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Chandigarh-Haryana News: चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को दिवाली पर ब्याज मुक्त 15 हजार की अग्रिम राशि मिलेगी
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24 तक करना होगा आवेदन, 10 महीने में 1,500 रुपये की किस्त से होगी वसूली
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को दिवाली और अन्य त्योहारों की तैयारी के लिए 15 हजार रुपये की ब्याज मुक्त अग्रिम राशि देने का फैसला किया है। वे इसे 10 महीने में छोटी-छोटी किस्तों में वापस कर सकेंगे। इसके लिए कर्मचारियों को 24 अक्तूबर तक आवेदन करना होगा। वित्त विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
सरकार के फैसले से पात्र कर्मचारियों को त्योहारों के दौरान अतिरिक्त खर्चों के लिए आर्थिक मदद मिलेगी। अग्रिम राशि 30 अक्तूबर तक ही निकाली और वितरित की जा सकेगी। इसके बाद कोषागार अधिकारी कोई बिल पास नहीं करेंगे। वित्त विभाग के आदेश के अनुसार 15 हजार रुपये के अग्रिम की वसूली 10 समान मासिक किस्तों में की जाएगी। इस तरह कर्मचारी को हर महीने 1,500 रुपये लौटाने होंगे।
यह अग्रिम राशि स्थायी और अस्थायी दोनों तरह के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को मिल सकेगी। शर्त यह है कि कर्मचारी के अगले 10 महीने तक सेवा में बने रहने की संभावना हो। अग्रिम राशि संबंधित विभाग के आहरण एवं वितरण अधिकारी की ओर से मंजूर की जाएगी। अस्थायी कर्मचारी को अग्रिम (एडवांस) लेने के लिए किसी स्थायी कर्मचारी की जमानत देनी होगी। मंजूरी से पहले डीडीओ को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कर्मचारी पूरी राशि लौटाने तक सेवा में बना रहेगा।
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पति-पत्नी दोनों सरकारी नौकरी में हैं तो एक को ही मिलेगी अग्रिम राशि
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि पति और पत्नी दोनों सरकारी नौकरी में हैं तो अग्रिम राशि का लाभ उनमें से केवल एक को ही मिलेगा। वहीं, कार्य-प्रभारित, आकस्मिक निधि से वेतन पाने वाले, दैनिक वेतनभोगी और संविदा कर्मचारी इस योजना के पात्र नहीं होंगे। दूसरा सरकारी विभागों, निगमों या स्थानीय निकायों में प्रतिनियुक्ति पर गए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को उनके मूल विभाग से यह अग्रिम राशि नहीं मिलेगी। वहीं, निलंबित कर्मचारियों और उन कर्मचारियों के आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे जिनके खिलाफ 27 सितंबर 2021 के पत्र के अनुसार हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम 2016 के नियम-7 के तहत कार्रवाई लंबित है। यदि किसी अपात्र कर्मचारी को अग्रिम राशि मंजूर की जाती है तो इसके लिए संबंधित डीडीओ जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा अग्रिम राशि का दुरुपयोग करने पर कर्मचारी से 10 प्रतिशत की दर से दंडात्मक ब्याज वसूला जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को दिवाली और अन्य त्योहारों की तैयारी के लिए 15 हजार रुपये की ब्याज मुक्त अग्रिम राशि देने का फैसला किया है। वे इसे 10 महीने में छोटी-छोटी किस्तों में वापस कर सकेंगे। इसके लिए कर्मचारियों को 24 अक्तूबर तक आवेदन करना होगा। वित्त विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
सरकार के फैसले से पात्र कर्मचारियों को त्योहारों के दौरान अतिरिक्त खर्चों के लिए आर्थिक मदद मिलेगी। अग्रिम राशि 30 अक्तूबर तक ही निकाली और वितरित की जा सकेगी। इसके बाद कोषागार अधिकारी कोई बिल पास नहीं करेंगे। वित्त विभाग के आदेश के अनुसार 15 हजार रुपये के अग्रिम की वसूली 10 समान मासिक किस्तों में की जाएगी। इस तरह कर्मचारी को हर महीने 1,500 रुपये लौटाने होंगे।
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यह अग्रिम राशि स्थायी और अस्थायी दोनों तरह के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को मिल सकेगी। शर्त यह है कि कर्मचारी के अगले 10 महीने तक सेवा में बने रहने की संभावना हो। अग्रिम राशि संबंधित विभाग के आहरण एवं वितरण अधिकारी की ओर से मंजूर की जाएगी। अस्थायी कर्मचारी को अग्रिम (एडवांस) लेने के लिए किसी स्थायी कर्मचारी की जमानत देनी होगी। मंजूरी से पहले डीडीओ को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कर्मचारी पूरी राशि लौटाने तक सेवा में बना रहेगा।
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पति-पत्नी दोनों सरकारी नौकरी में हैं तो एक को ही मिलेगी अग्रिम राशि
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि पति और पत्नी दोनों सरकारी नौकरी में हैं तो अग्रिम राशि का लाभ उनमें से केवल एक को ही मिलेगा। वहीं, कार्य-प्रभारित, आकस्मिक निधि से वेतन पाने वाले, दैनिक वेतनभोगी और संविदा कर्मचारी इस योजना के पात्र नहीं होंगे। दूसरा सरकारी विभागों, निगमों या स्थानीय निकायों में प्रतिनियुक्ति पर गए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को उनके मूल विभाग से यह अग्रिम राशि नहीं मिलेगी। वहीं, निलंबित कर्मचारियों और उन कर्मचारियों के आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे जिनके खिलाफ 27 सितंबर 2021 के पत्र के अनुसार हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम 2016 के नियम-7 के तहत कार्रवाई लंबित है। यदि किसी अपात्र कर्मचारी को अग्रिम राशि मंजूर की जाती है तो इसके लिए संबंधित डीडीओ जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा अग्रिम राशि का दुरुपयोग करने पर कर्मचारी से 10 प्रतिशत की दर से दंडात्मक ब्याज वसूला जाएगा।