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ग्लोबल एलुमनी समिट: PGI चंडीगढ़ में देश-विदेश से आए 500 से ज्यादा पूर्व छात्र, सिर पर टोपी, माथे पर तिलक
Sat, 26 Oct 2024 12:09 PM IST
अंकेश ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Sat, 26 Oct 2024 12:09 PM IST
सार
पीजीआई चंडीगढ़ में ग्लोबल एलुमनी समिट का आयोजन हो रहा है। समिट में देश विदेश से 500 से ज्यादा पीजीआई के पूर्व छात्र पहुंचे हैं। खास बात यह है कि समिट में आए पीजीआई एलुमनी बीकानेरी टोपी और माथे पर तिलक लगाकर पहुंचे थे।
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पीजीआई में ग्लोबल एलुमनी मीट में पहुंचे पीजीआई के डॉक्टर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पीजीआई चंडीगढ़ के भार्गव ऑडिटोरियम में शुक्रवार की शाम एक अलग ही नजारा देखने को मिला। एक तरफ जहां संस्थान के दशकों पुराने छात्र एक-दूसरे से मिलकर भावुक हो रहे थे वही, संस्थान के मौजूदा अधिकारी और डॉक्टर उनका तहे दिल से अभिवादन और स्वागत करने में जुटे थे।
अतिथियों के माथे पर रोली और अक्षत लगाकर बीकानेरी टोपी भेंट की गई। यह मौका था पीजीआई में पहली बार आयोजित ग्लोबल एल्युमनी समिट का। इसमें देश-विदेश से 500 से ज्यादा पूर्व छात्र शामिल हो रहे हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य पीजीआई को वैश्विक पोर्टल पर एक अलग पहचान दिलाना है।
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पूर्व छात्रों का स्वागत करते निदेशक प्रो. विवेक लाल ने कहा कि हमारा संस्थान अपने संस्थापक पिताओं के महान योगदान का प्रमाण है। उनके बिना हम यहां नहीं होते। पीजीआई हमेशा से ही आगे रहा है और रहेगा। पीजीआई जैसा कुछ नहीं है। पीजीआई के नायाब सितारे उसे विश्व पटल पर एक नई चमक देने के लिए एकजुट हुए हैं। इसका परिणाम वाकई अद्भुत और अविस्मरणीय होगा।
पीजीआई एलुमनी एसोसिएशन के प्रमुख सदस्य व पूर्व निदेशक प्रो. योगेश चावला ने कहा कि मैं सम्मानित महसूस करता हूं कि आखिरकार आज एलुमनी एसोसिएशन ने अपनी शुरुआत की, जो कि पहला एलुमनी एसोसिएशन है।
प्रो. चावला ने पूर्व छात्रों से पीजीआई का समर्थन करने का आग्रह किया और सामूहिक कार्यवाही की वकालत करते कहा कि अब समय आ गया है कि हम जागें, अपने पूर्व छात्रों से कम से कम अपने नेटवर्किंग में मदद करने के लिए कहें।
लेफ्टिनेंट जनरल दलजीत सिंह ने कहा कि हर भारतीय का जीवन मायने रखता है। उन्होंने श्रोताओं को शहीद सैनिकों का सम्मान करने के लिए प्रोत्साहित किया और एक दीया शहीदों के नाम जलाकर दिवाली मनाने का आग्रह किया।
जालंधर के टैगोर हॉस्पिटल एंड हार्ट सेंटर के मुख्य चिकित्सा निदेशक डॉ. विजय महाजन ने अपने तनाव को कैसे प्रबंध करें विषय पर आयोजित सत्र में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने आग्रह किया कि संतुलित जीवन जिएं, लालच से बचें, नैतिक व्यवहार बनाए रखें और व्यायाम के साथ अपने शौक को पूरा करने के लिए समय निकालें।
पीजीआई ग्लोबल एलुमनी सेल के संयोजक व पूर्व डीन एकेडमिक प्रो. जीडी पुरी ने बताया कि ग्लोबल एलुमनी सेल के माध्यम से देश-विदेश में बसे एलुमनी अपने पूर्व संस्थान को विश्व में और शक्तिशाली बनाने का प्रयास करेंगे। कोई इलाज की नई तकनीक के बारे में बताएगा तो कोई जांच और नई दवा के बारे में। यही नहीं, इस सेल के माध्यम से जुड़े विश्व स्तर के विशेषज्ञ शोध से लेकर इलाज तक में अपने पूर्व संस्थान की हरसंभव मदद करेंगे। वहीं, उनके बीच प्यार और अपनेपन का रिश्ता और मजबूत होगा।
नई तकनीक की पीजीआई को मिलेगी सबसे पहले जानकारी
