पहुंची थी।
हमने प्रयास किया और आज हर घर में बिजली पहुंच रही है। कार्यक्रम के समापन के बाद गौरव ने कहा कि देश में हो रही हर उथल-पुथल के पीछे कहीं न कहीं गरीबी ही जिम्मेदार है। गौरव के पिता की लाडवा में स्कूटर-मोटर साइकिल स्पेयर पार्ट की दुकान है। सितंबर 2018 में पिता एक निजी अस्पताल में भर्ती थे।
उस दौरान उसने देखा कि अस्पताल के काउंटर पर एक रिक्शा वाला गिड़गिड़ा रहा था। उसकी बेटी का इलाज चल रहा था। डॉक्टर ने उससे 70 हजार रुपये का इंतजाम करने का कहा, जिसे देने में वह असमर्थ था। ऐसा बहुत से गरीब लोगों के साथ होता है। गौरव ने कहा कि जब मैं घरों में काम करने वाली नौकरानी से लेकर ढाबों पर काम करने वाले बच्चों, शापिंग मॉल के बाहर गुब्बारे बेचने वाले बच्चों की हालत को देखता हूं, तो बहुत दुख होता है।
हमने प्रयास किया और आज हर घर में बिजली पहुंच रही है। कार्यक्रम के समापन के बाद गौरव ने कहा कि देश में हो रही हर उथल-पुथल के पीछे कहीं न कहीं गरीबी ही जिम्मेदार है। गौरव के पिता की लाडवा में स्कूटर-मोटर साइकिल स्पेयर पार्ट की दुकान है। सितंबर 2018 में पिता एक निजी अस्पताल में भर्ती थे।
उस दौरान उसने देखा कि अस्पताल के काउंटर पर एक रिक्शा वाला गिड़गिड़ा रहा था। उसकी बेटी का इलाज चल रहा था। डॉक्टर ने उससे 70 हजार रुपये का इंतजाम करने का कहा, जिसे देने में वह असमर्थ था। ऐसा बहुत से गरीब लोगों के साथ होता है। गौरव ने कहा कि जब मैं घरों में काम करने वाली नौकरानी से लेकर ढाबों पर काम करने वाले बच्चों, शापिंग मॉल के बाहर गुब्बारे बेचने वाले बच्चों की हालत को देखता हूं, तो बहुत दुख होता है।