{"_id":"69f1150541e4a0645609b234","slug":"pgi-welfare-canteen-to-get-a-facelift-with-a-hi-tech-makeover-worth-rs-13-crore-chandigarh-news-c-16-pkl1049-1006499-2026-04-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: पीजीआई वेलफेयर कैंटीन का बदलेगा चेहरा, 13 करोड़ से होगा हाईटेक कायाकल्प","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: पीजीआई वेलफेयर कैंटीन का बदलेगा चेहरा, 13 करोड़ से होगा हाईटेक कायाकल्प
विज्ञापन
चंडीगढ़। पीजीआई के इम्पलाइज वेलफेयर कैंटीन की तस्वीर अब पूरी तरह बदलने वाली है। लंबे समय से सीवर ओवरफ्लो, गंदगी और सुविधाओं की कमी को लेकर उठ रही शिकायतों के बीच पीजीआई प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए करीब 13 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट के तहत कैंटीन को फुली एयर कंडीशन, आधुनिक और डबल स्टोरी बिल्डिंग के रूप में विकसित किया जाएगा।
प्रशासन के अनुसार, नए कैंटीन में सेंट्रलाइज्ड एसी, बेहतर ड्रेनेज सिस्टम, मजबूत स्ट्रक्चर और साफ-सफाई के लिए आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी। कर्मचारियों को अब एक व्यवस्थित और आरामदायक माहौल में भोजन की सुविधा मिलेगी। यह प्रोजेक्ट कर्मचारियों की यूनियन की वर्षों पुरानी मांग का परिणाम है, जिसे अब हरी झंडी मिल गई है और जल्द ही काम शुरू होने की संभावना है।
खाने की गुणवत्ता भी बदली
कैंटीन में केवल ढांचे का ही नहीं, बल्कि खाने की गुणवत्ता और मेन्यू का भी कायाकल्प किया गया है। पहले जहां डॉक्टरों और कर्मचारियों के भोजन में फर्क देखने को मिलता था, अब दोनों के लिए समान गुणवत्ता का भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। बासमती चावल सभी के लिए लागू किया गया है, जबकि रोजाना बनने वाले एक जैसे भोजन की जगह अब दिन के हिसाब से अलग-अलग पराठे और हरी सब्जियां शामिल की गई हैं। इसके साथ ही कर्मचारियों को भी अब डॉक्टरों की तरह सलाद और संतुलित डाइट दी जा रही है।
विज्ञापन
खाने की गुणवत्ता को लेकर किसी तरह की शिकायत न हो, इसके लिए लोकल वेंडर का टेंडर रद्द कर पंजाब के सरकारी वेंडर को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पीजीआई प्रशासन का कहना है कि नए कैंटीन के शुरू होने के बाद कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं, साफ-सुथरा वातावरण और पौष्टिक भोजन एक ही जगह उपलब्ध होगा, जिससे उनके कार्यक्षमता पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
विज्ञापन
प्रशासन के अनुसार, नए कैंटीन में सेंट्रलाइज्ड एसी, बेहतर ड्रेनेज सिस्टम, मजबूत स्ट्रक्चर और साफ-सफाई के लिए आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी। कर्मचारियों को अब एक व्यवस्थित और आरामदायक माहौल में भोजन की सुविधा मिलेगी। यह प्रोजेक्ट कर्मचारियों की यूनियन की वर्षों पुरानी मांग का परिणाम है, जिसे अब हरी झंडी मिल गई है और जल्द ही काम शुरू होने की संभावना है।
विज्ञापन
खाने की गुणवत्ता भी बदली
कैंटीन में केवल ढांचे का ही नहीं, बल्कि खाने की गुणवत्ता और मेन्यू का भी कायाकल्प किया गया है। पहले जहां डॉक्टरों और कर्मचारियों के भोजन में फर्क देखने को मिलता था, अब दोनों के लिए समान गुणवत्ता का भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। बासमती चावल सभी के लिए लागू किया गया है, जबकि रोजाना बनने वाले एक जैसे भोजन की जगह अब दिन के हिसाब से अलग-अलग पराठे और हरी सब्जियां शामिल की गई हैं। इसके साथ ही कर्मचारियों को भी अब डॉक्टरों की तरह सलाद और संतुलित डाइट दी जा रही है।
विज्ञापन
खाने की गुणवत्ता को लेकर किसी तरह की शिकायत न हो, इसके लिए लोकल वेंडर का टेंडर रद्द कर पंजाब के सरकारी वेंडर को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पीजीआई प्रशासन का कहना है कि नए कैंटीन के शुरू होने के बाद कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं, साफ-सुथरा वातावरण और पौष्टिक भोजन एक ही जगह उपलब्ध होगा, जिससे उनके कार्यक्षमता पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।