प्रो. पुरी ने बताया कि अब तक नए शोध के बारे में प्रकाशन के बाद जानकारी मिलती है लेकिन अब ग्लोबल एलुमनी ग्रुप के माध्यम से विश्वभर के विशेषज्ञों से जुड़ाव संभव होगा। वे नई तकनीक, जांच, इलाज के बारे में जनरल के प्रकाशन से पहले पीजीआई को अपडेट करेंगे। ऐसा होने पर पीजीआई उनकी मदद से मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराने का प्रयास करेगा। प्रो. पुरी ने बताया कि कोविड के दौरान वेबिनार के माध्यम से उन्होंने विश्वभर के विशेषज्ञों से तकनीक के माध्यम से संक्रमण से बचाव पर काम कर सफलता प्राप्त की थी।
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अतिथियों के माथे पर रोली और अक्षत लगाकर बीकानेरी टोपी भेंट की गई। यह मौका था पीजीआई में पहली बार आयोजित ग्लोबल एल्युमनी समिट का। इसमें देश-विदेश से 500 से ज्यादा पूर्व छात्र शामिल हो रहे हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य पीजीआई को वैश्विक पोर्टल पर एक अलग पहचान दिलाना है।
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पूर्व छात्रों का स्वागत करते निदेशक प्रो. विवेक लाल ने कहा कि हमारा संस्थान अपने संस्थापक पिताओं के महान योगदान का प्रमाण है। उनके बिना हम यहां नहीं होते। पीजीआई हमेशा से ही आगे रहा है और रहेगा। पीजीआई जैसा कुछ नहीं है। पीजीआई के नायाब सितारे उसे विश्व पटल पर एक नई चमक देने के लिए एकजुट हुए हैं। इसका परिणाम वाकई अद्भुत और अविस्मरणीय होगा।
पीजीआई एलुमनी एसोसिएशन के प्रमुख सदस्य व पूर्व निदेशक प्रो. योगेश चावला ने कहा कि मैं सम्मानित महसूस करता हूं कि आखिरकार आज एलुमनी एसोसिएशन ने अपनी शुरुआत की, जो कि पहला एलुमनी एसोसिएशन है।
प्रो. चावला ने पूर्व छात्रों से पीजीआई का समर्थन करने का आग्रह किया और सामूहिक कार्यवाही की वकालत करते कहा कि अब समय आ गया है कि हम जागें, अपने पूर्व छात्रों से कम से कम अपने नेटवर्किंग में मदद करने के लिए कहें।
लेफ्टिनेंट जनरल दलजीत सिंह ने कहा कि हर भारतीय का जीवन मायने रखता है। उन्होंने श्रोताओं को शहीद सैनिकों का सम्मान करने के लिए प्रोत्साहित किया और एक दीया शहीदों के नाम जलाकर दिवाली मनाने का आग्रह किया।
जालंधर के टैगोर हॉस्पिटल एंड हार्ट सेंटर के मुख्य चिकित्सा निदेशक डॉ. विजय महाजन ने अपने तनाव को कैसे प्रबंध करें विषय पर आयोजित सत्र में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने आग्रह किया कि संतुलित जीवन जिएं, लालच से बचें, नैतिक व्यवहार बनाए रखें और व्यायाम के साथ अपने शौक को पूरा करने के लिए समय निकालें।
पीजीआई ग्लोबल एलुमनी सेल के संयोजक व पूर्व डीन एकेडमिक प्रो. जीडी पुरी ने बताया कि ग्लोबल एलुमनी सेल के माध्यम से देश-विदेश में बसे एलुमनी अपने पूर्व संस्थान को विश्व में और शक्तिशाली बनाने का प्रयास करेंगे। कोई इलाज की नई तकनीक के बारे में बताएगा तो कोई जांच और नई दवा के बारे में। यही नहीं, इस सेल के माध्यम से जुड़े विश्व स्तर के विशेषज्ञ शोध से लेकर इलाज तक में अपने पूर्व संस्थान की हरसंभव मदद करेंगे। वहीं, उनके बीच प्यार और अपनेपन का रिश्ता और मजबूत होगा।
नई तकनीक की पीजीआई को मिलेगी सबसे पहले जानकारी
प्रो. पुरी ने बताया कि अब तक नए शोध के बारे में प्रकाशन के बाद जानकारी मिलती है लेकिन अब ग्लोबल एलुमनी ग्रुप के माध्यम से विश्वभर के विशेषज्ञों से जुड़ाव संभव होगा। वे नई तकनीक, जांच, इलाज के बारे में जनरल के प्रकाशन से पहले पीजीआई को अपडेट करेंगे। ऐसा होने पर पीजीआई उनकी मदद से मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराने का प्रयास करेगा। प्रो. पुरी ने बताया कि कोविड के दौरान वेबिनार के माध्यम से उन्होंने विश्वभर के विशेषज्ञों से तकनीक के माध्यम से संक्रमण से बचाव पर काम कर सफलता प्राप्त की थी।