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तीन माह में सिर्फ चार दिन बजेगी शहनाई
ब्यूरा/अमर उजाला/ यमुनानगर।
Updated Mon, 29 Sep 2014 12:34 AM IST
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त्योहारों के माह अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर को शादी सीजन माना जाता है, लेकिन इस बार सीजन के बीच करीब दो माह तारा डूबने के कारण शुभ कार्यों के योग नहीं बन रहा है।
ज्योतिषियों के अनुसार वर्ष 2014 के 94 दिन शेष हैं, इनमें सिर्फ चार दिन ही शादी-विवाह जैसे शुभ कार्यों के योग बन रहे हैं। यानी इस बार शहनाई की गूंज बहुत कम सुनाई देगी।
कम मुहूर्त होने का असर अभी से दिखाई देने लगा है। इसी वर्ष शादी करने का मन बना चुके युवक-युवतियों के परिवार के लिए विवाह समारोह के आयोजन को लेकर मारामारी की स्थिति बन गई है। आधे से ज्यादा बैंक्वेट हाल, कैटरिंग से लेकर टेंट व अन्य साजो-सामन तक अभी से बुक हो चुके हैं।
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पंडित महेश शांडिल्य ने बताया कि हिंदू शास्त्रों के अनुसार शादी को सात जन्मों का बंधन माना गया है। इसमें बंधते समय हर दंपति एक-दूजे से मान-सम्मान, ऐश्वर्य और सुख मिलने की कामना करता है। हिंदू धर्म-ग्रंथों में गुरु को मान-सम्मान व ऐेेश्वर्य का और शुक्र को साथ ही सुख का देवता माना गया है।
ऐसे में शुक्र तारा लगने पर विवाह व अन्य शुभ कार्य करना अति उत्तम है, लेकिन इस बार शुक्र का दो अक्तूबर से 27 नवंबर तक डूबे होने के कारण इस बीच शादी-विवाह व अन्य शुभ कार्य नहीं हो सकेंगे। बावजूद इसके यदि कोई इस अवधि में शादी करता है, तो ज्योतिषि की नजर से यह शुभ नहीं मानी जाती है।
नवंबर में एक और दिसंबर में चार मुहूर्त
पंडित महेश शांडिल्य ने बताया कि दो अक्तूबर से 27 नवंबर तक शुक्र तारा डूबा होने कारण इस वर्ष शादियों के बहुत कम दिन बचते हैं। अब केवल चार दिन ही इसके योग बन रहे हैं। चूंकि देवउठावनी एकादशी का अबूझ मुहूर्त होता है, इसलिए तारा डूबने के बावजूद तीन नवंबर को भी विवाह का मुहूर्त रहेगा, जबकि दिसंबर में इसके लिए 2, 3, 5 और 6 तिथि को ही शुभ योग रहेगा।
विवाह समारोह से जुड़ी हर चीज अभी से बुक
शादी के कम मुहूर्त होने के कारण इसी वर्ष विवाह के बंधन में बंधने का मन बना चुके युवक-युवतियों के परिवारों में समय रहते हर चीज बुक करने की होड़ लग गई है। श्राद्ध खत्म होने के बाद से जहां बाजार में खरीदारी को लेकर हलचल तेज हो गई है वहीं, अभी से बैंक्वेट हॉल सहित कैटरिंग से लेकर डीजे, टेंट के अलावा विवाह समारोह की हर वस्तु तक की बुकिंग फुल हो चुकी है। इसके अलावा ज्वेलरी, कॉस्मेटिक, बुटीक, दूल्हे-दुल्हन के परिधान से लेकर मिठाई तक की खरीदारी जोरों पर हो रही है।
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ज्योतिषियों के अनुसार वर्ष 2014 के 94 दिन शेष हैं, इनमें सिर्फ चार दिन ही शादी-विवाह जैसे शुभ कार्यों के योग बन रहे हैं। यानी इस बार शहनाई की गूंज बहुत कम सुनाई देगी।
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कम मुहूर्त होने का असर अभी से दिखाई देने लगा है। इसी वर्ष शादी करने का मन बना चुके युवक-युवतियों के परिवार के लिए विवाह समारोह के आयोजन को लेकर मारामारी की स्थिति बन गई है। आधे से ज्यादा बैंक्वेट हाल, कैटरिंग से लेकर टेंट व अन्य साजो-सामन तक अभी से बुक हो चुके हैं।
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पंडित महेश शांडिल्य ने बताया कि हिंदू शास्त्रों के अनुसार शादी को सात जन्मों का बंधन माना गया है। इसमें बंधते समय हर दंपति एक-दूजे से मान-सम्मान, ऐश्वर्य और सुख मिलने की कामना करता है। हिंदू धर्म-ग्रंथों में गुरु को मान-सम्मान व ऐेेश्वर्य का और शुक्र को साथ ही सुख का देवता माना गया है।
ऐसे में शुक्र तारा लगने पर विवाह व अन्य शुभ कार्य करना अति उत्तम है, लेकिन इस बार शुक्र का दो अक्तूबर से 27 नवंबर तक डूबे होने के कारण इस बीच शादी-विवाह व अन्य शुभ कार्य नहीं हो सकेंगे। बावजूद इसके यदि कोई इस अवधि में शादी करता है, तो ज्योतिषि की नजर से यह शुभ नहीं मानी जाती है।
नवंबर में एक और दिसंबर में चार मुहूर्त
पंडित महेश शांडिल्य ने बताया कि दो अक्तूबर से 27 नवंबर तक शुक्र तारा डूबा होने कारण इस वर्ष शादियों के बहुत कम दिन बचते हैं। अब केवल चार दिन ही इसके योग बन रहे हैं। चूंकि देवउठावनी एकादशी का अबूझ मुहूर्त होता है, इसलिए तारा डूबने के बावजूद तीन नवंबर को भी विवाह का मुहूर्त रहेगा, जबकि दिसंबर में इसके लिए 2, 3, 5 और 6 तिथि को ही शुभ योग रहेगा।
विवाह समारोह से जुड़ी हर चीज अभी से बुक
शादी के कम मुहूर्त होने के कारण इसी वर्ष विवाह के बंधन में बंधने का मन बना चुके युवक-युवतियों के परिवारों में समय रहते हर चीज बुक करने की होड़ लग गई है। श्राद्ध खत्म होने के बाद से जहां बाजार में खरीदारी को लेकर हलचल तेज हो गई है वहीं, अभी से बैंक्वेट हॉल सहित कैटरिंग से लेकर डीजे, टेंट के अलावा विवाह समारोह की हर वस्तु तक की बुकिंग फुल हो चुकी है। इसके अलावा ज्वेलरी, कॉस्मेटिक, बुटीक, दूल्हे-दुल्हन के परिधान से लेकर मिठाई तक की खरीदारी जोरों पर हो रही है।