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पीजीआई को जा रहा था चंडीगढ़ कोटे का ऑक्सीजन, जांच में पकड़ा तो लगाई रोक

Sun, 09 May 2021 02:46 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sun, 09 May 2021 02:46 AM IST
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PGI was going to the Chandigarh quota of oxygen, if caught in the investigation, it was withheld
चंडीगढ़। शहर में मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति पर यूटी प्रशासन और पीजीआई आमने-सामने आ गए हैं। शनिवार को जांच में सामने आया है कि एनेस्थेटिक गैसेज प्राइवेट लिमिटेड (एजीपीएल) यूटी प्रशासन के कोटे से पीजीआई के बी-टाइप सिलिंडर को भर रहा था। प्रशासन के अधिकारियों ने पाया कि कई दिनों से यह खेल चल रहा था, जिस पर तुरंत रोक लगा दी गई और पीजीआई के सिलिंडर भरने से एजेंसी को मना कर दिया गया।
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सूत्रों के अनुसार एजेंसी ने प्रशासन के कोटे से शुक्रवार को करीब 75 सिलिंडर भर कर दिए हैं, जबकि शनिवार सुबह तक 55 बी-टाइप सिलिंडर भर कर भिजवाए गए थे। इसके बाद भी कुछ अन्य सिलिंडर भरने की तैयारी चल रही थी। यूटी प्रशासन की ओर से पीजीआई के सिलिंडर नहीं भरने के आदेश देने के बाद एजीपीएल ने पीजीआई के निदेशक को एक पत्र लिखा और सारे मामले की जानकारी दी। एजेंसी ने लिखा है कि शनिवार को यूटी प्रशासन के अधिकारी आईएएस यशपाल गर्ग, पीसीएस जगजीत सिंह, मनजीत सिंह व अन्य अधिकारियों ने जांच की। उन्होंने यह भी देखा कि एजेंसी की ओर से किस अस्पताल को कितनी ऑक्सीजन आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने पाया कि एजेंसी की ओर से पीजीआई के बी-टाइप सिलिंडर भरे जा रहे हैं। इस पर अधिकारियों ने तुरंत रोक लगाने को कहा। एजीपीएल ने पीजीआई को आगे लिखा कि अगर पीजीआई अपने सिलिंडरों को भरवाना चाहता है तो ऑक्सीजन भी उन्हीं को मुहैया कराना पड़ेगा। उधर, पीजीआई ने इस संबंध में केंद्र को जानकारी दे दी है।
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निजी अस्पताल, कोविड केयर व अन्य के लिए दिए गए दो एमटी के कोटे में से हो रहा था खेल
केंद्र सरकार की तरफ से 20 एमटी पीजीआई और 20 एमटी ऑक्सीजन चंडीगढ़ प्रशासन के अधीन आने वाले अस्पतालों के लिए रोजाना मिल रही है। यूटी प्रशासन को मिलने वाले 20 एमटी मेडिकल ऑक्सीजन में से 18 एमटी सीधे जीएमसीएच-32, जीएमएसएच-16 व सेक्टर-48 के अस्पताल को जाता है। बाकी बचे 2 एमटी ऑक्सीजन को प्रशासन शहर के तीन निजी एजेंसियों को देता है, ताकि वह निजी अस्पतालों, मिनी कोविड केयर सेंटर व अन्य को उनके सिलिंडर में भरकर ऑक्सीजन मुहैया करा सकें। इन तीन निजी वेंडरों में से एक एजीपीएल भी है। बता दें कि पीजीआई का कोटा 20 एमटी का है, लेकिन ऑक्सीजन की खपत रोजाना की करीब 22 से 23 एमटी है। इस वजह से वह अन्य जगहों से ऑक्सीजन भरवाने की जद्दोजहद में लगा है।
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पीजीआई प्रशासन ने चंडीगढ़ प्रशासन से मदद की अपील की
ऑक्सीजन सिलिंडर की आपूर्ति पर रोक लगाने के आदेश को लेकर पीजीआई प्रशासन का कहना है कि इस संकट की घड़ी में चंडीगढ़ प्रशासन को उनकी मदद करनी चाहिए। पीजीआई में कोविड प्रबंधन के नोडल अधिकारी डॉ. जीडी पुरी का कहना है कि पीजीआई में ऑक्सीजन की आपूर्ति को लेकर केंद्र सरकार से मात्रा बढ़ाने का अनुरोध किया गया था, केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ प्रशासन के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है, जबकि पीजीआई में स्थिति अब भी पहले जैसी है। ऐसे में चंडीगढ़ प्रशासन को यह ध्यान रखना होगा कि वह कर्ताधर्ता के रूप में अपने दायित्व का निर्वाह करे। डॉ. पुरी ने बताया कि पंजाब सरकार ने पीजीआई के 60 बड़े ऑक्सीजन सिलिंडर भरने की स्वीकृति दे दी है। कई अन्य जगहों से भी आपूर्ति हो रही है। फिलहाल अभी कोई बड़ी समस्या सामने नहीं आई है।

पीजीआई को 20 एमटी ऑक्सीजन दिया जा रहा है। प्रशासन के अधीन काम करने वाले सरकारी व निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति को प्रभावित कर पीजीआई को अतिरिक्त ऑक्सीजन नहीं दिया जा सकता है। पीजीआई ने केंद्र से कोटा बढ़ाने की मांग की है। हम उनकी मांग का समर्थन करते हैं।
- मनोज परिदा, सलाहकार, यूटी प्रशासक
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